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धीरे-धीरे झील का स्वरूप ले रही है कोसी
अमर उजाला ब्यूरो अल्मोड़ा
Updated Thu, 08 Dec 2016 11:58 PM IST
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कोसी नसी का बैराज
- फोटो : अमर उजाला
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अल्मोड़ा से करीब 12 किमी दूर कोसी कस्बे के निकट 33 करोड़ रुपए लागत से बने कोसी बैराज में इन दिनों पर्याप्त मात्रा में पानी एकत्र हो रहा है। जिससे अल्मोड़ा और आसपास के क्षेत्रों में पानी की आपूर्ति में दिक्कत नहीं हो रही है। इधर प्रदेश सरकार द्वारा जल संस्थान के पुराने पंप हाउस को नए स्थान पर शिफ्ट करने के लिए भी बीते दिनों करीब 10 करोड़ रुपए की योजना को मंजूरी दे दी है। पंप हाउस के शिफ्ट हो जाने के बाद पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था और भी दुरुस्त होने की उम्मीद है। पंप शिफ्ट होने पर ही बैराज में पर्याप्त पानी भरना संभव होगा और इसके बाद इस इलाके में कोसी झील के स्वरूप में आ जाएगी।
अल्मोड़ा और आसपास की करीब एक लाख से अधिक आबादी को पीने के पानी की आपूर्ति कोसी नदी से की जाती है। साथ ही कोसी से आसपास के कई गांवों के लिए सिंचाई योजनाओं को भी पानी दिया जाता है, लेकिन गर्मियों के दिनों में नदी का जल स्तर काफी कम हो जाता है। जिससे खास तौर पर मई-जून में अल्मोड़ा में पानी की भारी किल्लत हो जाती है। गर्मियों में पानी का स्तर इतना नीचे आ जाता था कि कई बार जल संस्थान के तीनों पंपों को चलाने के लिए पर्याप्त पानी नहीं मिल पाता था। इसे देखते कुछ साल पहले कोसी नदी में बैराज बनाने की योजना को मंजूरी दी गई। इधर विधायक मनोज तिवारी ने भी बैराज के काम को जल्द पूरा करने के लिए काफी रुचि दिखाई जिससे बैराज का काम तेजी से पूरा कर लिया गया। इस साल बैराज में पानी एकत्र करना भी शुरू कर दिया गया।
मई-जून में बैराज में पर्याप्त पानी एकत्र रहने से अल्मोड़ा में पानी की दिक्कत नहीं हुई, लेकिन बरसात के सीजन में नदी में बाढ़ आने के कारण पानी की आपूर्ति बाधित होती रही। इस कारण बैराज पर भी सवाल उठने लगे थे। हालांकि सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने बताया है कि तेज बहाव के साथ नदी में मिट्टी और गाद आने कारण पंपिंग में दिक्कत होती रही। बरसात का सीजन समाप्त होने के बाद अब बैराज में पर्याप्त पानी इकट्ठा हो रहा है। इन दिनों हालांकि कोसी नदी में पानी का बहाव बहुत अधिक नहीं है, लेकिन बैराज में पर्याप्त मात्रा में पानी इकट्ठा रहता है। यह भी बता दें कि बैराज का निर्माण हो जाने के बाद जल संस्थान का पंप हाउस भी शिफ्ट करना जरूरी है। क्योंकि बैराज पूरा भरने पर वर्तमान पंप हाउस डूब क्षेत्र में आ जाएगा। इसलिए जब तक पंप हाउस शिफ्ट नहीं होगा तब तक बैराज को पूरी तरह भरना भी संभव नहीं है। इधर सरकार ने बैराज के निकट नए पंप हाउस के निर्माण के लिए भी करीब 10 करोड़ रुपए की योजना को मंजूरी दे दी है। बताया गया है कि जल निगम शीघ्र टेंडर प्रक्रिया पूरी करके नए पंप हाउस के निर्माण का काम शुरू कर देगा।
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। सिंचाई विभाग ने गर्मियों के सीजन में कोसी नदी में पर्यटकों के लिए नौकायन शुरू करने की भी योजना बनाई है, लेकिन इस साल गर्मियों में नौकायन शुरू होने की उम्मीद नहीं है। सिंचाई विभाग के प्रभारी अधिशासी अभियंता भारत भूषण पांडे ने बताया कि नौकायन शुरू करने के बारे में निर्णय लेने के लिए शासन स्तर से अधिकारियों की एक कमेटी गठित की गई है। यही कमेटी नौकायन के लिए लाइसेंस आदि के बारे में भी निर्णय लेगी। उन्होंने बताया कि पंप हाउस शिफ्ट होने के बाद झील का पूरा स्वरूप आएगा, साथ ही बैराज स्थल के पास कुछ और भी कार्य होने हैं जिससे नौकायन शुरू होने में कुछ वक्त लगेगा।
