फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Bageshwar News ›   Letter to the government to declare leopard as man-eating

तेंदुए को आदमखोर घोषित करने के लिए शासन को पत्र भेजा 

Thu, 08 Nov 2018 10:39 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, बागेश्वर।
अमर उजाला ब्यूरो, बागेश्वर। Updated Thu, 08 Nov 2018 10:39 PM IST
विज्ञापन
Letter to the government to declare leopard as man-eating
द्यांगण गांव में लगाया पिंजरा। - फोटो : अमर उजाला
बागेश्वर में तेंदुए द्वारा एक और मासूम का मौत के घाट उतारने के बाद महकमा हरकत में आया है। डीएफओ ने मुख्य वन्य जीव प्रतिपालक को पत्र लिखा है। डीएफओ ने आदमखोर को ट्रैकुलाइज कर पकड़ने या फिर मारने की अनुमति मांगी है। दूसरी ओर ताजा हमले के बाद वन कर्मियों ने नगर भर में तेंदुए को पकड़ने के लिए पांच पिंजड़े लगा दिए हैं। साथ ही प्रभावित क्षेत्रों में गश्त भी तेज कर दी है। 
विज्ञापन


प्रभागीय वनाधिकारी आरके सिंह का कहना है कि हमले के पीछे किसी नए आदमखोर तेंदुए की आशंका है। इस हमले के बाद आदमखोर के लक्षणों समेत तेंदुआ ट्रैस हुआ है। मुख्य वन्य जीव प्रतिपालक को पत्र लिखकर ताजा घटना और वस्तुस्थिति की जानकारी दी है। इसके साथ ही हमलावर तेंदुए को आदमखोर घोषित कर ट्रैंकुलाइज करने या फिर मार गिराने की अनुमति मांगी है। इसके अलावा प्रभावित क्षेत्रों में गश्त तेज कर दी गई है। विभाग ने क्षेत्रवासियों को सावधानी के लिए एहतियात भी जारी की है। इधर, रेंजर एमएस नयाल और वन दरोगा पीडी भट्ट के नेतृत्व में वन कर्मियों ने द्यांगण, झुलकिया, पालनीकोट, नुमाईशखेत आदि क्षेत्र में गश्त कर पिंजड़े लगाए। हालांकि दिनभर की कसरत के बावजूद कुछ हाथ नहीं आया।  
विज्ञापन


शिकार की तलाश में दोबारा द्यांगण धमका तेंदुआ
बागेश्वर। मंगलवार की देर शाम द्यांगण में मासूम बालक को निशाना बनाने वाला तेंदुआ घटना के तीसरे दिन बृहस्पतिवार को  शिकार की तलाश में गांव आया। लोगों ने तेंदुए को दोबारा घटनास्थल और आसपास मंडराते देखा। इससे गांव में दहशत और बढ़ गई। बच्चे और महिलाएं दिनभर घरों में कैद रहे। ग्रामीणों ने आतिशबाजी कर तेेंदुए को भगाने की कोशिश की।  तेंदुए की दहशत से परेशान ग्रामीणों ने वन विभाग से तेंदुए के आतंक से जल्द निजात की मांग की। रेेंजर एमएस नयाल ने बताया कि बुधवार रात तेंदुए पिंजड़े के पास आया। लेकिन पिंजड़े के भीतर नहीं गया। गांव में दो स्थानों पर पिंजड़े लगाए गए हैं।  
विज्ञापन
विज्ञापन


मां ने दूसरे बच्चे समेत ली मायके की शरण ली 
बागेश्वर। आदमखोर के हमले मेें जान गंवा चुके मासूम करन की मां रेखा ने द्यागण गांव छोड़ दिया है।  रेखा ने दूसरे बच्चे के साथ अब मायके की शरण ली है। बृहस्पतिवार को द्यांगण निवासी रेखा दूसरे बच्चे के साथ अपने मायके चली गई। रेखा का कहना है कि ससुराल में जान गंवाने वाले मासूम करन का गम साल रहा है। हर पल आंखों में उसकी तस्वीर घूम रही है। दूसरी ओर दूसरे बच्चे पर खतरा भी बना है। रेंजर एमएस नयाल का कहना है कि मृतक की मां का मुआवजा देने की कार्यवाही चल रही है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed