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ब्लॉक की मांग पर धरने पर बैठे कठपुड़ियाछीना वासी
Mon, 17 Dec 2018 11:13 PM IST
Almora desk
अमर उजाला ब्यूरो, बागेश्वर।
अमर उजाला ब्यूरो, बागेश्वर।
Published by: Almora desk
Updated Mon, 17 Dec 2018 11:13 PM IST
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बागेश्वर कलक्ट्रेट में प्रदर्शन करते कठपुड़ियाछीना के ग्रामीण।
- फोटो : अमर उजाला
पृथक विकास खंड की मांग को लेकर कठपुड़ियाछीना के ग्रामीणों ने धरना दिया। कहा कि 21 साल पुरानी मांग को नजरअंदाज किया जा रहा है जिस कारण क्षेत्र का विकास ठप हो गया है।
जन संघर्ष समिति के बैनर तले ग्रामीणों ने कलक्ट्रेट में धरने के साथ प्रदर्शन किया।
धरना स्थल पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए ग्रामीणों ने कहा कि पूर्ववर्ती यूपी सरकार ने कठपुड़ियाछीना विकास खंड को सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान करते हुए बैठक प्रारंभ कर दी थी। 21 साल पुरानी मांग आज तक पूरी नहीं हो पाई है। कहा कि कठपुड़ियाछीना क्षेत्र के गांवों का विकास नहीं हो पा रहा है।
सिंचाई, स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क के क्षेत्र में योजनाएं लंबित हैं। चेतावनी दी कि यदि विकास खंड की मांग पूरी करते हुए क्षेत्र की समस्याओं का निराकरण नहीं किया गया तो आंदोलन तेज किया जाएगा।
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धरने में संघर्ष समिति के अध्यक्ष नरेंद्र रावत, सचिव महेश मिश्रा, ओम प्रकाश टम्टा, देवीदत्त मिश्रा, नंदन मेहता, कमलाकांत, महिपाल मेहता, पुष्पा बिष्ट, बचे सिंह, खीम सिंह, गोविंद सिंह, शंभूदत्त मिश्रा, एनके मिश्रा आदि थे। ग्रामीणों ने इस आशय का एक ज्ञापन भी डीएम को सौंपा।
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जन संघर्ष समिति के बैनर तले ग्रामीणों ने कलक्ट्रेट में धरने के साथ प्रदर्शन किया।
धरना स्थल पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए ग्रामीणों ने कहा कि पूर्ववर्ती यूपी सरकार ने कठपुड़ियाछीना विकास खंड को सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान करते हुए बैठक प्रारंभ कर दी थी। 21 साल पुरानी मांग आज तक पूरी नहीं हो पाई है। कहा कि कठपुड़ियाछीना क्षेत्र के गांवों का विकास नहीं हो पा रहा है।
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सिंचाई, स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क के क्षेत्र में योजनाएं लंबित हैं। चेतावनी दी कि यदि विकास खंड की मांग पूरी करते हुए क्षेत्र की समस्याओं का निराकरण नहीं किया गया तो आंदोलन तेज किया जाएगा।
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धरने में संघर्ष समिति के अध्यक्ष नरेंद्र रावत, सचिव महेश मिश्रा, ओम प्रकाश टम्टा, देवीदत्त मिश्रा, नंदन मेहता, कमलाकांत, महिपाल मेहता, पुष्पा बिष्ट, बचे सिंह, खीम सिंह, गोविंद सिंह, शंभूदत्त मिश्रा, एनके मिश्रा आदि थे। ग्रामीणों ने इस आशय का एक ज्ञापन भी डीएम को सौंपा।