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Bageshwar News: सिमगड़ी डाकखाने का पोस्टमास्टर निलंबित
Mon, 21 Oct 2024 11:53 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
Updated Mon, 21 Oct 2024 11:53 PM IST
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कांडा (बागेश्वर)। सिमगड़ी डाकखाने में हुए गबन के मामले में डाक विभाग ने डाक सेवक/पोस्टमास्टर को प्रथम दृष्टया दोषी मानते हुए निलंबित कर दिया है। आज से छह सदस्यों की टीम मामले की जांच करेगी। डाक अधीक्षक ने ग्रामीणों के सामने पोस्ट ऑफिस में नियमानुसार जमा कराई रकम में गड़बड़ी होने पर पाई-पाई लौटाने की बात दोहराई।
सोमवार को अल्मोड़ा से आए डाक अधीक्षक राजेश कुमार बिनवाल ने सिमगड़ी गांव का भ्रमण किया। उनके साथ सीओ अंकित कंडारी और पुलिस कर्मचारी भी गांव गए थे। डाक अधीक्षक पहले कमेड़ीदेवी गए और बाद में ग्रामीणों को समझाने के लिए सिमगड़ी गांव पहुंचे। उनके गांव पहुंचते ही ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। ग्रामीणों ने पोस्टमास्टर पर गबन का आरोप लगाते हुए हंगामा करना शुरू कर दिया। हालांकि पुलिस की मौजूदगी और डाक अधीक्षक के समझाने के बाद ग्रामीण शांत हुए।
डाक अधीक्षक बिनवाल ने ग्रामीणों को बताया कि वह उनकी समस्या को सुनने के लिए ही आए हैं। डाकखाने में जो भी गड़बड़ी हुई है उसकी विस्तृत जांच की जाएगी। करीब एक घंटे तक समझाने के बाद ग्रामीण माने और जांच कराकर जल्द गबन किए रुपये लौटाने की मांग की। इधर, डाक अधीक्षक बिनवाल ने बताया कि मामले में पोस्टमास्टर/ग्रामीण डाक सेवक सुरेंद्र पंचपाल की भूमिका प्रथम दृष्टया दोषपूर्ण पाई गई है। जिसके चलते उन्हें पद से निलंबित कर दिया है। मामले की जांच करने के लिए डाक उपाधीक्षक और डाक सहायक निरीक्षक की छह सदस्यीय टीम बनाई गई है। मंगलवार से मामले की जांच शुरू की जाएगी।
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क्या था मामला
सिमगड़ी के ग्रामीणों ने गांव के डाकखाने में खोले गए खातों में जमा रुपयों की गड़बड़ी को लेकर 17 अक्तूबर को कमेड़ीदेवी पोस्ट ऑफिस के बाहर प्रदर्शन किया था। शनिवार को डीएम कार्यालय में प्रदर्शन कर मामले की जांच कराने की मांग की थी। ग्रामीणों का कहना था कि डाकखाने में पूरे गांव के करीब 400 खाते हैं, अधिकांश खातों में जमा रकम का गबन किया गया है।
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सोमवार को अल्मोड़ा से आए डाक अधीक्षक राजेश कुमार बिनवाल ने सिमगड़ी गांव का भ्रमण किया। उनके साथ सीओ अंकित कंडारी और पुलिस कर्मचारी भी गांव गए थे। डाक अधीक्षक पहले कमेड़ीदेवी गए और बाद में ग्रामीणों को समझाने के लिए सिमगड़ी गांव पहुंचे। उनके गांव पहुंचते ही ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। ग्रामीणों ने पोस्टमास्टर पर गबन का आरोप लगाते हुए हंगामा करना शुरू कर दिया। हालांकि पुलिस की मौजूदगी और डाक अधीक्षक के समझाने के बाद ग्रामीण शांत हुए।
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डाक अधीक्षक बिनवाल ने ग्रामीणों को बताया कि वह उनकी समस्या को सुनने के लिए ही आए हैं। डाकखाने में जो भी गड़बड़ी हुई है उसकी विस्तृत जांच की जाएगी। करीब एक घंटे तक समझाने के बाद ग्रामीण माने और जांच कराकर जल्द गबन किए रुपये लौटाने की मांग की। इधर, डाक अधीक्षक बिनवाल ने बताया कि मामले में पोस्टमास्टर/ग्रामीण डाक सेवक सुरेंद्र पंचपाल की भूमिका प्रथम दृष्टया दोषपूर्ण पाई गई है। जिसके चलते उन्हें पद से निलंबित कर दिया है। मामले की जांच करने के लिए डाक उपाधीक्षक और डाक सहायक निरीक्षक की छह सदस्यीय टीम बनाई गई है। मंगलवार से मामले की जांच शुरू की जाएगी।
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क्या था मामला
सिमगड़ी के ग्रामीणों ने गांव के डाकखाने में खोले गए खातों में जमा रुपयों की गड़बड़ी को लेकर 17 अक्तूबर को कमेड़ीदेवी पोस्ट ऑफिस के बाहर प्रदर्शन किया था। शनिवार को डीएम कार्यालय में प्रदर्शन कर मामले की जांच कराने की मांग की थी। ग्रामीणों का कहना था कि डाकखाने में पूरे गांव के करीब 400 खाते हैं, अधिकांश खातों में जमा रकम का गबन किया गया है।