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अतिक्रमण से सिमटीं कौसानी की सड़कें
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, कौसानी (बागेश्वर)।
Updated Sun, 20 Mar 2016 11:00 PM IST
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सड़क पर स्टॉक
- फोटो : अमर उजाला
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कौसानी (बागेश्वर)। कौसानी में सार्वजनिक स्थलों पर अतिक्रमण लगातार बढ़ता जा रहा है। पर्यटन क्षेत्र होने के नाते यहां की सड़कों को जहां साफ-सुथरा रखा जाना चाहिए, वहीं अतिक्रमण के कारण यहां की सड़कों में वाहन संचालन के लिए भी उचित स्थान नहीं है। कुछ सड़कों में जहां एक ओर भवन निर्माण की सामग्री बेतरतीब तरीके से डाली गई है, वहीं मुख्य सड़कों के किनारे अतिक्रमण से राहगीरों की आवाजाही मुश्किल हो रही है।
अतिक्रमण के कारण स्थिति यह हो गई है कि अनाशक्ति आश्रम को जाने वाली सड़क भवन निर्माण सामग्री से पटी हुई है। रेता, बजरी, ईंट सहित अन्य निर्माण सामग्री के कारण देश-विदेश से पर्यटकों को यहां लाने वाले वाहनों का संचालन करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। राज्य अतिथि गृह की सड़क का भी यही हाल है। सड़क की नालियां और स्कबर बंद पड़े हैं। चीड़ और देवदार के गिल्टे सड़क किनारे वन निगम ने लंबे समय से छोड़े हुए हैं।
कुछ लोगों ने सड़कों पर ही जनरेटर भी रख दिए हैं। इन अव्यवस्थाओं को लेकर क्षेत्रीय जनता में रोष व्याप्त है। आम आदमी पार्टी की नेता पूजा मेहरा का कहना है कि यहां के व्यापारियों से बागेश्वर और अल्मोड़ा की जिला पंचायतें टैक्स वसूलती हैं, लेकिन व्यवस्थाओं पर कोई ध्यान नहीं दिया जाता है। सफाई की कोई व्यवस्था नहीं है। हाइटेक शौचालय में तैनात एकमात्र सफाई कर्मी को चार साल से वेतन नहीं मिला है। आप नेता ने जिला पंचायत और प्रशासन से पर्यटन नगरी की व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने की मांग की है। ब्यूरो
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अतिक्रमण के कारण स्थिति यह हो गई है कि अनाशक्ति आश्रम को जाने वाली सड़क भवन निर्माण सामग्री से पटी हुई है। रेता, बजरी, ईंट सहित अन्य निर्माण सामग्री के कारण देश-विदेश से पर्यटकों को यहां लाने वाले वाहनों का संचालन करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। राज्य अतिथि गृह की सड़क का भी यही हाल है। सड़क की नालियां और स्कबर बंद पड़े हैं। चीड़ और देवदार के गिल्टे सड़क किनारे वन निगम ने लंबे समय से छोड़े हुए हैं।
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कुछ लोगों ने सड़कों पर ही जनरेटर भी रख दिए हैं। इन अव्यवस्थाओं को लेकर क्षेत्रीय जनता में रोष व्याप्त है। आम आदमी पार्टी की नेता पूजा मेहरा का कहना है कि यहां के व्यापारियों से बागेश्वर और अल्मोड़ा की जिला पंचायतें टैक्स वसूलती हैं, लेकिन व्यवस्थाओं पर कोई ध्यान नहीं दिया जाता है। सफाई की कोई व्यवस्था नहीं है। हाइटेक शौचालय में तैनात एकमात्र सफाई कर्मी को चार साल से वेतन नहीं मिला है। आप नेता ने जिला पंचायत और प्रशासन से पर्यटन नगरी की व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने की मांग की है। ब्यूरो
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