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अमसरकोट पेयजल योजना से नहीं चला पानी
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बागेश्वर के द्वारिकाछीना में क्षतिग्रस्त अमसरकोट पेयजल योजना की पाइप लाइन की मरम्मत के लिए प्ला
- फोटो : BAGESHWAR
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बागेश्वर। बागेश्वर-गिरेछीना मोटर मार्ग में द्वारिकाछीना के पास पहाड़ी दकरने के कारण नगरपालिका क्षेत्र के सैम मंदिर और ज्वालादेवी वार्ड में मंगलवार को तीसरे दिन भी पानी की आपूर्ति नहीं हो सकी। पहाड़ी के मलबे से पेयजल योजना की पाइप लाइन ध्वस्त हो गई है। सड़क में मलबा जमा होने से जल संस्थान के कर्मचारी लाइन की मरम्मत का काम शुरू नहीं कर सके। हालांकि ठाकुरद्वारा में क्षतिग्रस्त हुई कठायतबाड़ा पंपिंग योजना की पाइप लाइन को सुधार दिया गया है।
पहाड़ी में शुक्रवार शाम हुए भूस्खलन के कारण अमसरकोट पेयजल योजना क्षतिग्रस्त हो गई थी। इसके बाद से सड़क को खोलने का काम लगातार चल रहा है। हालांकि पहाड़ी दरकने के कारण लगातार मलबा गिरने के कारण कई बार काम रोकना पड़ रहा है। सड़क मेें मलबा जमा होने से पेयजल लाइन भी दब गई है। विभागीय कर्मचारी मौके पर जा रहे हैं लेकिन पाइप लाइन की मरम्मत का काम शुरू नहीं हो सका।
पेयजल आपूर्ति ठप होने से सैम मंदिर वार्ड और ज्वालादेवी वार्ड के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोग प्राकृतिक जल स्रोतों और हैंडपंप के सहारे पानी जुटा रहे हैं। वहीं चौरासी क्षेत्र के लोगों को भी दो दिन तक पेयजल संकट का सामना करना पड़ा था। हालांकि विभाग ने टूटी पाइप लाइन की वेल्डिंग करवाकर आपूर्ति सुचारु करवा दी है।
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नौले से की वैकल्पिक व्यवस्था
बागेश्वर। अमसरकोट पेयजल योजना का टैंक सैम मंदिर वार्ड के नदीगांव में बना है। तीन दिन से पानी न आने के बाद विभाग ने वार्ड के ऊपरी छोर पर बने प्राकृतिक स्रोत नौले से टैंक को भरने का प्रयास किया। इन दिनों बारिश के कारण नौले में पानी लबालब भरा है। इसका उपयोग कर उपभोक्ताओं तक पानी पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। हालांकि इससे लोगों को पर्याप्त पानी मिलने की संभावना कम है लेकिन विभागीय कर्मचारियों का कहना है कि परेशान लोगों को थोड़ी राहत जरूर मिलेगी।
द्वारिकाछीना में पहाड़ी से सड़क पर गिरा मलबा पूरी तरह से साफ होने के बाद ही पाइप लाइन की मरम्मत का काम शुरू हो सकेगा। फिलहाल मुख्य लाइन में प्लास्टिक के बड़े पाइप से लाइन को जोड़कर पानी चलाया जाएगा। टैंक को भरने के लिए फिलहाल प्राकृतिक स्रोत से पानी जुटाया जा रहा है। सड़क खुलने के बाद पेयजल लाइन को दुरुस्त करा दिया जाएगा। - सीएस देवड़ी, ईई, जल संस्थान, बागेश्वर।
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पहाड़ी में शुक्रवार शाम हुए भूस्खलन के कारण अमसरकोट पेयजल योजना क्षतिग्रस्त हो गई थी। इसके बाद से सड़क को खोलने का काम लगातार चल रहा है। हालांकि पहाड़ी दरकने के कारण लगातार मलबा गिरने के कारण कई बार काम रोकना पड़ रहा है। सड़क मेें मलबा जमा होने से पेयजल लाइन भी दब गई है। विभागीय कर्मचारी मौके पर जा रहे हैं लेकिन पाइप लाइन की मरम्मत का काम शुरू नहीं हो सका।
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पेयजल आपूर्ति ठप होने से सैम मंदिर वार्ड और ज्वालादेवी वार्ड के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोग प्राकृतिक जल स्रोतों और हैंडपंप के सहारे पानी जुटा रहे हैं। वहीं चौरासी क्षेत्र के लोगों को भी दो दिन तक पेयजल संकट का सामना करना पड़ा था। हालांकि विभाग ने टूटी पाइप लाइन की वेल्डिंग करवाकर आपूर्ति सुचारु करवा दी है।
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नौले से की वैकल्पिक व्यवस्था
बागेश्वर। अमसरकोट पेयजल योजना का टैंक सैम मंदिर वार्ड के नदीगांव में बना है। तीन दिन से पानी न आने के बाद विभाग ने वार्ड के ऊपरी छोर पर बने प्राकृतिक स्रोत नौले से टैंक को भरने का प्रयास किया। इन दिनों बारिश के कारण नौले में पानी लबालब भरा है। इसका उपयोग कर उपभोक्ताओं तक पानी पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। हालांकि इससे लोगों को पर्याप्त पानी मिलने की संभावना कम है लेकिन विभागीय कर्मचारियों का कहना है कि परेशान लोगों को थोड़ी राहत जरूर मिलेगी।
द्वारिकाछीना में पहाड़ी से सड़क पर गिरा मलबा पूरी तरह से साफ होने के बाद ही पाइप लाइन की मरम्मत का काम शुरू हो सकेगा। फिलहाल मुख्य लाइन में प्लास्टिक के बड़े पाइप से लाइन को जोड़कर पानी चलाया जाएगा। टैंक को भरने के लिए फिलहाल प्राकृतिक स्रोत से पानी जुटाया जा रहा है। सड़क खुलने के बाद पेयजल लाइन को दुरुस्त करा दिया जाएगा। - सीएस देवड़ी, ईई, जल संस्थान, बागेश्वर।