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कपकोट बागेश्वर में हुई गोष्ठी।
ब्यूरो /अमर उजाला, कपकोट (बागेश्वर)।
Updated Fri, 11 Dec 2015 12:18 AM IST
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स्व. चंद्र सिंह शाही राजकीय महाविद्यालय में इतिहास विभाग की ओर से विचार गोष्ठी हुई। गोष्ठी का विषय डॉ. बीआर अंबेडकर के विचार और प्रासंगिकता था। मुख्य वक्ता अर्थशास्त्र विभाग के प्रवक्ता डॉ. पीके झा थे। उन्होंने कहा कि डॉ. अंबेडकर ने लोगों को समानता, बंधुत्व की भावना से रहना सिखाया। उन्होंने छात्र-छात्राओं से जाति, धर्म की भावना से ऊपर उठकर समाज को बदलने का आह्वान किया।
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कॉलेज परिसर में डॉ. झा ने कहा कि डॉ. अंबेडकर ने संविधान में लोगों को कई अधिकार दिए हैं। उन्होंने छात्र-छात्राओं से अपने अधिकारों के साथ ही कर्तव्य भी निभाने को कहा। राष्ट्र की बेहतरी के लिए लोगों में समानता का भाव होना जरूरी है। कार्यक्रम संयोजक असिस्टेंट प्रो. डॉ. एमसी आर्य ने कहा कि अंबेडकर के हिंदू कोड बिल के तहत महिलाओं के संवैधानिक अधिकारों बावजूद उनके विचारों को प्रकट किया।
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अंबेडकर ने समाज को वैज्ञानिक सोच, समरसता अपनाने को कहा था। उन्होंने दलितों, गरीबों को शिक्षित बनो और संघर्ष करो का नारा दिया था। अच्छी शिक्षा से ही सामाजिक कुरीतियां दूर होंगी। प्राचार्य डॉ. केके पंत ने अंबेडकर समरसता के महत्व पर विस्तार से चर्चा की। उनके विचारों तक पहुंचने के लिए लगातार प्रयास करने होंगे।
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उन्होंने भविष्य में भी इस तरह के आयोजन पर बल दिया। कार्यक्रम का संचालन किरन उपाध्याय, किरन दानू ने किया। यहां डॉ. नीता साह, डॉ. ममता सुयाल, डॉ. मुन्ना जोशी, डॉ. दीपक आर्य, हरीश मेहरा, पवन मेहरा, संतोष कुमार, शीला शाही, भरत कोरंगा आदि थे।