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आईटीआई कपकोट में नहीं नये ट्रेड 

Tue, 19 Apr 2016 10:15 PM IST
संजय जोशी, अमर उजाला कपकोट (बागेश्वर)।
संजय जोशी, अमर उजाला कपकोट (बागेश्वर)। Updated Tue, 19 Apr 2016 10:15 PM IST
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 New trades in ITI Kapkot
आईटीअाई - फोटो : अमर उजाला

राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान आईटीआई शासकीय उपेक्षा का दंश झेल रहा है। नौ वर्ष पहले स्थापित इस आईटीआई में आज तक एक भी नया ट्रेड नहीं खुल सका है। विकास की दृष्टि से कोसों दूर आईटीआई में प्रशिक्षणार्थियों के लिए बिजली और पीने की भी उचित व्यवस्था नहीं है। आईटीआई को जोड़ने वाली सड़क डामरीकरण तक नहीं हो सका है। आईटीआई की लंबे समय से हो रही उपेक्षा के कारण क्षेत्र के लोगों में रोष है। उन्होंने राज्यपाल से आईटीआई की हालत सुधारने के लिए प्रभावी कार्रवाई कदम उठाने की मांग की है। 

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बता दें कि तहसील मुख्यालय से चार किमी दूर खाईबगड़ स्थित पूर्व सैनिक संगठन के भवन में वर्ष 2007 में आईटीआई की स्थापना हुई थी। वर्ष 2013 तिमिलाबगड़ में 25 नाली भूमि में 1.61 करोड़ की लागत से भवनों का निर्माण हुआ। यहां इलेक्ट्रीशियन, कंप्यूटर विज्ञान और कटिंग टेलरिंग ट्रेड चल रहे हैं, जिसमें 29 प्रशिक्षणार्थी प्रशिक्षण ले रहे हैं।
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तब से आईटीआई में कोई भी नया ट्रेड नहीं खोला गया है। लोगों का कहना है कि नया ट्रेड नहीं खुलने के कारण युवाओं को सुदूरवर्ती क्षेत्रों को जाने को मजबूर होना पड़ रहा है। इसमें उनका काफी समय और पैसा बर्बाद हो रहा है। गरीब घरों के बच्चे तो धन के अभाव के कारण सुदूरवर्ती क्षेत्रों में नहीं जा पाते। लोगों ने राज्यपाल वेल्डर, प्लंबर और टूरिज्म आदि ट्रेड खोलने की मांग की है। 
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आईटीआई में बिजली और पानी भी नहीं 
आईटीआई का बिजली का बिल जमा नहीं होने के कारण यूपीसीएल ने पिछले दिनों कनेक्शन काट दिया था। संयोजन नहीं जुड़ने के कारण प्रशिक्षणार्थियों को कई परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं। इसी तरह भवन निर्माण करते समय इसमें पीने के पानी का ठोस इंतजाम नहीं किया गया था। निर्माण एजेंसी ने आईटीआई को गांव के स्वजल परियोजना से पानी की आपूर्ति की थी, जो अब कट गया है। इसी भवन में पॉलीटेक्निक भी चल रहा है। पानी के बगैर दोनों संस्थानों में प्रशिक्षण ले रहे प्रशिक्षणार्थी परेशान हो गए हैं। शौचालयों में पानी की व्यवस्था नहीं होने केे कारण वह गंदगी से बजबजा रही है। जिस कारण छात्रा प्रशिक्षणार्थियों को ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। 


वेल्डर, प्लंबर, फैशन डिजाइनिंग और टूरिज्म ट्रेड खोलने के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र भेजा गया है। शासन से धन अवमुक्त होने बिल देकर कनेक्शन को जुड़वाया जाएगा। इन दिनों जनरेटर से व्यवस्था चल रही है। पानी की समस्या के बारे में भी उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। 
- जेडए कुरैशी, प्रधानाचार्य, आईटीआई, कपकोट। 

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