{"_id":"6820f0c1ffb558ec19025057","slug":"people-demands-tanakpur-bageshwar-rail-bageshwar-news-c-231-1-ha11008-115465-2025-05-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bageshwar News: 21 साल से चल रहे आंदोलन की अनदेखी कर रही सरकार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bageshwar News: 21 साल से चल रहे आंदोलन की अनदेखी कर रही सरकार
Mon, 12 May 2025 12:17 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
Updated Mon, 12 May 2025 12:17 AM IST
विज्ञापन
बागेश्वर के तहसील में प्रदर्शन करते टनकपुर-बागेश्वर रेललाइन संघर्ष समिति के सदस्य। संवाद
- फोटो : Samvad
बागेश्वर। बागेश्वर-टनकपुर रेल लाइन निर्माण की मांग को लेकर संघर्ष समिति ने तहसील परिसर में प्रदर्शन किया। समिति के सदस्यों ने केंद्र सरकार पर 21 साल से चल रहे आंदोलन की अनदेखी करने का आरोप लगाया। लाइन का निर्माण कार्य शुरू होने तक संघर्ष जारी रखने की चेतावनी दी है।
संघर्ष समिति की अध्यक्ष नीमा दफौटी ने कहा कि सामरिक महत्व की बागेश्वर-टनकपुर रेल लाइन की सर्वे का कार्य अंग्रेजों के शासन काल में ही हो चुका था।
आजादी के बाद केंद्र की सरकारें भी अब तक सर्वे का ही राग अलाप रही हैं। कभी राष्ट्रीय महत्व की परियोजना में शामिल करने तो कभी फाइनल सर्वे के नाम पर सरकार जनता को बरगलाने का कार्य कर रही है। वर्ष 2004 से समिति रेल लाइन की मांग के लिए आंदोलन कर रही है।
सामाजिक कार्यकर्ता अर्जुन देव ने आरोप लगाया कि केंद्र में सरकारें आती-जाती रही, लेकिन प्रत्येक दल की सरकार ने जनता को ठगने का काम किया है। वहां पर केशवानंद जोशी, प्रताप सिंह गढि़या, चरण सिंह बघरी, प्रवीण दफौटी, हेमा जोशी, सरस्वती गैलाकोटी आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
संघर्ष समिति की अध्यक्ष नीमा दफौटी ने कहा कि सामरिक महत्व की बागेश्वर-टनकपुर रेल लाइन की सर्वे का कार्य अंग्रेजों के शासन काल में ही हो चुका था।
आजादी के बाद केंद्र की सरकारें भी अब तक सर्वे का ही राग अलाप रही हैं। कभी राष्ट्रीय महत्व की परियोजना में शामिल करने तो कभी फाइनल सर्वे के नाम पर सरकार जनता को बरगलाने का कार्य कर रही है। वर्ष 2004 से समिति रेल लाइन की मांग के लिए आंदोलन कर रही है।
विज्ञापन
सामाजिक कार्यकर्ता अर्जुन देव ने आरोप लगाया कि केंद्र में सरकारें आती-जाती रही, लेकिन प्रत्येक दल की सरकार ने जनता को ठगने का काम किया है। वहां पर केशवानंद जोशी, प्रताप सिंह गढि़या, चरण सिंह बघरी, प्रवीण दफौटी, हेमा जोशी, सरस्वती गैलाकोटी आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन