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जनता दरबार में नहीं आए कई अधिकारी
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, बागेश्वर
Updated Wed, 29 Apr 2015 10:59 PM IST
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काफलीगैर तहसील के बोहाला जनता दरबार कार्यक्रम में विभागों के अधिकारी नहीं पहुंचे। जिससे वहां मौजूद लोगों को खाली हाथ लौटना पड़ा। इससे स्थानीय जन प्रतिनिधियों में नाराजगी है।
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बोहाला में जनता दरबार का कार्यक्रम पहले से तय था। इसमें शिकायतें दर्ज कराने के लिए बोहाला, बौड़ी, असों, कभड़ा, एरियागाड़ आदि गांवों के दर्जनों लोग आए थे। बौड़ी के प्रधान मोहन सिंह ने बताया कि वहां मात्र नायब तहसीलदार चंद्र सिंह, सीएमओ डा जेसी मंडल और लोनिवि के एक अवर अभियंता ही आए थे। सीएमओ से लोगों ने बोहाला में एएनएम सेंटर खोलने की मांग की।
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लोनिवि के अवर अभियंता से दाणोछीना- लोब मोटर मार्ग की सर्वे और समरेखण के मुताबिक ही काम करने की मांग की। इस कार्यक्रम में अन्य विभागों के अधिकारी नहीं आए। जन प्रतिनिधियों ने कहा कि ग्रामीण बिजली, पेयजल, शिक्षा, पेंशन सहित तमाम तमाम विभागों से संबंधित स्थानीय स्तर की समस्याएं लेकर आए थे। लोग दस बजे से एक बजे तक इंतजार करते रहे। बाद में निराश होकर वहां से वापस लौट गए। लोगों की शिकायतें नायब तहसीलदार ने प्राप्त की। उन्हें कार्रवाई के लिए विभागों के पास भेजा। इस मौके पर पूर्व प्रधान शंभू दत्त मिश्रा, कमला कांत मिश्रा, नरेंद्र रावत, शंकर मिश्रा आदि ने अधिकारियों के रवैये पर रोष जताया। ग्रामीणों का आरोप था कि अधिकारी जनता दरबार के कार्यक्रमों को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं।
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सीडीओ हिमांशु जोशी ने बताया कि जनता दरबार में अधिकारियों के नहीं आने के मामले में सभी से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। संतोष जनक जवाब नहीं मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई होगी।