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कांडा अस्पताल: बोर्ड तो बदला, सुविधाएं नहीं बढ़ी
अमर उजाला ब्यूरो बागेश्वर
Updated Mon, 12 Dec 2016 11:21 PM IST
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कांडा अस्पताल भवन के बाहर लगा सीएचसी का बोर्ड।
- फोटो : अमर उजाला
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प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कांडा को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का दर्जा देने के बाद अस्पताल का बोर्ड तो बदल दिया गया, लेकिन अस्पताल की सुविधाओं में कोई बढ़ोत्तरी नहीं हुई है। सीएचसी में एक्सरे मशीन व पैथोलॉजी लैब का संचालन नहीं हो पा रहा है। अस्पताल में सुविधाएं न होने से लोगों को काफी दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कांडा को कोई छह महीने पहले उच्चीकृत कर सामुदायिक स्वास्थ्य बनाया गया था। उसी दौरान इसमें सीएचसी का बोर्ड लगाया था। इस अस्पताल में चिकित्सा अधीक्षक, फिजीशियन, शल्यक, बाल रोग विशेषज्ञ, निश्चेतक, चिकित्साधिकारी और महिला चिकित्साधिकारी के पद सृजित हैं। वर्तमान में यहां एक भी विशेषज्ञ डॉक्टरों के सातों पर खाली है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र होने के बावजूद अस्पताल में तकनीशियन भी नहीं हैं। ऐसे में यहां मरीजों के एक्सरे नहीं हो पाते हैं।
पैथोलॉजी लैब का संचालन नहीं हो रहा है। मरीजों को तमाम प्रकार की जांचों के लिए 30 किलोमीटर दूर जिला अस्पताल जाना पड़ता है। इस अस्पताल पर कमस्यार घाटी की हजारों की आबादी निर्भर है। पहले अस्पताल का उच्चीकरण होने से लोगों को उम्मीद थी कि उन्हें बेहतर चिकित्सा सुविधा मिलेगी। लेकिन अभी तक इसका फायदा लोगों को नहीं मिल पाया है। लोगों की दिक्कतों को देखते हुए डीएम मंगेश घिल्डियाल ने प्रभारी चिकित्साधिकारी को स्वास्थ्य केंद्र में एक्सरे और पैथोलॉजी लैब के संचालन के लिए आवश्यक कार्रवाई करने, स्वास्थ्य केंद्र की सफाई व्यवस्था पर भी ध्यान देने को कहा है।
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प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कांडा को कोई छह महीने पहले उच्चीकृत कर सामुदायिक स्वास्थ्य बनाया गया था। उसी दौरान इसमें सीएचसी का बोर्ड लगाया था। इस अस्पताल में चिकित्सा अधीक्षक, फिजीशियन, शल्यक, बाल रोग विशेषज्ञ, निश्चेतक, चिकित्साधिकारी और महिला चिकित्साधिकारी के पद सृजित हैं। वर्तमान में यहां एक भी विशेषज्ञ डॉक्टरों के सातों पर खाली है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र होने के बावजूद अस्पताल में तकनीशियन भी नहीं हैं। ऐसे में यहां मरीजों के एक्सरे नहीं हो पाते हैं।
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पैथोलॉजी लैब का संचालन नहीं हो रहा है। मरीजों को तमाम प्रकार की जांचों के लिए 30 किलोमीटर दूर जिला अस्पताल जाना पड़ता है। इस अस्पताल पर कमस्यार घाटी की हजारों की आबादी निर्भर है। पहले अस्पताल का उच्चीकरण होने से लोगों को उम्मीद थी कि उन्हें बेहतर चिकित्सा सुविधा मिलेगी। लेकिन अभी तक इसका फायदा लोगों को नहीं मिल पाया है। लोगों की दिक्कतों को देखते हुए डीएम मंगेश घिल्डियाल ने प्रभारी चिकित्साधिकारी को स्वास्थ्य केंद्र में एक्सरे और पैथोलॉजी लैब के संचालन के लिए आवश्यक कार्रवाई करने, स्वास्थ्य केंद्र की सफाई व्यवस्था पर भी ध्यान देने को कहा है।
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