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मुख्य टैंक और ट्रीटमेंट प्लांट की वजह से अटकी मंडलसेरा पंपिंग पेयजल योजना
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बागेश्वर के मंडलसेरा में बन रही पेयजल योजना का पंप हाउस। संवाद न्यूज एजेंसी
- फोटो : BAGESHWAR
बागेश्वर। भगवान बागनाथ की नगरी बागेश्वर में सरयू और गोमती दो सदानीरा नदियां होने के बावजूद लोगों को जरूरत से भी आधा पानी नहीं मिल पाता है। नदियों के किनारे रहने वाले लोग जरूरत का पानी जुटाने के लिए वर्ष भर प्राकृतिक जलस्रोतों और हैंडपंपों पर निर्भर रहते हैं।
करीब 30 हजार आबादी वाले बागेश्वर नगर को हर रोज 5.52 एमएलडी पानी की आवश्यकता है। जखेड़ा, अमसरकोट, बिलौना, कठायतबाड़ा समेत कई पेयजल योजनाओं से केवल 3.02 एमएलडी पानी ही मिल पाता है। प्रतिदिन 2.50 एमएलडी पानी की कमी है। नगर की पेयजल किल्लत को दूर करने के लिए सरयू नदी से 3.7 एमएलडी की मंडलसेरा पंपिंग पेयजल योजना बन रही है। योजना का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो गया है।
योजना का मुख्य वितरण टैंक और ट्रीटमेंट प्लांट न बन पाने से योजना का काम पूरा नहीं हो पा रहा है। मुख्य टैंक के लिए कांडा रोड में जमीन चयनित है। वन भूमि हस्तांतरण न होने से मुख्य वितरण टैंक नहीं बन पा रहा है। मंडलसेरा पंपिंग योजना धरातल पर उतर जाती तो फिलहाल नगर को भरपूर पानी मिल जाता।
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मंडलसेरा पंपिंग पेयजल योजना के मुख्य टैंक के लिए जमीन चयनित है। चयनित जमीन को वन अधिनियम से मुक्त करने के लिए पत्रावली भारत सरकार के नोडल को भेजी गई है। जल्द ही वन भूमि हस्तांतरित होने की उम्मीद है। भूमि का मसला सुलटने के बाद मुख्य टैंक बनाकर योजना जनता को समर्पित कर दी जाएगी।
-विपिन कुमार रवि, ईई, पेयजल निगम, बागेश्वर।
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करीब 30 हजार आबादी वाले बागेश्वर नगर को हर रोज 5.52 एमएलडी पानी की आवश्यकता है। जखेड़ा, अमसरकोट, बिलौना, कठायतबाड़ा समेत कई पेयजल योजनाओं से केवल 3.02 एमएलडी पानी ही मिल पाता है। प्रतिदिन 2.50 एमएलडी पानी की कमी है। नगर की पेयजल किल्लत को दूर करने के लिए सरयू नदी से 3.7 एमएलडी की मंडलसेरा पंपिंग पेयजल योजना बन रही है। योजना का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो गया है।
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योजना का मुख्य वितरण टैंक और ट्रीटमेंट प्लांट न बन पाने से योजना का काम पूरा नहीं हो पा रहा है। मुख्य टैंक के लिए कांडा रोड में जमीन चयनित है। वन भूमि हस्तांतरण न होने से मुख्य वितरण टैंक नहीं बन पा रहा है। मंडलसेरा पंपिंग योजना धरातल पर उतर जाती तो फिलहाल नगर को भरपूर पानी मिल जाता।
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मंडलसेरा पंपिंग पेयजल योजना के मुख्य टैंक के लिए जमीन चयनित है। चयनित जमीन को वन अधिनियम से मुक्त करने के लिए पत्रावली भारत सरकार के नोडल को भेजी गई है। जल्द ही वन भूमि हस्तांतरित होने की उम्मीद है। भूमि का मसला सुलटने के बाद मुख्य टैंक बनाकर योजना जनता को समर्पित कर दी जाएगी।
-विपिन कुमार रवि, ईई, पेयजल निगम, बागेश्वर।