{"_id":"64c6a00d67c1fc1e590a0754","slug":"limestone-mine-landslide-houses-in-danger-bageshwar-news-c-231-1-shld1004-596-2023-07-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bageshwar News: पपों में खड़िया खदान से भूस्खलन, खतरे की जद में मकान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bageshwar News: पपों में खड़िया खदान से भूस्खलन, खतरे की जद में मकान
Sun, 30 Jul 2023 11:08 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
Updated Sun, 30 Jul 2023 11:08 PM IST
विज्ञापन
बागेश्वर के पपों में खड़िया खदान के पास हो रहा भूस्खलन। संवाद
- फोटो : बागेश्वर के पपों में खड़िया खदान के पास हो रहा भूस्खलन। संवाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बागेश्वर। वर्षाकाल में जिले के सीमांत क्षेत्र के लोग कुदरत के कहर का सामना तो कर ही रहे हैं, मानव जनित आपदा से भी लोगों की जान सांसत में है। दुगनाकुरी तहसील के पपों गांव में खड़िया खदान के कारण हो रहे भूस्खलन से कई मकान खतरे में आ गए हैं। एक मकान के लिए गंभीर खतरा हो गया है।
पपों निवासी दरवान सिंह गढि़या पुत्र स्व. प्रेम सिंह गढि़या ने वीडियो जारी कर खड़िया खदान से हो रहे भूस्खलन और मकान को खतरा उत्पन्न होने की जानकारी दी है। वह मकान को बचाने की गुहार लगा रहे हैं। वीडियो में उनकी बेटी भी मकान के लिए उत्पन्न खतरे की जानकारी देतीं नजर आ रही हैं। दरवान सिंह ने बताया कि बीते 21 जुलाई को उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को शिकायती पत्र भेजकर खड़िया खदान संचालक की मनमानी की जानकारी दी थी। मकान को बचाने की गुहार लगाने की अपील की थी, लेकिन कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है।
इधर, कपकोट के पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण का कहना है कि खड़िया खदान में बरसात का पानी भर गया है। बरसात के सीजन में खदान का काम बंद होने के बाद भी गड्ढों को पाटा नहीं गया है। खदान के पास की पूरी पहाड़ी दरक रही है। कभी भी कोई हादसा हो सकता है। उन्होंने बताया कि दरवान सिंह के साथ ही कैलाश सिंह, रघुवीर सिंह, बलवंत रामतेज राम के मकानों के लिए भी खतरा बना हुआ है। उन्होंने गड्ढों को भरवाने के साथ ही भूस्खलन रोकने के उपाय करने की मांग प्रशासन से की है। ग्रामीणों को क्षति का मुआवजा देने की मांग की है।
विज्ञापन
पहले से सीएम पोर्टल पर दर्ज है शिकायत
बागेश्वर। पपों में खड़िया खदान से हो रहे नुकसान और खतरे की शिकायत सीएम पोर्टल में भी दर्ज है। सीएम पोर्टल में शिकायत दर्ज होने के बाद भी आबादी की सुरक्षा के लिए कोई पुख्ता कदम प्रशासन ने नहीं उठाए। वर्षाकाल में 15 जून से सितंबर तक खनन के काम पर रोक रहती है। इस दौरान खननकर्ताओं को खदान में बनाए गए गड्ढों को पाटना होता है, लेकिन इस जिले में इस नियम की अनदेखी हो रही है। संवाद
कोट
पूर्व में भी मामला सामने आया था। सीएम पोर्टल में शिकायत दर्ज है। शिकायत के बाद सुरक्षा के लिए दीवार लगवाई गई थी। एक बार फिर स्थल पर जांच की जाएगी। आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। - हर गिरि, एसडीएम, बागेश्वर
विज्ञापन
पपों निवासी दरवान सिंह गढि़या पुत्र स्व. प्रेम सिंह गढि़या ने वीडियो जारी कर खड़िया खदान से हो रहे भूस्खलन और मकान को खतरा उत्पन्न होने की जानकारी दी है। वह मकान को बचाने की गुहार लगा रहे हैं। वीडियो में उनकी बेटी भी मकान के लिए उत्पन्न खतरे की जानकारी देतीं नजर आ रही हैं। दरवान सिंह ने बताया कि बीते 21 जुलाई को उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को शिकायती पत्र भेजकर खड़िया खदान संचालक की मनमानी की जानकारी दी थी। मकान को बचाने की गुहार लगाने की अपील की थी, लेकिन कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है।
विज्ञापन
इधर, कपकोट के पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण का कहना है कि खड़िया खदान में बरसात का पानी भर गया है। बरसात के सीजन में खदान का काम बंद होने के बाद भी गड्ढों को पाटा नहीं गया है। खदान के पास की पूरी पहाड़ी दरक रही है। कभी भी कोई हादसा हो सकता है। उन्होंने बताया कि दरवान सिंह के साथ ही कैलाश सिंह, रघुवीर सिंह, बलवंत रामतेज राम के मकानों के लिए भी खतरा बना हुआ है। उन्होंने गड्ढों को भरवाने के साथ ही भूस्खलन रोकने के उपाय करने की मांग प्रशासन से की है। ग्रामीणों को क्षति का मुआवजा देने की मांग की है।
विज्ञापन
पहले से सीएम पोर्टल पर दर्ज है शिकायत
बागेश्वर। पपों में खड़िया खदान से हो रहे नुकसान और खतरे की शिकायत सीएम पोर्टल में भी दर्ज है। सीएम पोर्टल में शिकायत दर्ज होने के बाद भी आबादी की सुरक्षा के लिए कोई पुख्ता कदम प्रशासन ने नहीं उठाए। वर्षाकाल में 15 जून से सितंबर तक खनन के काम पर रोक रहती है। इस दौरान खननकर्ताओं को खदान में बनाए गए गड्ढों को पाटना होता है, लेकिन इस जिले में इस नियम की अनदेखी हो रही है। संवाद
कोट
पूर्व में भी मामला सामने आया था। सीएम पोर्टल में शिकायत दर्ज है। शिकायत के बाद सुरक्षा के लिए दीवार लगवाई गई थी। एक बार फिर स्थल पर जांच की जाएगी। आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। - हर गिरि, एसडीएम, बागेश्वर