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एमडीए का सीधा लाभ कतकरों और बुनकरों को होगा
अमर उजाला ब्यूरो, बागेश्वर
Updated Thu, 22 Sep 2016 11:12 PM IST
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जिला ग्रामोद्योग बोर्ड अधिकारी केएस कर्म्याल ने कहा कि राज्य में एक अप्रैल से लागू हुई विपणन विकास योजना एमडीए का सीधा लाभ कतकरों और बुनकरों को मिलेगा। इस योजना के तहत खादी संस्थाओं को कुल कपड़े के उत्पादन की लागत की 10 प्रतिशत धनराशि राज्य और 20 प्रतिशत केंद्र सरकार द्वारा भुगतान की जाएगी।
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इस राशि के सापेक्ष 25 प्रतिशत बोनस कताई और बुनकरों को ऑन लाइन उनके खातों में जमा किया जाएगा।अपने कार्यालय सभागार में आयोजित बैठक में कर्म्याल ने कहा कि पहले हर साल केंद्र और राज्य सरकार गांधी जयंती दो अक्तूबर से 108 दिवसों में खादी वस्त्रों के क्रय पर विशेष छूट 30 प्रतिशत छूट देती थी। जिसका भार दोनों सरकारें उठाती थी। अब एमडीए के तहत खादी की संस्थाओं को कुल कपड़ा उत्पादन का 10 प्रतिशत धन राज्य और 20 प्रतिशत का भुगतान केंद्र सरकार करेगी।
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इस भुगतान के सापेक्ष 25 प्रतिशत बोनस कतकर और बुनकरों को ऑन लाइन उनके खातों में भुगतान किया जाएगा। 30 प्रतिशत धनराशि से नए उपकरणों की खरीद और आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण में व्यय किया जाएगा। शेष 45 प्रतिशत धनराशि का उपयोग संस्थाएं बिक्री को प्रोत्साहन उपयोग में कर सकती हैं। इस धनराशि से वह खुद ग्राहकों को रिवेट दे सकती हैं। बैठक में गांधी आश्रम के प्रताप सिंह परिहार, अधीक्षक उत्पादन ऊन डीसी उपाध्याय समेत वरिष्ठ सहायक और खादी की संस्थाओं से जुड़े कर्मी मौजूद थे।
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