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सड़क की अनदेखी पर आंदोलन की चेतावनी
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कपकोट में तहसीलदार पूजा शर्मा को ज्ञापन सौंपते ग्रामीण। संवाद न्यूज एजेंसी
- फोटो : BAGESHWAR
कपकोट/बागेश्वर। दूणी-सुकुंडा मोटर मार्ग की अनदेखी किए जाने से नाराज ग्रामीणों ने तीन मार्च से आंदोलन की चेतावनी दी है। शुक्रवार को संघर्ष समिति ने तहसीलदार के माध्यम से एसडीएम को ज्ञापन भेजा।
दूणी-सुकुंडा सड़क संघर्ष समिति के अध्यक्ष धन सिंह गढ़िया ने कहा कि 2011 में मोटर मार्ग स्वीकृत हुआ था। उस समय केवल पांच किमी ही सड़क स्वीकृत थी। 2012 से 2017 तक मोटर मार्ग में जिला योजना के तहत कार्य हुआ। इस दौरान सड़क को सात किमी तक पहुंचाया गया। पिछले तीन साल से मार्ग लावारिस छोड़ दिया गया है। ना तो सड़क की मरम्मत की जा रही है और ना ही विस्तार। इस कारण दूणी, पन्याती, खन्यारीन, धौणिंग, तैबाव, पोखरी, सिलपाड़ा, छोया, सुकुंडा के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
कई बार सड़क के संबंध में शासन और प्रशासन को ज्ञापन दिए गए। इसके बावजूद मोटर मार्ग की सुध नहीं ली गई। उन्होंने कहा कि अगर तीन मार्च से पूर्व सड़क में कार्य शुरू नहीं हुआ तो पूर्व नियोजित कार्यक्रम के अनुसार ग्रामीण अनिश्चितकालीन आंदोलन को बाध्य होंगे। वहां उपाध्यक्ष खुशाल सिंह, महिमन सिंह गढ़िया, हरीश कपकोटी आदि शामिल रहे।
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दूणी-सुकुंडा सड़क संघर्ष समिति के अध्यक्ष धन सिंह गढ़िया ने कहा कि 2011 में मोटर मार्ग स्वीकृत हुआ था। उस समय केवल पांच किमी ही सड़क स्वीकृत थी। 2012 से 2017 तक मोटर मार्ग में जिला योजना के तहत कार्य हुआ। इस दौरान सड़क को सात किमी तक पहुंचाया गया। पिछले तीन साल से मार्ग लावारिस छोड़ दिया गया है। ना तो सड़क की मरम्मत की जा रही है और ना ही विस्तार। इस कारण दूणी, पन्याती, खन्यारीन, धौणिंग, तैबाव, पोखरी, सिलपाड़ा, छोया, सुकुंडा के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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कई बार सड़क के संबंध में शासन और प्रशासन को ज्ञापन दिए गए। इसके बावजूद मोटर मार्ग की सुध नहीं ली गई। उन्होंने कहा कि अगर तीन मार्च से पूर्व सड़क में कार्य शुरू नहीं हुआ तो पूर्व नियोजित कार्यक्रम के अनुसार ग्रामीण अनिश्चितकालीन आंदोलन को बाध्य होंगे। वहां उपाध्यक्ष खुशाल सिंह, महिमन सिंह गढ़िया, हरीश कपकोटी आदि शामिल रहे।
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