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दिन भर सुलगते रहे कुकड़ामाई व कांडा के जंगल
अमर उजाला ब्यूरो बागेश्वर
Updated Fri, 28 Apr 2017 12:21 AM IST
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कांडा के जंगलों में लगी आग।
- फोटो : अमर उजाला
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जिला मुख्यालय से लगे कुकड़ामाई के जंगलों में आग लग गई। वन कर्मियों की तमाम मशक्कत के बावजूद आग पर काबू नहीं पाया जा सका। उधर कांडा के चीड़ के जंगल भी बृहस्पतिवार को दिन भर धधकते रहे।
गुरुवार को जिला मुख्यालय के समीप स्थित कुकड़ामाई के जंगल में किसी ने आग लगा दी। देखते ही देखते चीड़ की पिरुल में तेजी से आग फैल गई। तेज हवाओं के कारण मौके पर पहुंचे वन कर्मी भी तत्काल आग पर काबू नहीं पा सके। चीड़ के जंगल में लगी आग से वन्य संपदा को काफी नुकसान हुआ है। उधर कांडा क्षेत्र में भी कई वनों में आग लगी है।
आग लगने से अब तक अधिकांश चीड़ के वन जल चुके हैं। वन विभाग ने वनों की आग पर नियंत्रण के लिए 29 क्रू स्टेशन बनाए हैं। ग्राम पंचायतों, ग्राम प्रधानों और सरपंचों का सहयोग भी लिया जा रहा है। इसके बावजूद आग लगने की घटनाओं में कमी नहीं आ रही है। जिला मुख्यालय के आसपास के अधिकांश वन पहले ही जल चुके हैं।
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गुरुवार को जिला मुख्यालय के समीप स्थित कुकड़ामाई के जंगल में किसी ने आग लगा दी। देखते ही देखते चीड़ की पिरुल में तेजी से आग फैल गई। तेज हवाओं के कारण मौके पर पहुंचे वन कर्मी भी तत्काल आग पर काबू नहीं पा सके। चीड़ के जंगल में लगी आग से वन्य संपदा को काफी नुकसान हुआ है। उधर कांडा क्षेत्र में भी कई वनों में आग लगी है।
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आग लगने से अब तक अधिकांश चीड़ के वन जल चुके हैं। वन विभाग ने वनों की आग पर नियंत्रण के लिए 29 क्रू स्टेशन बनाए हैं। ग्राम पंचायतों, ग्राम प्रधानों और सरपंचों का सहयोग भी लिया जा रहा है। इसके बावजूद आग लगने की घटनाओं में कमी नहीं आ रही है। जिला मुख्यालय के आसपास के अधिकांश वन पहले ही जल चुके हैं।
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