{"_id":"646a5fe7ed248778a20c25bf","slug":"people-face-problems-bageshwar-news-c-8-1-146473-2023-05-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bageshwar News: रेल लाइन निर्माण के लिए अब और इंतजार नहीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bageshwar News: रेल लाइन निर्माण के लिए अब और इंतजार नहीं
Sun, 21 May 2023 11:46 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
Updated Sun, 21 May 2023 11:46 PM IST
विज्ञापन
बागेश्वर तहसील परिसर में रेल लाइन निर्माण की मांग को लेकर प्रदर्शन करते लोग। संवाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बागेश्वर। बागेश्वर में वर्ष 2004 से रेल लाइन निर्माण की मांग के लिए बागेश्वर के लोग संघर्ष कर रहे हैं। रविवार को भी संघर्ष समिति इस मुद्दे पर सड़क पर उतरी। समिति ने रेल लाइन निर्माण की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। संघर्ष समिति ने रेल लाइन निर्माण के लिए अब और इंतजार नहीं करने की बात कही है।
रविवार को टनकपुर-बागेश्वर रेल मार्ग निर्माण संघर्ष समिति की अध्यक्ष नीमा दफौटी के नेतृत्व में लोगों ने तहसील परिसर में प्रदर्शन करने के साथ सभा की। संघर्ष समिति की अध्यक्ष ने कहा कि चुनाव के समय बागेश्वर के लोगों को आश्वासन का झुनझुना थमा दिया जाता है। उसके बाद सरकारें और नेता चुप्पी साध लेते हैं। उन्होंने सांसद अजय टम्टा पर निशाना साधते हुए कहा कि सांसद ने रेल लाइन निर्माण के मुद्दे पर चुप्पी साध रखी है। लोकसभा चुनाव से पहले आंदोलन तेज कर दिया जाएगा। आंदोलनकारियों ने कहा कि रेल लाइन निर्माण के लिए जल्द बजट आवंटित किया जाना चाहिए। प्रदर्शन में प्रताप सिंह गढि़या, प्रवीण सिंह दफौटी, केशवानंद जोशी, बंशीधर जोशी, पदी राम कोहली, गीता रावल, इंदिरा जोशी, सुनीता टम्टा, लक्ष्मी धर्मशक्तू, सरस्वती गैलाकोटी, पार्वती पांडे, हेमलता, शेखर तिवारी, जगदीश चंद्र आदि थे।
नवंबर में पूरा होना था सर्वे का काम
बागेश्वर। वर्ष 1911-12 से बागेश्वर के लोग रेल लाइन का सपना देख रहे हैं। लोगों को टनकपुर-बागेश्वर रेल लाइन का सपना अंग्रेजों ने दिखाया था। देश की आजादी के बाद सामरिक महत्व की इस परियोजना को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। आजादी के बाद कई बार रेल लाइन का सर्वे हो चुका है। बीते विधानसभा चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हल्द्वानी में हुई सभा में टनकपुर-बागेश्वर रेल लाइन निर्माण की घोषणा की। इस घोषणा के अनुसार वर्तमान में ब्राडगेज रेल लाइन का सर्वे चल रहा है। बीते वर्ष 26 नवंबर को सर्वे का काम पूरा हो जाना चाहिए था लेकिन अब तक रेल लाइन निर्माण का कार्य पूरा नहीं हुआ है।
विज्ञापन
बीते अप्रैल में उत्तर रेलवे मुख्यालय गोरखपुर ने इस साल के अंत तक सर्वे का काम पूरा होने की जानकारी आरटीआई के तहत दी। इस पर अमर उजाला ने अप्रैल में खबर प्रकाशित की थी। संवाद
प्रधानमंत्री की घोषणा के बाद भी रेल लाइन की सर्वे में तेजी न आना अफसोसजनक है। सर्वे की प्रगति के बारे में संघर्ष समिति को जानकारी नहीं दी जाती। अब उपेक्षा सहन नहीं की जाएगी। नीमा दफौटी अध्यक्ष टनकपुर-बागेश्वर रेल मार्ग निर्माण संघर्ष समिति।
रेल लाइन का सपना बचपन से देखते आ रहे हैं। कई बार चुने हुए नेताओं ने रेल लाइन निर्माण की घोषणा की लेकिन घोषणा पूरी करने पर ध्यान नहीं दिया।
केशवानंद जोशी संरक्षक संघर्ष समिति।
केवल चुनाव के समय रेल लाइन की बात करना बागेश्वर की जनता का अपमान है। विधानसभा उपचुनाव और लोकसभा चुनाव में नेताओं को इस विषय पर उत्तर देना होगा।
