{"_id":"5ee26ba68ebc3e4342526b08","slug":"narega-in-bageshwar-bageshwar-news-hld38597009","type":"story","status":"publish","title_hn":"डीडीओ ने प्रवासियों को जॉबकार्ड के विपरीत कम रोजगार देने पर जताई नाराजगी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डीडीओ ने प्रवासियों को जॉबकार्ड के विपरीत कम रोजगार देने पर जताई नाराजगी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गरुड़/बागेश्वर। डीडीओ केएन तिवारी ने गरुड़ विकासखंड में 414 जॉबकार्ड धारक प्रवासियों में से मात्र 136 लोगों को रोजगार देने पर नाराजगी जताकर दो दिन के भीतर इस्टीमेट तैयार करने के साथ ही रोजगार के इच्छुक सभी प्रवासियों को रोजगार देने के निर्देश दिए। इस्टीमेट बनने तक संबंधितों का वेतन रोकने के निर्देश दिए हैं।
डीडीओ ने बुधवार को गरुड़ विकासखंड कार्यालय का निरीक्षण किया। उन्होंने मनरेगा से प्रवासियों को श्रम आधारित रोजगार देने की समीक्षा की। पाया कि 414 नए प्रवासी जिनका नाम उनके परिवार को पूर्व में जारी जॉब कार्ड में जोड़ा गया है। इसके सापेक्ष मात्र 136 लोगों को रोजगार दिया गया। डीडीओ ने कहा कि यह बहुत कम है। उन्होंने अधिकारी, कर्मचारियों को चेतावनी दी। कहा कि प्रतिदिन की दैनिक रिपोर्ट के आधार पर समीक्षा की जाएगी। डीडीओ ने बताया कि सभी एस्टीमेट बनकर कार्य शुरू होने तक संबंधितों का वेतन रोकने के निर्देश दिए गए हैं। मनरेगा से जल संरक्षण और व्यक्तिगत आजीविका संवर्धन संबंधी कार्य पोल्ट्री शेड, कैटल शेड, गोटरी शेड, फिश पॉन्ड्स का निर्माण कराने को कहा है। कहा है कि यदि प्रगति में सुधार नहीं आता है तो मनरेगा स्टाफ को योजना से पृथक करने की कार्रवाई के साथ ही नियमित स्टाफ, बीडीओ, वीडीओ के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
डीडीओ ने बुधवार को गरुड़ विकासखंड कार्यालय का निरीक्षण किया। उन्होंने मनरेगा से प्रवासियों को श्रम आधारित रोजगार देने की समीक्षा की। पाया कि 414 नए प्रवासी जिनका नाम उनके परिवार को पूर्व में जारी जॉब कार्ड में जोड़ा गया है। इसके सापेक्ष मात्र 136 लोगों को रोजगार दिया गया। डीडीओ ने कहा कि यह बहुत कम है। उन्होंने अधिकारी, कर्मचारियों को चेतावनी दी। कहा कि प्रतिदिन की दैनिक रिपोर्ट के आधार पर समीक्षा की जाएगी। डीडीओ ने बताया कि सभी एस्टीमेट बनकर कार्य शुरू होने तक संबंधितों का वेतन रोकने के निर्देश दिए गए हैं। मनरेगा से जल संरक्षण और व्यक्तिगत आजीविका संवर्धन संबंधी कार्य पोल्ट्री शेड, कैटल शेड, गोटरी शेड, फिश पॉन्ड्स का निर्माण कराने को कहा है। कहा है कि यदि प्रगति में सुधार नहीं आता है तो मनरेगा स्टाफ को योजना से पृथक करने की कार्रवाई के साथ ही नियमित स्टाफ, बीडीओ, वीडीओ के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन