बागेश्वर। झिरौली गांव की अल्मोड़ा मैग्नेसाइट फैक्ट्री के प्रबंधन ने रविवार को ग्रामीणों को मनाने का प्रयास किया। इसके लिए त्रिपक्षीय समझौता वार्ता हुई। इस दौरान ग्रामीणों ने अवैध खनन का आरोप लगाते हुए उन्हें स्थायी रोजगार देने की मांग की।
एसडीएम राकेश तिवारी ने बताया कि ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा था। ग्रामीणों के अनुसार फैक्ट्री करीब 48 साल पुरानी है। तब यहां के 88 परिवारों को ऊधमसिंह नगर के सितारगंज में एक-एक एकड़ जमीन दिलाकर प्रशासन ने फैक्ट्री को कब्जा दिलाया था। ग्रामीणों ने अब इस परिसर की दोबारा नाप करा आधा लाभांश ग्रामीणों को देने और प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की मांग की। कंपनी ने कहा कि पुनर्वास न होने तक आवासीय मकानों के पास विस्फोट नहीं करेंगे। ग्रामीणों ने बताया कि 25 परिवारों को भूमि का पट्टा नहीं दिया गया है। ग्रामीणों ने कहा कि प्रभावित परिवारों को पहले जीवनधार में 408 नाली भूमि आवंटित की गई थी। कंपनी ने प्रभावित परिवारों को पट्टा देने का आश्वासन दिया। कंपनी ने ग्रामीणों को चलने के लिए रास्ता देने की बात कही। इसके बावजूद ग्रामीणों ने कहा कि वार्ता में मिले आश्वासन से वह संतुष्ट नहीं हैं। वार्ता में गोविंद राम, महेश चंद्र, बहादुर राम, भवानी प्रसाद, शंकर लाल, कैलाश चंद्र, प्रकाश चंद्र, प्रकाशी लाल आदि मौजूद थे। कंपनी की ओर से कंपनी के एमडी योगेश शर्मा, जरनल मैनेजर अनिल कुमार, एडवाइजर क्रांति जोशी आदि थे।