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Bageshwar News: शिवरात्रि पर बैजनाथ मंदिर में उमड़ती है आस्था, दूर-दराज से पहुंचते हैं श्रद्धालु
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गरुड़ (बागेश्वर)। महाशिवरात्रि पर्व पर गोमती तट स्थित प्रसिद्ध बैजनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है। सुबह से ही मंदिर परिसर में भक्तों की लंबी कतारें लग जाती हैं। स्थानीय क्षेत्र के अलावा कुमाऊं-गढ़वाल के दूर-दराज क्षेत्रों से भी श्रद्धालु भगवान भोलेनाथ के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। श्रद्धालु जलाभिषेक, रुद्राभिषेक और पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करते हैं।
बैजनाथ मंदिर समूह का निर्माण प्राचीन कत्यूरी राजाओं द्वारा लगभग नवीं से 13वीं शताब्दी के बीच कराया गया माना जाता है। पत्थरों से निर्मित यह मंदिर नागर शैली की उत्कृष्ट वास्तुकला का अद्भुत उदाहरण है। मंदिर परिसर में मुख्य शिव मंदिर के साथ कई छोटे-छोटे मंदिर भी स्थित हैं, जिनमें देवी-देवताओं की प्राचीन मूर्तियां स्थापित हैं। मुख्य मंदिर में भगवान शिव, माता पार्वती समेत भगवान गणेश और कार्तिकेय की पूजा की जाती है। सरयू नदी के किनारे स्थित यह धाम धार्मिक आस्था के साथ-साथ ऐतिहासिक और पुरातात्विक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। मंदिर परिसर में शिवरात्रि के अवसर पर विशेष पूजा-अर्चना और भजन-कीर्तन का आयोजन किया जाता है। स्थानीय व्यापारियों के लिए भी यह पर्व विशेष महत्व रखता है।
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बैजनाथ मंदिर समूह का निर्माण प्राचीन कत्यूरी राजाओं द्वारा लगभग नवीं से 13वीं शताब्दी के बीच कराया गया माना जाता है। पत्थरों से निर्मित यह मंदिर नागर शैली की उत्कृष्ट वास्तुकला का अद्भुत उदाहरण है। मंदिर परिसर में मुख्य शिव मंदिर के साथ कई छोटे-छोटे मंदिर भी स्थित हैं, जिनमें देवी-देवताओं की प्राचीन मूर्तियां स्थापित हैं। मुख्य मंदिर में भगवान शिव, माता पार्वती समेत भगवान गणेश और कार्तिकेय की पूजा की जाती है। सरयू नदी के किनारे स्थित यह धाम धार्मिक आस्था के साथ-साथ ऐतिहासिक और पुरातात्विक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। मंदिर परिसर में शिवरात्रि के अवसर पर विशेष पूजा-अर्चना और भजन-कीर्तन का आयोजन किया जाता है। स्थानीय व्यापारियों के लिए भी यह पर्व विशेष महत्व रखता है।
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