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शामा और काफलीगैर को मिली 108 एंबुलेंस
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बागेश्वर। हाल में जिले को मिलीं पांच नई 108 एंबुलेंस में से एक एंबुलेंस कपकोट के दूरस्थ इलाके शामा और एक एंबुलेंस काफलीगैर के लिए आवंटित कर दी है।
सीएमओ डॉ. बीडी जोशी ने बताया कि तीन एंबुलेंस जिला मुख्यालय में रखीं गईं हैं। अब जिले में 108 एंबुलेंस की संख्या नौ हो गई है।
कपकोट विकासखंड के शामा, लीती, गोगिना, रमाड़ी, नामतीचेटाबगड़ के लोग 108 सेवा के लिए कपकोट पर निर्भर रहते थे जबकि कपकोट से शामा 26 किमी, लीती 34 किमी, नामतीचेटाबगड़ 44 किमी, गोगिना की दूरी 51 किमी है।
वहां कोई भी हादसा होने या गंभीर रूप से बीमार लोगों के साथ ही गर्भवती महिलाओं को प्रसव पीड़ा होने पर 108 सेवा के लिए कपकोट पर निर्भर रहना पड़ता था।
कपकोट से 108 एंबुलेंस आने में काफी समय लग जाता था। इस वजह से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता था। जिला पंचायत सदस्य हरीश ऐठानी शामा को 108 एंबुलेंस सेवा प्रदान करने की मांग लंबे समय से कर रहे थे।
उन्होंने यह मामला कई बार सीएमओ के सामने भी उठाया। अब शामा को 108 एंबुलेंस मिली है। इससे सीमांत इलाके के लोगों को काफी राहत मिलने की उम्मीद है।
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सीएमओ डॉ. बीडी जोशी ने बताया कि तीन एंबुलेंस जिला मुख्यालय में रखीं गईं हैं। अब जिले में 108 एंबुलेंस की संख्या नौ हो गई है।
कपकोट विकासखंड के शामा, लीती, गोगिना, रमाड़ी, नामतीचेटाबगड़ के लोग 108 सेवा के लिए कपकोट पर निर्भर रहते थे जबकि कपकोट से शामा 26 किमी, लीती 34 किमी, नामतीचेटाबगड़ 44 किमी, गोगिना की दूरी 51 किमी है।
वहां कोई भी हादसा होने या गंभीर रूप से बीमार लोगों के साथ ही गर्भवती महिलाओं को प्रसव पीड़ा होने पर 108 सेवा के लिए कपकोट पर निर्भर रहना पड़ता था।
कपकोट से 108 एंबुलेंस आने में काफी समय लग जाता था। इस वजह से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता था। जिला पंचायत सदस्य हरीश ऐठानी शामा को 108 एंबुलेंस सेवा प्रदान करने की मांग लंबे समय से कर रहे थे।
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उन्होंने यह मामला कई बार सीएमओ के सामने भी उठाया। अब शामा को 108 एंबुलेंस मिली है। इससे सीमांत इलाके के लोगों को काफी राहत मिलने की उम्मीद है।