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भलू लांग छ मोहना त्यर हसंण..
अमर उजाला ब्यूरो बागेश्वर
Updated Sat, 14 Jan 2017 11:15 PM IST
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उत्तरायणी मेले में थिरकते कलाकार।
- फोटो : अमर उजाला
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धार्मिक नगरी में उत्तरायणी मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम मची हुई है। इसके अंतर्गत शुक्रवार की रात हुई मेले की पहली सांस्कृतिक संध्या में सोनी आनंद की टीम कलाकारों ने कुमाऊंनी और हिंदी गीत और नृत्य प्रस्तुत कर धूम मचाई।
कलाकारों ने भलू लांग छ मोहना त्यर हसंण...समेत कई अन्य गीत और नृत्य पेशकर दर्शकों को समां बांधा। कार्यक्रम में मेलार्थियों ने देर रात तक जगराता का लुत्फ उठाया।
शुक्रवार रात कार्यक्रम स्थल नुमाईशखेत में सोनी आनंद की टीम में शामिल गायक आंनदी, अंजू बिष्ट, सोनू, विशाल साह आदि ने नैनीतालकि नंदा देवी...गीत से कार्यक्रम की शुरुआत की। उन्होंने भलू लांग छ मोहना त्यर हसंण...हाई काकड़ि झिल में लूण पिस सिल में..., अल्माड़ क लाल बजारा..., बेड़ू पाको बारो मासा... फिल्मी गीत हुस्न पहाड़ों का यहां मौसम सदा बहारों का... समेत कई गीत प्रस्तुत दर्शकों को झूमने के लिए मजबूर कर दिया। कमल पंत के नेतृत्व में कलाकारों ने ब्रह्ममुहूर्त तक जगराता पेश किया।
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कार्यक्रम का संचालन जयंत भाकुनी ने किया। इस मौके पर एसडीएम एसएस राणा, तहसीलदार गौरी दत्त तिवारी, नगर पालिकाध्यक्ष गीता रावल, ईओ ईश्वर रावत, हरीश सोनी, भुवन कांडपाल, पंकज पांडे, नवीन साह, प्रकाश जोशी, दीप जोशी और नागेश्वरी जोशी आदि मौजूद थे।
उत्तरायणी मेले के दौरान यहां चौक बाजार में मेलार्थी हुड़के की घमाघम के बीच चांचरी के पारंपरिक गीतों में देर रात तक मस्त रहे। बागेश्वर के आरे गांव और कपकोट के मल्ला दानपुर क्षेत्र से पहुंचे मेलार्थियों ने शिखर डाना ह्यूं पड़ि र छ छोड़ि दे भिना मेरि धपेलि.., साई सनगाड़ कौतिक..., काफली तू पाकलि कब..., र ह टाकि तान शेरू...सनगाड़कि नौमि राधा बाकरा पाठा छन के ना...समेत कई अन्य मन भावन चांचरी के गीतों का गायन किया। हुड़के की थाप पर मेलार्थी जमकर थिरके। इसमें मुख्य रूप से भगवत सिंह खेतवाल, वृक्ष प्रेमी किशन मलड़ा, मोहन राम और नारायण राम आदि शामिल थे।
कलाकारों ने भलू लांग छ मोहना त्यर हसंण...समेत कई अन्य गीत और नृत्य पेशकर दर्शकों को समां बांधा। कार्यक्रम में मेलार्थियों ने देर रात तक जगराता का लुत्फ उठाया।
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शुक्रवार रात कार्यक्रम स्थल नुमाईशखेत में सोनी आनंद की टीम में शामिल गायक आंनदी, अंजू बिष्ट, सोनू, विशाल साह आदि ने नैनीतालकि नंदा देवी...गीत से कार्यक्रम की शुरुआत की। उन्होंने भलू लांग छ मोहना त्यर हसंण...हाई काकड़ि झिल में लूण पिस सिल में..., अल्माड़ क लाल बजारा..., बेड़ू पाको बारो मासा... फिल्मी गीत हुस्न पहाड़ों का यहां मौसम सदा बहारों का... समेत कई गीत प्रस्तुत दर्शकों को झूमने के लिए मजबूर कर दिया। कमल पंत के नेतृत्व में कलाकारों ने ब्रह्ममुहूर्त तक जगराता पेश किया।
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कार्यक्रम का संचालन जयंत भाकुनी ने किया। इस मौके पर एसडीएम एसएस राणा, तहसीलदार गौरी दत्त तिवारी, नगर पालिकाध्यक्ष गीता रावल, ईओ ईश्वर रावत, हरीश सोनी, भुवन कांडपाल, पंकज पांडे, नवीन साह, प्रकाश जोशी, दीप जोशी और नागेश्वरी जोशी आदि मौजूद थे।
उत्तरायणी मेले के दौरान यहां चौक बाजार में मेलार्थी हुड़के की घमाघम के बीच चांचरी के पारंपरिक गीतों में देर रात तक मस्त रहे। बागेश्वर के आरे गांव और कपकोट के मल्ला दानपुर क्षेत्र से पहुंचे मेलार्थियों ने शिखर डाना ह्यूं पड़ि र छ छोड़ि दे भिना मेरि धपेलि.., साई सनगाड़ कौतिक..., काफली तू पाकलि कब..., र ह टाकि तान शेरू...सनगाड़कि नौमि राधा बाकरा पाठा छन के ना...समेत कई अन्य मन भावन चांचरी के गीतों का गायन किया। हुड़के की थाप पर मेलार्थी जमकर थिरके। इसमें मुख्य रूप से भगवत सिंह खेतवाल, वृक्ष प्रेमी किशन मलड़ा, मोहन राम और नारायण राम आदि शामिल थे।