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वन रक्षकों ने की बीट सहायक देने की मांग
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, बागेश्वर।
Updated Mon, 27 Jun 2016 12:17 AM IST
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वनरक्षकों की बैठक
- फोटो : अमर उजाला
बागेश्वर। उत्तराखंड वन आरक्षी संघ की बैठक में वन रक्षकों ने बीटों में वन रक्षकों को बीट सहायक देने की मांग उठाई। संघ की बैठक में कुल नौ सूत्रीय मांगों पर चर्चा की गई। रविवार को बागनाथ मंदिर परिसर में आयोजित वन आरक्षी संघ की बैठक में वन रक्षकों ने 10 साल की सेवा पूरी होने पर एसीपी का लाभ देने, दो हजार रुपये का ग्रेट वेतन देने, रेंज कार्यालय में हर माह वन क्षेत्राधिकारियों की मौजूदगी में बैठक आयोजित करने, वन रक्षकों को दिनचर्या डायरी उपलब्ध कराने, मानकों के अनुसार स्थानांतरण करने, वर्दी सुविधा देने और वन पंचायतों में छिल्का गुलिया संग्रहण की अनुमति बिना वन रक्षक की जांच आख्या के देने की मांग की गई।
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वक्ताओं ने कहा कि वन पंचायतों में छिल्का गुलिया संग्रहण के लिए वन पंचायतों में बिना बीट अधिकारी की संस्तुति के दिया जा रहा है। वन पंचायतों में इतनी मात्रा में उपलब्ध नहीं होने से आरक्षित वन से चोरी का खतरा रहता है। कहा कि ऐसे व्यवस्था में वन आरक्षी की कोई जिम्मेदारी नहीं होगी। बैठक में महामंत्री गंगा सिंह रावत, श्याम सिंह, शिव राम, गणेश जोशी, प्रयाग दत्त, तारा सिंह, शंकर सिंह, आनंद रावत आदि थे।
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