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Bageshwar News: अब ब्लड कंपोनेंट के लिए नहीं लगानी होगी अन्य जिलों की दौड़
Sun, 14 Dec 2025 11:41 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
Updated Sun, 14 Dec 2025 11:41 PM IST
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बागेश्वर। जिले के मरीजों और तीमारदारों के लिए राहत भरी खबर है। रक्त संबंधी आपात स्थितियों में अब उन्हें प्लेटलेट्स, प्लाज्मा और अन्य रक्त घटकों के लिए अल्मोड़ा, हल्द्वानी के अस्पतालों की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। स्वास्थ्य विभाग ने जिला अस्पताल में स्थापित ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट को क्रियाशील करने के प्रक्रिया शुरू कर दी है।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत जिला अस्पताल में साल 2024 में ब्लड सेपरेशन कक्ष का निर्माण किया गया। लेकिन संसाधन उपलब्ध न होने और तकनीकी कारणों से इसका संचालन शुरू नहीं हो पाया था। जिसके चलते मरीजों को यूनिट का लाभ नहीं मिल पा रहा था। जिला अस्पताल में भर्ती में मरीजों को ब्लड के विभिन्न कंपोनेंट के लिए अन्य जिलाें में जाना पड़ रहा है। अब स्वास्थ्य विभाग की ओर से यूनिट को संचालित करने की कवायद शुरू कर दी गई है।
यूनिट में ब्लड सेपरेशन मशीन और अन्य उपकरणों की स्थापना से पहले उन्हें बनाने वाली कंपनी के तकनीशियन बागेश्वर पहुंचे। उन्होंने विभिन्न उपकरणों को स्थापित उन्होंने उपकरणों की जांच की और उनके संचालन की तैयारी शुरू कर दी है। ब्लड सेपरेशन यूनिट के शुरू होने से रक्त संबंधी आपात स्थितियों में मरीजों की जान बचाना आसान हो जाएगा। विशेष रूप से डेंगू जैसी बीमारियों या गंभीर सर्जरी के दौरान जब मरीज को केवल एक विशिष्ट रक्त घटकों की आवश्यकता होती है।
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गंभीर मरीजों को रक्त घटकों के लिए अब लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी। जिससे इलाज में लगने वाला महत्वपूर्ण समय बचेगा। डेंगू के मामलों में प्लेटलेट्स की आवश्यकता सबसे अधिक होती है। जो अब यहीं आसानी से उपलब्ध हो सकेगी। दान किए गए एक यूनिट रक्त को कई घटकों में विभाजित किया जा सकेगा। जिससे एक यूनिट रक्त से एक से अधिक मरीजों का इलाज संभव होगा।
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राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत जिला अस्पताल में साल 2024 में ब्लड सेपरेशन कक्ष का निर्माण किया गया। लेकिन संसाधन उपलब्ध न होने और तकनीकी कारणों से इसका संचालन शुरू नहीं हो पाया था। जिसके चलते मरीजों को यूनिट का लाभ नहीं मिल पा रहा था। जिला अस्पताल में भर्ती में मरीजों को ब्लड के विभिन्न कंपोनेंट के लिए अन्य जिलाें में जाना पड़ रहा है। अब स्वास्थ्य विभाग की ओर से यूनिट को संचालित करने की कवायद शुरू कर दी गई है।
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यूनिट में ब्लड सेपरेशन मशीन और अन्य उपकरणों की स्थापना से पहले उन्हें बनाने वाली कंपनी के तकनीशियन बागेश्वर पहुंचे। उन्होंने विभिन्न उपकरणों को स्थापित उन्होंने उपकरणों की जांच की और उनके संचालन की तैयारी शुरू कर दी है। ब्लड सेपरेशन यूनिट के शुरू होने से रक्त संबंधी आपात स्थितियों में मरीजों की जान बचाना आसान हो जाएगा। विशेष रूप से डेंगू जैसी बीमारियों या गंभीर सर्जरी के दौरान जब मरीज को केवल एक विशिष्ट रक्त घटकों की आवश्यकता होती है।
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गंभीर मरीजों को रक्त घटकों के लिए अब लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी। जिससे इलाज में लगने वाला महत्वपूर्ण समय बचेगा। डेंगू के मामलों में प्लेटलेट्स की आवश्यकता सबसे अधिक होती है। जो अब यहीं आसानी से उपलब्ध हो सकेगी। दान किए गए एक यूनिट रक्त को कई घटकों में विभाजित किया जा सकेगा। जिससे एक यूनिट रक्त से एक से अधिक मरीजों का इलाज संभव होगा।