{"_id":"572399b44f1c1b807aa91823","slug":"lisa-khandadhar-forest-depot-personnel-actively-avoided","type":"story","status":"publish","title_hn":"वन कर्मियों की सक्रियता से बचा कांडाधार लीसा डिपो","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वन कर्मियों की सक्रियता से बचा कांडाधार लीसा डिपो
अमर उजाला ब्यूरो बागेश्वर
Updated Fri, 29 Apr 2016 10:58 PM IST
विज्ञापन
लीसा डिपो के निकट आग
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जिले के जंगलों में धधक रही आग बुझने का नाम ही नहीं ले रही है। बृहस्पतिवार रात जंगल की आग कांडाधार स्थित लीसा डिपो के समीप पहुंच गई। आग की तेज लपटों को देखते हुए वहां अफरातफरी मच गई। सूचना मिलने पर फायर सर्विस कर्मी पानी से भरे वाहन लेकर वहां पहुंचे।
विज्ञापन
दमकल कर्मियों और वनकर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। रात करीब 8.30 बजे असामाजिक तत्वों ने वृक्षमित्र किशन मलड़ा द्वारा मंडलसेरा में स्थापित उत्तराखंड शांतिवन में आग झोंक दी। इससे वहां करीब आठ सौ बेशकीमती पौधे जलकर भस्म हो गए हैं।
विज्ञापन
बृहस्पतिवार को कांडाधार के जंगल में आग लगी थी। आग फैलते फैलते लीसा डिपो के समीप पहुंच गई। फायर ब्रिगेड और वन कर्मियों की सक्रियता से आग पर काबू कर लिया। लोगों का कहना है कि आग बुझाने में जरा सी देर होती तो डिपो को भारी नुकसान हो जाता।
विज्ञापन
बृहस्पतिवार शाम असामाजिक तत्वों ने उत्तराखंड शांतिवन में आग झोंक दी। इससे वन में रोपे चंदन, देवदार, पारिजात, देवदार, बांज, रुद्राक्ष, बेलपत्री, बुरांश समेत कई छायादार, फलदार और इमारती पौधे जल गए। आग बुझाने में आसपास के लोगों के अलावा फायर ब्रिगेड के जवानों ने सहयोग दिया। उधर आग से हरसीला, अनर्सा, कुकरौली, कांडा समेत कई जंगलों में आग धधक रही है।