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आपदा की मार से नौ सड़कें बंद
अमर उजाला ब्यूरो, बागेश्वर।
Updated Mon, 03 Sep 2018 11:54 PM IST
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कपकोट में आपदा की मार से पुलिया का आधार स्तंभ ढहा
- फोटो : अमर उजाला
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बागेश्वर। आपदा की मार के चलते जिले में नौ सड़कें बंद हो गई। इनमें से छह सड़कों को बंद हुए एक सप्ताह से 10 सप्ताह का वक्त गुजर चुका है। लगातार सड़कें बंद रहने से ग्रामीण अंचलों की समस्याएं और गहरा गई हैं। आवाजाही ठप होने से ग्रामीण जरुरी वस्तुओं की किल्लत झेल रहे हैं। आपात या जरूरी हालातों में भूस्खलन और मलबे से तबाह हुई सड़कों से गुजरना खतरे का सबब बना है।
सोमवार को कपकोट-पिंडारी सड़क को बंद हुए 10 सप्ताह हो गए। इसी तरह भयू-गडेरा, हरसिला-पुड़कुनी सड़क बंद हुए तीन सप्ताह बीत गए। कपकोट-पोलिंग दो सप्ताह से जबकि धरमघर-माजखेत और शामा-नौकुड़ी सड़क बंद हुए सप्ताह भर बीत गया। लेकिन कार्यदायी संस्थाएं अभी तक सड़कें नहीं खोल पाई। इधर, लगातार सड़कें बंद रहने से यातायात पर निर्भर ग्रामीण अंचलों की मुश्किलें और बढ़ गई। वाहनों की आवाजाही ठप होने से आवक पर असर पड़ा। इससे रोजाना के इस्तेमाल की वस्तुओं की किल्लत का सामना करना पड़ा। इसके चलते फल-सब्जी आदि वस्तुओं के दाम भी बढ़ गए। सोमवार को डंगोली-सैलानी, शामा-लीती-गोगिना मोटर मार्ग मलबा आने से घंटों बाधित रहे। इससे मार्ग के दोनों ओर वाहनों में यात्री फंसे रहे। बाद में कार्यदायी संस्था ने जेसीबी से मलबा हटाकर आवाजाही सुचारु की। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी शिखा सुयाल का कहना है कि कार्यदायी संस्थाएं मार्ग खोलने में जुटी हैं। भारी भूस्खलन, सड़क बहने और बार बार मलबा आने से मार्ग बाधित हो रहे हैं।
जिले में बंद मोटर मार्गो का ब्योरा
सड़क कब से बंद
कपकोट-पिंडारी 10 सप्ताह से
भयू-गडेरा तीन सप्ताह से
कपकोट-पोलिंग दो सप्ताह से
बैड़ापाखड़-ओखलधार एक दिन से
पोथिंग-भगवती मंदिर चार दिन से
हरसिला-पुड़कुनी तीन सप्ताह से
धरमघर-माजखेत सप्ताह भर से
शामा-नौकुड़ी सप्ताह भर से
लीली-गैनार तीन दिन से
पुलिया का आधार स्तंभ ढहा
कपकोट। रावतसेरा ग्राम पंचायत के राजस्व गांव कोटभंडार के लिए आनेजाने वाली पुलिया का आधार स्तंभ ढह गया है। इससे रगाड़ गधेरे पर बने इस पुल से आवाजाही पर खतरा बढ़ गया है। एहतियातन ग्रामीणों ने पुलिया से आवाजाही बंद कर दी है। इससे ग्रामीणों और मवेशियों के आनेजाने का रास्ता बंद हो गया है। प्रधान लीला रावत, खुशाल रावत, जगदीश सिंह, आनंद रावत, लाल सिंह, कमला, जयंती आदि ने क्षतिग्रस्त पुल को आपदा मद से जल्द दुरुस्त करने की मांग की है। ब्यूरो
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सोमवार को कपकोट-पिंडारी सड़क को बंद हुए 10 सप्ताह हो गए। इसी तरह भयू-गडेरा, हरसिला-पुड़कुनी सड़क बंद हुए तीन सप्ताह बीत गए। कपकोट-पोलिंग दो सप्ताह से जबकि धरमघर-माजखेत और शामा-नौकुड़ी सड़क बंद हुए सप्ताह भर बीत गया। लेकिन कार्यदायी संस्थाएं अभी तक सड़कें नहीं खोल पाई। इधर, लगातार सड़कें बंद रहने से यातायात पर निर्भर ग्रामीण अंचलों की मुश्किलें और बढ़ गई। वाहनों की आवाजाही ठप होने से आवक पर असर पड़ा। इससे रोजाना के इस्तेमाल की वस्तुओं की किल्लत का सामना करना पड़ा। इसके चलते फल-सब्जी आदि वस्तुओं के दाम भी बढ़ गए। सोमवार को डंगोली-सैलानी, शामा-लीती-गोगिना मोटर मार्ग मलबा आने से घंटों बाधित रहे। इससे मार्ग के दोनों ओर वाहनों में यात्री फंसे रहे। बाद में कार्यदायी संस्था ने जेसीबी से मलबा हटाकर आवाजाही सुचारु की। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी शिखा सुयाल का कहना है कि कार्यदायी संस्थाएं मार्ग खोलने में जुटी हैं। भारी भूस्खलन, सड़क बहने और बार बार मलबा आने से मार्ग बाधित हो रहे हैं।
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जिले में बंद मोटर मार्गो का ब्योरा
सड़क कब से बंद
कपकोट-पिंडारी 10 सप्ताह से
भयू-गडेरा तीन सप्ताह से
कपकोट-पोलिंग दो सप्ताह से
बैड़ापाखड़-ओखलधार एक दिन से
पोथिंग-भगवती मंदिर चार दिन से
हरसिला-पुड़कुनी तीन सप्ताह से
धरमघर-माजखेत सप्ताह भर से
शामा-नौकुड़ी सप्ताह भर से
लीली-गैनार तीन दिन से
पुलिया का आधार स्तंभ ढहा
कपकोट। रावतसेरा ग्राम पंचायत के राजस्व गांव कोटभंडार के लिए आनेजाने वाली पुलिया का आधार स्तंभ ढह गया है। इससे रगाड़ गधेरे पर बने इस पुल से आवाजाही पर खतरा बढ़ गया है। एहतियातन ग्रामीणों ने पुलिया से आवाजाही बंद कर दी है। इससे ग्रामीणों और मवेशियों के आनेजाने का रास्ता बंद हो गया है। प्रधान लीला रावत, खुशाल रावत, जगदीश सिंह, आनंद रावत, लाल सिंह, कमला, जयंती आदि ने क्षतिग्रस्त पुल को आपदा मद से जल्द दुरुस्त करने की मांग की है। ब्यूरो
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