बंशीधर जोशी संरक्षक संघर्ष समिति।
रेल लाइन की सर्वे का काम काफी धीमी गति से हो रहा है। रेल लाइन सामरिक दृष्टि से भी काफी महत्वपूर्ण है। अपना रेल का सपना साकार होना चाहिए।
गीता रावल महिला उपाध्यक्ष संघर्ष समिति।
रेल लाइन बनने से सरयू घाटी से सटे इलाकों का विकास होगा। बागेश्वर, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, चंपावत के नदी घाटी से सटे इलाकोंं को इसका लाभ मिलेगा।
इंदिरा जोशी महिला उपाध्यक्ष संघर्ष समिति।
विज्ञापन
रविवार को टनकपुर-बागेश्वर रेल मार्ग निर्माण संघर्ष समिति की अध्यक्ष नीमा दफौटी के नेतृत्व में लोगों ने तहसील परिसर में प्रदर्शन करने के साथ सभा की। संघर्ष समिति की अध्यक्ष ने कहा कि चुनाव के समय बागेश्वर के लोगों को आश्वासन का झुनझुना थमा दिया जाता है। उसके बाद सरकारें और नेता चुप्पी साध लेते हैं। उन्होंने सांसद अजय टम्टा पर निशाना साधते हुए कहा कि सांसद ने रेल लाइन निर्माण के मुद्दे पर चुप्पी साध रखी है। लोकसभा चुनाव से पहले आंदोलन तेज कर दिया जाएगा। आंदोलनकारियों ने कहा कि रेल लाइन निर्माण के लिए जल्द बजट आवंटित किया जाना चाहिए। प्रदर्शन में प्रताप सिंह गढि़या, प्रवीण सिंह दफौटी, केशवानंद जोशी, बंशीधर जोशी, पदी राम कोहली, गीता रावल, इंदिरा जोशी, सुनीता टम्टा, लक्ष्मी धर्मशक्तू, सरस्वती गैलाकोटी, पार्वती पांडे, हेमलता, शेखर तिवारी, जगदीश चंद्र आदि थे।
विज्ञापन
नवंबर में पूरा होना था सर्वे का काम
बागेश्वर। वर्ष 1911-12 से बागेश्वर के लोग रेल लाइन का सपना देख रहे हैं। लोगों को टनकपुर-बागेश्वर रेल लाइन का सपना अंग्रेजों ने दिखाया था। देश की आजादी के बाद सामरिक महत्व की इस परियोजना को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। आजादी के बाद कई बार रेल लाइन का सर्वे हो चुका है। बीते विधानसभा चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हल्द्वानी में हुई सभा में टनकपुर-बागेश्वर रेल लाइन निर्माण की घोषणा की। इस घोषणा के अनुसार वर्तमान में ब्राडगेज रेल लाइन का सर्वे चल रहा है। बीते वर्ष 26 नवंबर को सर्वे का काम पूरा हो जाना चाहिए था लेकिन अब तक रेल लाइन निर्माण का कार्य पूरा नहीं हुआ है।
विज्ञापन
बीते अप्रैल में उत्तर रेलवे मुख्यालय गोरखपुर ने इस साल के अंत तक सर्वे का काम पूरा होने की जानकारी आरटीआई के तहत दी। इस पर अमर उजाला ने अप्रैल में खबर प्रकाशित की थी। संवाद
प्रधानमंत्री की घोषणा के बाद भी रेल लाइन की सर्वे में तेजी न आना अफसोसजनक है। सर्वे की प्रगति के बारे में संघर्ष समिति को जानकारी नहीं दी जाती। अब उपेक्षा सहन नहीं की जाएगी। नीमा दफौटी अध्यक्ष टनकपुर-बागेश्वर रेल मार्ग निर्माण संघर्ष समिति।
रेल लाइन का सपना बचपन से देखते आ रहे हैं। कई बार चुने हुए नेताओं ने रेल लाइन निर्माण की घोषणा की लेकिन घोषणा पूरी करने पर ध्यान नहीं दिया।
केशवानंद जोशी संरक्षक संघर्ष समिति।
केवल चुनाव के समय रेल लाइन की बात करना बागेश्वर की जनता का अपमान है। विधानसभा उपचुनाव और लोकसभा चुनाव में नेताओं को इस विषय पर उत्तर देना होगा।
बंशीधर जोशी संरक्षक संघर्ष समिति।
रेल लाइन की सर्वे का काम काफी धीमी गति से हो रहा है। रेल लाइन सामरिक दृष्टि से भी काफी महत्वपूर्ण है। अपना रेल का सपना साकार होना चाहिए।
गीता रावल महिला उपाध्यक्ष संघर्ष समिति।
रेल लाइन बनने से सरयू घाटी से सटे इलाकों का विकास होगा। बागेश्वर, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, चंपावत के नदी घाटी से सटे इलाकोंं को इसका लाभ मिलेगा।
इंदिरा जोशी महिला उपाध्यक्ष संघर्ष समिति।