भूमि का पट्टा न मिलने से आक्रोश
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मैग्नेसाइट फैक्ट्री झिरौली से विस्थापित हुए देवलधार के करीब 42 विस्थापित परिवारों को भूमि का पट्टा नहीं मिल सका है। पट्टे नहीं मिलने के कारण उन्हें कई परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं।
गुस्साए विस्थापितों ने फैक्ट्री के प्रबंध निदेशक को ज्ञापन सौंपा है। इसमें उन्होंने 15 दिन के भीतर मांग पूरी न होने पर खदान क्षेत्र में चक्का जाम करके आंदोलन तेज करने की चेेतावनी दी है।
मैग्नेसाइट फैक्ट्री झिरौली के प्रबंध निदेशक को दिए ज्ञापन में देवलधार के विस्थापितों ने कहा कि है कि उन्होंने फैक्ट्री हित में अपनी नाप भूमि दी थी, लेकिन उन्हें आज तक भूमि के पट्टे नहीं दिए हैं।
इस कारण उन्हें कई परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं। पट्टे नहीं मिलने के कारण उन्हें सरकार की योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
उन्होंने प्रबंध निदेशक से कहा है कि यदि वह पट्टे नहीं दे सकते तो वह देवलधार में निर्मित मकानों का शीघ्र भुगतान कराकर उन्हें फैक्ट्री वाली भूमि में पहले की तरह बसाया जाए।
प्रभावितों ने चेतावनी दी है कि यदि मांगें शीघ्र पूरी न हुईं तो वह घोषित तिथि से आंदोलन शुरू कर देंगे। ज्ञापन देने वालों में कैलाश चंद्र, नीरज कुमार, मोहनी, राजेंद्र प्रसाद, नंदी, चंद्रा, पुष्पा, महेशी प्रसाद, सुरेंद्र लाल, जीवन लाल, बहादुर लाल आदि शामिल हैं।