अल्मोड़ा में पेयजल की दिक्कत को देखते हुए प्रदेश सरकार ने बैराज का निर्माण रिकार्ड समय में पूरा कराया। अब अल्मोड़ा में पानी की समस्या का स्थायी तौर पर समाधान हो चुका है। कोसी का जल स्तर कम होने पर भी बैराज में पर्याप्त पानी रहता है। सरकार ने कोसी में नए पंप हाउस के निर्माण के लिए भी करीब 10 करोड़ रुपए मंजूर कर दिए हैं। पंप हाउस शिफ्ट हो जाने के बाद लोगों को हर सीजन में पर्याप्त पानी मिलेगा।
मनोज तिवारी, विधायक
अल्मोड़ा और आसपास की करीब एक लाख से अधिक आबादी को पीने के पानी की आपूर्ति कोसी नदी से की जाती है। साथ ही कोसी से आसपास के कई गांवों के लिए सिंचाई योजनाओं को भी पानी दिया जाता है, लेकिन गर्मियों के दिनों में नदी का जल स्तर काफी कम हो जाता है। जिससे खास तौर पर मई-जून में अल्मोड़ा में पानी की भारी किल्लत हो जाती है। गर्मियों में पानी का स्तर इतना नीचे आ जाता था कि कई बार जल संस्थान के तीनों पंपों को चलाने के लिए पर्याप्त पानी नहीं मिल पाता था। इसे देखते कुछ साल पहले कोसी नदी में बैराज बनाने की योजना को मंजूरी दी गई। इधर विधायक मनोज तिवारी ने भी बैराज के काम को जल्द पूरा करने के लिए काफी रुचि दिखाई जिससे बैराज का काम तेजी से पूरा कर लिया गया। इस साल बैराज में पानी एकत्र करना भी शुरू कर दिया गया।
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मई-जून में बैराज में पर्याप्त पानी एकत्र रहने से अल्मोड़ा में पानी की दिक्कत नहीं हुई, लेकिन बरसात के सीजन में नदी में बाढ़ आने के कारण पानी की आपूर्ति बाधित होती रही। इस कारण बैराज पर भी सवाल उठने लगे थे। हालांकि सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने बताया है कि तेज बहाव के साथ नदी में मिट्टी और गाद आने कारण पंपिंग में दिक्कत होती रही। बरसात का सीजन समाप्त होने के बाद अब बैराज में पर्याप्त पानी इकट्ठा हो रहा है। इन दिनों हालांकि कोसी नदी में पानी का बहाव बहुत अधिक नहीं है, लेकिन बैराज में पर्याप्त मात्रा में पानी इकट्ठा रहता है। यह भी बता दें कि बैराज का निर्माण हो जाने के बाद जल संस्थान का पंप हाउस भी शिफ्ट करना जरूरी है। क्योंकि बैराज पूरा भरने पर वर्तमान पंप हाउस डूब क्षेत्र में आ जाएगा। इसलिए जब तक पंप हाउस शिफ्ट नहीं होगा तब तक बैराज को पूरी तरह भरना भी संभव नहीं है। इधर सरकार ने बैराज के निकट नए पंप हाउस के निर्माण के लिए भी करीब 10 करोड़ रुपए की योजना को मंजूरी दे दी है। बताया गया है कि जल निगम शीघ्र टेंडर प्रक्रिया पूरी करके नए पंप हाउस के निर्माण का काम शुरू कर देगा।
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। सिंचाई विभाग ने गर्मियों के सीजन में कोसी नदी में पर्यटकों के लिए नौकायन शुरू करने की भी योजना बनाई है, लेकिन इस साल गर्मियों में नौकायन शुरू होने की उम्मीद नहीं है। सिंचाई विभाग के प्रभारी अधिशासी अभियंता भारत भूषण पांडे ने बताया कि नौकायन शुरू करने के बारे में निर्णय लेने के लिए शासन स्तर से अधिकारियों की एक कमेटी गठित की गई है। यही कमेटी नौकायन के लिए लाइसेंस आदि के बारे में भी निर्णय लेगी। उन्होंने बताया कि पंप हाउस शिफ्ट होने के बाद झील का पूरा स्वरूप आएगा, साथ ही बैराज स्थल के पास कुछ और भी कार्य होने हैं जिससे नौकायन शुरू होने में कुछ वक्त लगेगा।
अल्मोड़ा में पेयजल की दिक्कत को देखते हुए प्रदेश सरकार ने बैराज का निर्माण रिकार्ड समय में पूरा कराया। अब अल्मोड़ा में पानी की समस्या का स्थायी तौर पर समाधान हो चुका है। कोसी का जल स्तर कम होने पर भी बैराज में पर्याप्त पानी रहता है। सरकार ने कोसी में नए पंप हाउस के निर्माण के लिए भी करीब 10 करोड़ रुपए मंजूर कर दिए हैं। पंप हाउस शिफ्ट हो जाने के बाद लोगों को हर सीजन में पर्याप्त पानी मिलेगा।
मनोज तिवारी, विधायक