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कलशयात्रा के साथ कांडा के काली मंदिर मेें रामायण का अखंड पाठ शुरू
अमर उजाला ब्यूरो बागेश्वर
Updated Fri, 28 Apr 2017 12:26 AM IST
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कांडा में कलशयात्रा निकालती महिलाएं।
- फोटो : अमर उजाला
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बृहस्पतिवार स्वामी सर्वेश्वर गिरि महाराज के सानिध्य में कांडा कमस्यार पट्टी के लोगों के सहयोग से कांडा पड़ाव श्री स्थित काली मंदिर में श्री रामायण महाकाव्य का संगीतमय अखंड पाठ का गायन शुरू हो गया है।
इससे पहले मंदिर में क्षेत्र की सुख शांति के लिए सुबह छह से आठ बजेे तक दुर्गा सप्तशती नव आवृति पाठ हुआ। महिलाओं ने रंगोली ओढ़कर पारंपरिक वाद्य यंत्रों की थाप पर भव्य कलशयात्रा निकाली। उन्होंने तांबे के कलशों में भरे जल का मंदिर परिसर में जलाभिषेक किया। स्वामी सर्वेश्वर महराज ने बताया कि रामायण का पाठ 28 अप्रैल को हवन यज्ञ और भंडारे के साथ होगा। पंचांगी और पूर्वांगी कार्यक्रम पंडित तारा दत्त जोशी शास्त्री और मनोज पांडे ने निभाई।
मुख्य यजमान की भूमिका अशोक जोशी, नीरज गढ़िया, बलवंत सिंह और मंगल सिंह ने निभाई। पुजारी विरेंद्र कांडपाल और का बंशीधर कांडपाल ने प्रसाद वितरित किया। वहां प्रकाश नगरकोटी, गुंसाई सिंह धपोला, सुंदर गढ़िया, भुवन कांडपाल और बसंत कांडपाल आदि थे।
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इससे पहले मंदिर में क्षेत्र की सुख शांति के लिए सुबह छह से आठ बजेे तक दुर्गा सप्तशती नव आवृति पाठ हुआ। महिलाओं ने रंगोली ओढ़कर पारंपरिक वाद्य यंत्रों की थाप पर भव्य कलशयात्रा निकाली। उन्होंने तांबे के कलशों में भरे जल का मंदिर परिसर में जलाभिषेक किया। स्वामी सर्वेश्वर महराज ने बताया कि रामायण का पाठ 28 अप्रैल को हवन यज्ञ और भंडारे के साथ होगा। पंचांगी और पूर्वांगी कार्यक्रम पंडित तारा दत्त जोशी शास्त्री और मनोज पांडे ने निभाई।
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मुख्य यजमान की भूमिका अशोक जोशी, नीरज गढ़िया, बलवंत सिंह और मंगल सिंह ने निभाई। पुजारी विरेंद्र कांडपाल और का बंशीधर कांडपाल ने प्रसाद वितरित किया। वहां प्रकाश नगरकोटी, गुंसाई सिंह धपोला, सुंदर गढ़िया, भुवन कांडपाल और बसंत कांडपाल आदि थे।
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