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Bageshwar News: वनाग्नि की 18 घटनाओं में 20.51 हेक्टेयर जंगल जला
Wed, 01 May 2024 11:42 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
Updated Wed, 01 May 2024 11:42 PM IST
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बागेश्वर के काफलीगैर तहसील के बौड़ी के जंगल में लगी आग। संवाद
- फोटो : Samvad
बागेश्वर में 61,530 रुपये का हो चुका है नुकसान
बागेश्वर। अब तक जिले में 18 घटनाओं में 20.51 हेक्टेयर जंगल जल गए हैं। आग से अनुमानित 61,530 रुपये का नुकसान हो चुका है।
बैजनाथ रेंज के कुलाऊं क्षेत्र में जंगल जलने से 2.10 हेक्टेयर क्षेत्रफल में घास, पिरुल और चीड़ के पेड़-पौधों को नुकसान हुआ है। धरमघर के मजीगांव में वनाग्नि से 1.50 हेक्टेयर और गरुड़ में 1.10 हेक्टेयर वन क्षेत्र जल गया। बागेश्वर, काफलीगैर, दुग नाकुरी, कांडा क्षेत्र के वनों में भी वनाग्नि की छिटपुट घटनाएं लगातार हो रही हैं। आग लगने से जिला मुख्यालय और घाटी वाले इलाकों में धुआं भर गया है। जिसके कारण लोगों को गले, नाक और आंख संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वन विभाग के साथ हंस फाउंडेशन और दमकल विभाग के कर्मचारी भी आग बुझाने में सहयोग कर रहे हैं।
इधर, एसडीओ सुनील कुमार ने बताया कि विभाग की सख्ती के बाद आग की घटनाओं में कमी आई है। वन विभाग के कर्मचारी और फायर वॉचर लगातार वनाग्नि नियंत्रण और जागरूकता कार्यक्रम से जंगलों को बचाने में जुटे हैं।
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बागेश्वर। अब तक जिले में 18 घटनाओं में 20.51 हेक्टेयर जंगल जल गए हैं। आग से अनुमानित 61,530 रुपये का नुकसान हो चुका है।
बैजनाथ रेंज के कुलाऊं क्षेत्र में जंगल जलने से 2.10 हेक्टेयर क्षेत्रफल में घास, पिरुल और चीड़ के पेड़-पौधों को नुकसान हुआ है। धरमघर के मजीगांव में वनाग्नि से 1.50 हेक्टेयर और गरुड़ में 1.10 हेक्टेयर वन क्षेत्र जल गया। बागेश्वर, काफलीगैर, दुग नाकुरी, कांडा क्षेत्र के वनों में भी वनाग्नि की छिटपुट घटनाएं लगातार हो रही हैं। आग लगने से जिला मुख्यालय और घाटी वाले इलाकों में धुआं भर गया है। जिसके कारण लोगों को गले, नाक और आंख संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वन विभाग के साथ हंस फाउंडेशन और दमकल विभाग के कर्मचारी भी आग बुझाने में सहयोग कर रहे हैं।
इधर, एसडीओ सुनील कुमार ने बताया कि विभाग की सख्ती के बाद आग की घटनाओं में कमी आई है। वन विभाग के कर्मचारी और फायर वॉचर लगातार वनाग्नि नियंत्रण और जागरूकता कार्यक्रम से जंगलों को बचाने में जुटे हैं।
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