{"_id":"5a42838a4f1c1bfc0f8b60ef","slug":"make-contact-with-the-collector","type":"story","status":"publish","title_hn":" कलक्ट्रेट पहुंच कर बोले कठपुड़ियाछीना ब्लॉक बनाओ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कलक्ट्रेट पहुंच कर बोले कठपुड़ियाछीना ब्लॉक बनाओ
अमर उजाला ब्यूरो बागेश्वर।
Updated Tue, 26 Dec 2017 10:44 PM IST
विज्ञापन
कलक्ट्रेट में प्रदर्शन करते कठपुड़ियाछीना क्षेत्रवासी।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कठपुड़ियाछीना की विकासखंड बनाने की मांग जोर पकड़ने लगी है। इसे लेकर कठपुड़ियाछीना क्षेत्र के लोगों ने जन संघर्ष समिति के नेतृत्व में कलक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। क्षेत्रवासियों ने आंदोलन के क्रम को जारी रखते हुए 28 दिसंबर को काफलीगैर तहसील में धरना प्रदर्शन करने की चेतावनी दी है।
विज्ञापन
मंगलवार को जन संघर्ष समिति के नेतृत्व में कलक्ट्रेट पहुंचे कठपुड़ियाछीना क्षेत्र के लोगों ने कहा कि विकासखंड की मांग वर्ष 1998 से उठाई जा रही है। पहले यह गांव अल्मोड़ा के भैंसियाछाना और ताकुला ब्लॉक में आते थे। बागेश्वर जिला बनने के बाद उन्हें बागेश्वर ब्लॉक में शामिल कर दिया गया।
विज्ञापन
बागेश्वर में ग्राम पंचायतों की संख्या अधिक होने से इन गांवों का समुचित विकास नहीं हो पा रहा है। क्षेत्र के विकास के लिए कठपुड़ियाछीना के 49 ग्राम पंचायतों को मिलाकर अलग ब्लॉक बनाया जाना जरूरी है, लेकिन क्षेत्रवासियों की मांग के बावजूद शासन-प्रशासन की ओर से कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
विज्ञापन
इस उपेक्षा के खिलाफ आंदोलन जारी रखा जाएगा। बाद में प्रदर्शनकारियों ने डीएम के माध्यम से मांग संबंधी ज्ञापन मुख्यमंत्री को भेजा। इनमें संघर्ष समिति के अध्यक्ष नरेंद्र सिंह रावत, कैलाश कांडपाल, गोपाल जोशी, नंदन सिंह बिष्ट, खीम सिंह, रमेश चंद्र जोशी, ओम प्रकाश टम्टा, ग्राम प्रधान लीला देवी, नंदन सिंह, भागुली देवी आदि शामिल थे।