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ग्वालाकोट में तेंदुए ने वृद्धा को किया घायल
अमर उजाला ब्यूरो अल्मोड़ा।
Updated Fri, 06 Jul 2018 11:31 PM IST
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तेंदुए के हमले में घायल ग्वालाकोट (चौलेख) निवासी वृद्धा बसंती देवी।
- फोटो : अमर उजाला
जिले के ग्रामीण इलाकों में तेंदुए का आतंक नहीं थम रहा है। तेंदुए ने शुक्रवार की सुबह घास काटने जा रही ग्वालाकोट (चौलेख) में 72 वर्षीय वृद्धा को पंजे मारकर घायल कर दिया। लोगों के शोर मचाने पर तेंदुआ जंगल को भाग निकला। उधर नैनोली गांव में अब तक तेंदुआ पिंजरे में नहीं फंसा है। इससे लोगों में दहशत है।
ग्वालाकोट (चौलेख) गांव निवासी बसंती देवी (72) पत्नी पदम सिंह आज सुबह साढ़े आठ बजे घर से कुछ दूरी पर स्थित जंगल में घास काटने जा रही थी। इसी दौरान झाड़ियों में छिपे तेंदुए ने बसंती देवी पर हमला कर दिया। तेंदुए ने बसंती देवी के पैर में पंजे मार दिए। महिला के चिल्लाने पर मवेशियों को चराने गए लोग मौके पर पहुंचे, तो तेंदुआ भाग निकला। परिजन महिला को घर लाए और उसका उपचार किया गया। जानकारी मिलने पर वन दरोगा शंकर सिंह, राजस्व उप निरीक्षक महिमन भाकुनी और गिरीश चंद्र जोशी भी मौके पर पहुंचे।
उधर नैनोली गांव के लोगों को तेंदुए के आतंक से निजात नहीं मिल सकी है। तेंदुए को पकड़ने के लिए वन विभाग ने गांव में दो पिंजरे लगा रखे हैं, लेकिन अब तक तेंदुआ पिंजरे में नहीं फंसा है। वहीं वन कर्मियों की टीम ट्रेंकुलाइज गन के साथ गांव में रात्रि में गश्त कर रही है, लेकिन वन कर्मियों को अब तक तेंदुआ नजर नहीं आया है।
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ग्वालाकोट (चौलेख) गांव निवासी बसंती देवी (72) पत्नी पदम सिंह आज सुबह साढ़े आठ बजे घर से कुछ दूरी पर स्थित जंगल में घास काटने जा रही थी। इसी दौरान झाड़ियों में छिपे तेंदुए ने बसंती देवी पर हमला कर दिया। तेंदुए ने बसंती देवी के पैर में पंजे मार दिए। महिला के चिल्लाने पर मवेशियों को चराने गए लोग मौके पर पहुंचे, तो तेंदुआ भाग निकला। परिजन महिला को घर लाए और उसका उपचार किया गया। जानकारी मिलने पर वन दरोगा शंकर सिंह, राजस्व उप निरीक्षक महिमन भाकुनी और गिरीश चंद्र जोशी भी मौके पर पहुंचे।
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उधर नैनोली गांव के लोगों को तेंदुए के आतंक से निजात नहीं मिल सकी है। तेंदुए को पकड़ने के लिए वन विभाग ने गांव में दो पिंजरे लगा रखे हैं, लेकिन अब तक तेंदुआ पिंजरे में नहीं फंसा है। वहीं वन कर्मियों की टीम ट्रेंकुलाइज गन के साथ गांव में रात्रि में गश्त कर रही है, लेकिन वन कर्मियों को अब तक तेंदुआ नजर नहीं आया है।
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