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सड़क और स्वास्थ्य सुविधा से महरूम है सांसद आदर्श गांव मजकोट

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Wed, 15 Dec 2021 11:54 PM IST
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No Development in Majkot Village
सुमन गोस्वामी - फोटो : BAGESHWAR
बागेश्वर। बागेश्वर और चमोली जिले की सीमा पर बसा गरुड़ विकास खंड का सांसद आदर्श गांव मजकोट सड़क और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाओं से महरूम है। मोटर मार्ग की मांग को लेकर ग्रामीण लंबे समय से संघर्ष कर रहे हैं। ग्रामीणों ने सड़क की मांग को लेकर 18 दिसंबर से आंदोलन का ऐलान किया है।
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मजकोट गांव गरुड़ तहसील मुख्यालय से 24 किमी की दूरी पर बसा है। नौ तोकों में बसे गांव की आबादी ढाई हजार के करीब है। गांव में हाईस्कूल और प्राथमिक विद्यालय हैं, लेकिन स्वास्थ्य केंद्र या एएनएम सेंटर नहीं खुला है।
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गांव से गरुड़ को आने के लिए मुख्य मोटर मार्ग तक छह किमी पैदल चलना पड़ता है। वहीं ग्वालदम बाजार जाने के लिए भी 10 किमी की दूरी तय करनी पड़ती है। गांव के लिए 15 किमी लंबे बीनातोली-कुंझाली-मजकोट मोटर मार्ग की स्वीकृति मिली है। इसमें 10 किमी कटान भी हुआ है।
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हालांकि सड़क का काम वर्ष 2020 से रुका हुआ है। मोटर मार्ग का कटान पूरा करवाने और डामरीकरण की मांग को लेकर ग्रामीणों ने डीएम को ज्ञापन देकर 10 दिन के भीतर काम शुरू करवानेे की मांग की थी। इसकी अवधि पूरी होने के बाद अब ग्रामीणों ने 18 दिसंबर को गरुड़ तहसील और 19 से मजकोट पुल के पास बेमियादी हड़ताल की चेतावनी दी है।
सांसद आदर्श गांव में मूलभूत सुविधाएं न होने से लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ती है। मरीजों को डोली पर अस्पताल ले जाना गांव वालों की नियति बन चुका है। सुविधाएं नहीं होने से गांव से पलायन भी बढ़ रहा है।
नंदन गिरी, ग्रामीण
सड़क और स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं होने से ग्रामीणों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। रोजमर्रा का सामान लाने के लिए भी मीलों पैदल चलना मजबूरी बन गया है। बालिकाओं को हाईस्कूल से आगे की शिक्षा प्राप्त करने में कठिनाई होती है। कई छात्राएं हाईस्कूल से आगे तक पढ़ नहीं पाती हैं।
सुमन गोस्वामी, ग्रामीण
मजकोट गांव को सांसद के गोद लेने के बाद विकास की जो उम्मीद थी, वह फिलहाल पूरी होती नजर नहीं आ रही है। जहां जिले के सुदूरवर्ती गांव तक वाहन सुविधा है, वहीं मजकोट गांव आज भी सड़क की बाट जोह रहा है। लगता है अब आंदोलन ही विकास की राह तय करेगी।

मदन मोहन गुसाईं, ग्राम प्रधान
मजकोट सड़क काफी पहले से स्वीकृत है। ठेकेदारों के विवाद के चलते मामला हाईकोर्ट में लंबित है। ठेकेदारों के बीच सुलह कराने का प्रयास चल रहा है। सड़क बनने के बाद स्वास्थ्य की समस्या का भी स्वत: निदान हो जाएगा।
अजय टम्टा, सांसद अल्मोड़ा-पिथौरागढ़ लोकसभा क्षेत्र
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