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नैल की पहाड़ी से सफल रहा पैराग्लाइडिंग का ट्रायल
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बागेश्वर में नैल पहाड़ी से उड़ान भरते पैराग्लाइडिंग पायलट। संवाद न्यूज एजेंसी
- फोटो : BAGESHWAR
बागेश्वर। लॉकडाउन से साहसिक खेलों में लगे ब्रेक को तोड़ने के लिए साहसिक खेलों से जुड़े लोग आगे आने लगे हैं। रविवार को बागेश्वर के पैराग्लाइडिंग के प्रशिक्षक प्रसिद्ध पायलट जगदीश जोशी (जेजे) के नेतृत्व में जिला मुख्यालय के पास नैल की पहाड़ी से पैराग्लाइडिंग उड़ान का ट्रायल किया गया, जो सफल रहा।
नैल की पहाड़ी से पहली उड़ान ग्वालियर से आए पायलट विष्णु शर्मा के साथ को पायलट के रूप में जिला पंचायत उपाध्यक्ष नवीन परिहार ने भरी। दूसरी उड़ान बागेश्वर पैराग्लाइडिंग एसोसिएशन के निदेशक जगदीश जोशी (जेजे) ने भरी। दोनों ग्लाइडर जिला मुख्यालय के पास द्यांगण के खेतों में सफलता पूर्व उतरे।
जिपं उपाध्यक्ष नवीन परिहार ने पैराग्लाइडिंग के अनुभव साझा करते हुए कहा कि उड़ान काफी रोमांचक थी। जगदीश जोशी और उनकी टीम साहसिक खेलों को बढ़ावा देने के लिए काफी बेहतर काम कर रही है। इन लोगों को प्रोत्साहन देकर पैराग्लाइंडिंग को ऊंचा मुकाम दिलाया जा सकता है। इससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। पायलट जगदीश जोशी ने बताया कि इससे पहले जिले में जालेख, दुलम, मालता की पैराग्लाइडिंग होती रही है। नवंबर में पैराग्लाइडिंग का बेसिक प्रशिक्षण दिया जाना है। इसके लिए देशभर से प्रशिक्षु पहुंचेंगे। इसके लिए नई साइटों का चयन किया जा रहा है।
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कोरोना के कारण इस बार पैरा ग्लाइडिंग को भी पहुंचा नुकसान
बागेश्वर। बारेश्वर में पिछले चार साल से पैराग्लाइडिंग की गतिविधियों का संचालन कर रहे रिटायर्ड फौजी जगदीश जोशी जेजे ने बताया कि जून और जुलाई को छोड़कर सालभर पैराग्लाइडिंग होती थी। एक माह में करीब 15-20 उड़ानें होती थीं। सैलानी भी इससे जुड़े थे लेकिन इस बार एक भी व्यावसायिक उड़ान नहीं हुई। यानी कि कोरोना की मार इस साहसिक खेल पर भी पड़ी।
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नैल की पहाड़ी से पहली उड़ान ग्वालियर से आए पायलट विष्णु शर्मा के साथ को पायलट के रूप में जिला पंचायत उपाध्यक्ष नवीन परिहार ने भरी। दूसरी उड़ान बागेश्वर पैराग्लाइडिंग एसोसिएशन के निदेशक जगदीश जोशी (जेजे) ने भरी। दोनों ग्लाइडर जिला मुख्यालय के पास द्यांगण के खेतों में सफलता पूर्व उतरे।
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जिपं उपाध्यक्ष नवीन परिहार ने पैराग्लाइडिंग के अनुभव साझा करते हुए कहा कि उड़ान काफी रोमांचक थी। जगदीश जोशी और उनकी टीम साहसिक खेलों को बढ़ावा देने के लिए काफी बेहतर काम कर रही है। इन लोगों को प्रोत्साहन देकर पैराग्लाइंडिंग को ऊंचा मुकाम दिलाया जा सकता है। इससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। पायलट जगदीश जोशी ने बताया कि इससे पहले जिले में जालेख, दुलम, मालता की पैराग्लाइडिंग होती रही है। नवंबर में पैराग्लाइडिंग का बेसिक प्रशिक्षण दिया जाना है। इसके लिए देशभर से प्रशिक्षु पहुंचेंगे। इसके लिए नई साइटों का चयन किया जा रहा है।
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कोरोना के कारण इस बार पैरा ग्लाइडिंग को भी पहुंचा नुकसान
बागेश्वर। बारेश्वर में पिछले चार साल से पैराग्लाइडिंग की गतिविधियों का संचालन कर रहे रिटायर्ड फौजी जगदीश जोशी जेजे ने बताया कि जून और जुलाई को छोड़कर सालभर पैराग्लाइडिंग होती थी। एक माह में करीब 15-20 उड़ानें होती थीं। सैलानी भी इससे जुड़े थे लेकिन इस बार एक भी व्यावसायिक उड़ान नहीं हुई। यानी कि कोरोना की मार इस साहसिक खेल पर भी पड़ी।