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नौकोड़ी के केदार कोरंगा ने फिर किया जिले को गौरवान्वित
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उत्तरकाशी के काला नाग पर्वत पर तिरंगा फहराते नौकोड़ी के केदार कोरंगा। संवाद न्यूज एजेंसी
- फोटो : BAGESHWAR
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बागेश्वर। माउंट एवरेस्ट और कंचनजंगा का सफल आरोहण कर चुके कपकोट के नौकोड़ी गांव निवासी बीएसएफ जवान केदार कोरंगा ने उत्तरकाशी के बंदरपूंछ माउंट रेंज की सबसे ऊंची चोटी कालानाग को फतह किया है। 6387 मीटर ऊंची चोटी पर उन्होंने पद्मश्री लवराज धर्मशक्तू के नेतृत्व में सफल चढ़ाई की। अभियान में बीएसफ के आठ जवान शामिल थे।
कालानाग अभियान की शुरुआत दो जून को देहरादून से हुई थी। 13 जून को दल ने चोटी पर पहुंचकर तिरंगा फहराया, हालांकि खराब मौसम के कारण टीम को वापसी में काफी समय लगा। बुधवार शाम टीम देहरादून लौटी। कोरंगा ने बताया कि 6387 मीटर ऊंची चोटी पर आरोहण आसान काम नहीं है। खराब मौसम ने भी काफी चुनौती पेेश की।
कोरंगा वर्ष 2002 से साहसिक खेलकूद में भागीदारी करते रहे हैं। वह अब तक दो बार माउंट एवरेस्ट और एक बार माउंट कंचनजंगा पर सफल अभियान कर चुके हैं। देश के विभिन्न हिस्सों में होने वाले पर्वतारोहण अभियानों में भी शामिल हो चुके हैं। कोरंगा का पूरा परिवार सेना से जुड़ा हुआ है। उनके दादा भारतीय सेना में थे। पिता भी बीएसएफ में रहे और अब कोरंगा देशसेवा के साथ देश के विभिन्न पर्वतारोहण अभियानों में शामिल होकर जिले का नाम रोशन कर रहे हैं।
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कालानाग अभियान की शुरुआत दो जून को देहरादून से हुई थी। 13 जून को दल ने चोटी पर पहुंचकर तिरंगा फहराया, हालांकि खराब मौसम के कारण टीम को वापसी में काफी समय लगा। बुधवार शाम टीम देहरादून लौटी। कोरंगा ने बताया कि 6387 मीटर ऊंची चोटी पर आरोहण आसान काम नहीं है। खराब मौसम ने भी काफी चुनौती पेेश की।
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कोरंगा वर्ष 2002 से साहसिक खेलकूद में भागीदारी करते रहे हैं। वह अब तक दो बार माउंट एवरेस्ट और एक बार माउंट कंचनजंगा पर सफल अभियान कर चुके हैं। देश के विभिन्न हिस्सों में होने वाले पर्वतारोहण अभियानों में भी शामिल हो चुके हैं। कोरंगा का पूरा परिवार सेना से जुड़ा हुआ है। उनके दादा भारतीय सेना में थे। पिता भी बीएसएफ में रहे और अब कोरंगा देशसेवा के साथ देश के विभिन्न पर्वतारोहण अभियानों में शामिल होकर जिले का नाम रोशन कर रहे हैं।
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