फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Bageshwar News ›   Lit hemp

नारकोटिक्स विभाग के छापे की अफवाह पर महिलाओं ने जला दिए भांग के बीज, रेशे

Mon, 14 Nov 2016 11:20 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, बागेश्वर।
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, बागेश्वर। Updated Mon, 14 Nov 2016 11:20 PM IST
विज्ञापन
Lit hemp
भांग जलाई - फोटो : अमर उजाला

बागेश्वर। भांग की खेती करने वाले लोगों के घरों में छापा पड़ने की अफवाह पर धूराफाट क्षेत्र की महिलाओं ने घरों में रखे भांग के बीज से लेकर रस्सियां बनाने के काम आने वाले रेशे तक जला दिए। यह मामला पूरे दिन चर्चा का विषय बना रहा। हालांकि पुलिस, राजस्व विभाग को इस मामले की कोई जानकारी नहीं है।

विज्ञापन


बताया जा रहा है कि रविवार को धूराफाट क्षेत्र में किसी ने नारकोटिक्स विभाग की टीम द्वारा भांग की खेती करने वालों के घरों में छापा मारने की अफवाह उड़ाई। इसके बाद महिलाओं में यह चर्चा चली कि छापा मारने वाली टीम के पास ऐसे उपकरण हैं, जिनसे छुपाए गए भांग के बीज तक का पता चल जाएगा।
विज्ञापन


यह अफवाह ऐसी उड़ी कि देखते ही देखते धूराफाट क्षेत्र के 12 गांवों तक पहुंच गई। इसके बाद महिलाओं ने अपने-अपने घरों में बीज आदि उपयोगों के लिए रखे गए भांग सहित रस्सियां बनाने के लिए इकट्ठा किए गए भांग के रेशों को भी जला दिया। एक व्यक्ति ने बताया कि रविवार की शाम को क्षेत्र के अलग-अलग गांवों में कई खेतों में आग दिखी। भांग, रेशों को जलाने के बाद क्षेत्र के लोगों को अफवाह का एहसास हुआ। 
विज्ञापन
विज्ञापन


बागेश्वर। भांग से तैयार होने वाले चरस, गांजे जैसे नशीले पदार्थों के कारण भांग की खेती की इजाजत नहीं है। पर्वतीय क्षेत्र में करीब 90 प्रतिशत लोग खेती किसानी से जुड़े हैं। कुछ लोग अन्य फसलों के साथ भांग भी बोते हैं लेकिन केवल अपनी जरूरत के लिए सीमित क्षेत्रफल में होने के कारण इस बुवाई का रकबा नगण्य होता है। कृषि विभाग में भी भांग की खेती की बुवाई के आंकड़े निल हैं। 


बागेश्वर। भांग की खेती भले ही प्रतिबंधित हो लेकिन इसका बीज सभी जगह मिल जाता है। भांग के बीज की गर्म तासीर होने के कारण पर्वतीय क्षेत्र में शीतकाल में इसे उपयोग में लाया जाता है। भांग के बीज का उपयोग कुछ खास सब्जियों, चटनी बनाने में किया जाता है। भांग के बीज की चटनी के साथ बड़ा नींबू सानकर (चूक) खाने का पहाड़ में विशेष प्रचलन है। 
 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed