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बारिश से ढह गया दो मंजिला मकान
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भकुनखोला में टूटा मकान
- फोटो : GARUD
बागेश्वर/गरुड़। झमाझम बारिश से जहां लोगों को गर्मी से निजात मिली है, वहीं इससे जनजीवन भी प्रभावित हुआ है। बारिश के बाद मलबा आने से बागेश्वर की कई सड़कें बंद पड़ी हैं। इधर तेज बारिश से गरुड़ के भकुनखोला में एक आवासीय मकान क्षतिग्रस्त हो गया है।
पटवारी संजय कुमार आर्या ने बताया कि भकुनखोला में गोपाल राम का मकान तेज बारिश से ढह गया। मकान के पत्थर गिरने की आवाज सुनकर परिवार के सभी सदस्य घर छोड़कर बाहर भाग निकले। इससे प्रभावित परिवार को डेढ़ लाख की क्षति हुई है।
क्षेत्रीय पटवारी मोहन चंद्र जोशी ने बताया कि प्रभावित परिवार को फिलहाल पंचायत घर में विस्थापित किया गया है। परिवार को दैवीय आपदा के मानकों के तहत शीघ्र आर्थिक सहायता दी जाएगी। लाहुर और गोमती घाटी में बृहस्पतिवार को झमाझम बारिश हुई।
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सरयू, गोमती और गरुड़ गंगा का जलस्तर बढ़ा
बागेश्वर/गरुड़। बारिश के कारण सरयू और गोमती नदियों का जल स्तर खतरे के निशान के पास पहुंच गया है। सरयू का जल स्तर 866.10 मीटर तक पहुंच गया है जबकि खतरे का निशान 870.70 मीटर पर है। गोमती नदी का जल स्तर 862.80 मीटर तक है जबकि खतरे का निशान 870.70 मीटर पर है। इधर गरुड़ गंगा भी उफान पर है।
बागेश्वर की चार सड़कें हुईं बंद
बागेश्वर। भारी बारिश होने के कारण जिले की सड़कों की हालत खराब है। जिला आपदा कंट्रोल रूम के मुताबिक पोथिंग-शोभाकुंड मोटर मार्ग मलबा आने के कारण पांच जुलाई से बंद है। इसके अलावा कपकोट-कर्मी-बघर, कपकोट-कर्मी-तोली मोटर मार्ग तीन दिनों से बंद हैं।
बृहस्पतिवार को जखेड़ा-सैलानी मोटर मार्ग में मलबा आने से यह दिन के दो बजे बंद हो गया। श्रमिक मार्ग से मलबा हटाने में जुटे हैं। बागेश्वर-गरुड़ मोटर मार्ग झांगड के पास नाला आने से कुछ देर बंद रहा। वहीं बागेश्वर-जोशीगांव मंडलसेरा बाईपास में भी मलबा आने से सड़क कुछ देर बंद रही। बाद में लोनिवि ने जेसीबी भेजकर मलबा हटाकर सड़के खोल दी।
पानी की आपूर्ति बाधित
बारिश के कारण जल संस्थान की पंपिंग योजना में भी सप्लाई नहीं हुई। इस कारण नगर के बड़े हिस्से में पानी की आपूर्ति ठप रही। पानी नहीं मिलने के कारण लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कई स्थानों पर भूस्खलन भी हो रहा है।
मार्ग के फंसे शिक्षक तीन घंटे विलंब से पहुंच
भकरकोट के पास एक विशाल पेड़ के सड़क पर गिरने से अवरुद्ध हुआ था मार्ग
मौलेखाल (अल्मोड़ा)। मोहान-मरचूला मोटर मार्ग में बारिश के दौरान सुबह करीब छह बजे भकरकोट के पास एक विशाल पेड़ सड़क पर गिर गया। इस कारण मार्ग अवरुद्ध हो गया।
इससे रामनगर और काशीपुर से प्रतिदिन आने वाले शिक्षक करीब तीन घंटे तक मार्ग में फंस गए और विद्यालय विलंब से पहुंचे। इस कारण विद्यालयों में बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हुई। विलंब से आने वाले शिक्षकों में प्राथमिक से लेकर इंटरमीडिएट तक के शिक्षक शामिल हैं। बीईओ अजय कुमार श्रीवास्तव ने विद्यालय विलंब से पहुंचे शिक्षकों से स्पष्टीकरण मांगा है।
लोग बोले, अक्सर देरी से पहुंचते हैं शिक्षक
मौलेखाल। जिला पंचायत सदस्य नारायण सिंह रावत का कहना है कि सल्ट विकासखंड के कई शिक्षक प्रतिदिन रामनगर और काशीपुर से ही अप-डाउन करते हैं, जो कि अधिकतर विलंब से ही विद्यालय पहुंचते हैं। सामाजिक कार्यकर्ता अमित सिंह रावत का कहना है कि शिक्षकों के लिए विद्यालय से आठ किमी की परिधि में निवास का नियम है, लेकिन इसका पालन बहुत कम शिक्षक कर रहे है। उन्होंने यदि यही हाल रहा तो अभिभावकों को साथ लेकर सल्ट तहसील कार्यालय प्रांगण में धरना शुरू कर दिया जाएगा।
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पटवारी संजय कुमार आर्या ने बताया कि भकुनखोला में गोपाल राम का मकान तेज बारिश से ढह गया। मकान के पत्थर गिरने की आवाज सुनकर परिवार के सभी सदस्य घर छोड़कर बाहर भाग निकले। इससे प्रभावित परिवार को डेढ़ लाख की क्षति हुई है।
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क्षेत्रीय पटवारी मोहन चंद्र जोशी ने बताया कि प्रभावित परिवार को फिलहाल पंचायत घर में विस्थापित किया गया है। परिवार को दैवीय आपदा के मानकों के तहत शीघ्र आर्थिक सहायता दी जाएगी। लाहुर और गोमती घाटी में बृहस्पतिवार को झमाझम बारिश हुई।
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सरयू, गोमती और गरुड़ गंगा का जलस्तर बढ़ा
बागेश्वर/गरुड़। बारिश के कारण सरयू और गोमती नदियों का जल स्तर खतरे के निशान के पास पहुंच गया है। सरयू का जल स्तर 866.10 मीटर तक पहुंच गया है जबकि खतरे का निशान 870.70 मीटर पर है। गोमती नदी का जल स्तर 862.80 मीटर तक है जबकि खतरे का निशान 870.70 मीटर पर है। इधर गरुड़ गंगा भी उफान पर है।
बागेश्वर की चार सड़कें हुईं बंद
बागेश्वर। भारी बारिश होने के कारण जिले की सड़कों की हालत खराब है। जिला आपदा कंट्रोल रूम के मुताबिक पोथिंग-शोभाकुंड मोटर मार्ग मलबा आने के कारण पांच जुलाई से बंद है। इसके अलावा कपकोट-कर्मी-बघर, कपकोट-कर्मी-तोली मोटर मार्ग तीन दिनों से बंद हैं।
बृहस्पतिवार को जखेड़ा-सैलानी मोटर मार्ग में मलबा आने से यह दिन के दो बजे बंद हो गया। श्रमिक मार्ग से मलबा हटाने में जुटे हैं। बागेश्वर-गरुड़ मोटर मार्ग झांगड के पास नाला आने से कुछ देर बंद रहा। वहीं बागेश्वर-जोशीगांव मंडलसेरा बाईपास में भी मलबा आने से सड़क कुछ देर बंद रही। बाद में लोनिवि ने जेसीबी भेजकर मलबा हटाकर सड़के खोल दी।
पानी की आपूर्ति बाधित
बारिश के कारण जल संस्थान की पंपिंग योजना में भी सप्लाई नहीं हुई। इस कारण नगर के बड़े हिस्से में पानी की आपूर्ति ठप रही। पानी नहीं मिलने के कारण लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कई स्थानों पर भूस्खलन भी हो रहा है।
मार्ग के फंसे शिक्षक तीन घंटे विलंब से पहुंच
भकरकोट के पास एक विशाल पेड़ के सड़क पर गिरने से अवरुद्ध हुआ था मार्ग
मौलेखाल (अल्मोड़ा)। मोहान-मरचूला मोटर मार्ग में बारिश के दौरान सुबह करीब छह बजे भकरकोट के पास एक विशाल पेड़ सड़क पर गिर गया। इस कारण मार्ग अवरुद्ध हो गया।
इससे रामनगर और काशीपुर से प्रतिदिन आने वाले शिक्षक करीब तीन घंटे तक मार्ग में फंस गए और विद्यालय विलंब से पहुंचे। इस कारण विद्यालयों में बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित हुई। विलंब से आने वाले शिक्षकों में प्राथमिक से लेकर इंटरमीडिएट तक के शिक्षक शामिल हैं। बीईओ अजय कुमार श्रीवास्तव ने विद्यालय विलंब से पहुंचे शिक्षकों से स्पष्टीकरण मांगा है।
लोग बोले, अक्सर देरी से पहुंचते हैं शिक्षक
मौलेखाल। जिला पंचायत सदस्य नारायण सिंह रावत का कहना है कि सल्ट विकासखंड के कई शिक्षक प्रतिदिन रामनगर और काशीपुर से ही अप-डाउन करते हैं, जो कि अधिकतर विलंब से ही विद्यालय पहुंचते हैं। सामाजिक कार्यकर्ता अमित सिंह रावत का कहना है कि शिक्षकों के लिए विद्यालय से आठ किमी की परिधि में निवास का नियम है, लेकिन इसका पालन बहुत कम शिक्षक कर रहे है। उन्होंने यदि यही हाल रहा तो अभिभावकों को साथ लेकर सल्ट तहसील कार्यालय प्रांगण में धरना शुरू कर दिया जाएगा।