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Bageshwar News: कपकोट ब्लाॅक के 11 जीआईसी में एक भी स्थायी प्रवक्ता नहीं
Fri, 25 Sep 2026 01:11 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
Updated Fri, 25 Sep 2026 01:11 AM IST
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कपकोट (बागेश्वर)। जिले के सामरिक और भौगोलिक दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील कपकोट ब्लॉक की माध्यमिक शिक्षा व्यवस्था इस समय गंभीर संकट से गुजर रही है। ब्लॉक के 23 राजकीय इंटर कॉलजों में से 11 विद्यालय ऐसे हैं, जहां एक भी स्थायी प्रवक्ता तैनात नहीं है। आलम यह है कि कई विद्यालयों की पूरी पढ़ाई और प्रशासनिक व्यवस्थाएं केवल अतिथि शिक्षकों के ही कंधों पर टिकी हैं।
विभाग के अनुसार कपकोट ब्लॉक में स्वीकृत 183 स्थायी प्रवक्ताओं के सापेक्ष वर्तमान में केवल 27 स्थायी शिक्षक ही कार्यरत हैं, जबकि 93 पदों पर अतिथि शिक्षक तैनात हैं और 63 पद पूरी तरह रिक्त पड़े हैं। कई विद्यालयों में महज दो या तीन शिक्षक ही पूरे विद्यालय की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। ब्लॉक के एकमात्र जीआईसी बालिका ऐठाण की स्थिति सबसे दयनीय है, जहां प्रवक्ताओं के सभी पद रिक्त चल रहे हैं। ग्रामीणों और अभिभावकों को उम्मीद थी कि शिक्षकों के हालिया स्थानांतरण प्रक्रिया के बाद कपकोट के दुर्गम विद्यालयों में स्थायी प्रवक्ताओं की तैनाती होगी और व्यवस्थाएं दुरुस्त होंगी। लेकिन स्थानांतरण सत्र बीतने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है।
....इनसेट
इन 11 विद्यालयों में नहीं है एक भी स्थायी प्रवक्ता
जीआईसी पोथिंग, जीआईसी खाती, जीआईसी सोराग, जीआईसी चौड़ास्थल, जीआईसी लीती, जीआईसी भंतोला, जीआईसी गुलेर, जीआईसी बघर, जीआईसी कर्मी, जीआईसी स्याकोट और जीआईसी सूपी में एक भी स्थायी प्रवक्ता की नियुक्ति नहीं है। वर्षों से भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, गणित और अंग्रेजी जैसे प्रमुख विषयों के पद खाली रहने से छात्र-छात्राओं की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है। स्थानीय अभिभावकों का कहना है कि शिक्षकों की भारी कमी का सीधा असर बोर्ड परीक्षाओं के नतीजों पर पड़ रहा है। बेहतर शिक्षा की आस में बच्चों का दाखिला निजी स्कूलों में कराने अथवा शहरों की ओर पलायन करने को मजबूर हैं।
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.......कोट
दुर्गम क्षेत्रों के विद्यालयों में प्रवक्ताओं के रिक्त पदों और शिक्षकों की कमी की अद्यतन स्थिति से उच्च अधिकारियों को अवगत कराया गया है। व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए अतिथि शिक्षकों की सेवाएं ली जा रही हैं। शासन स्तर से नई नियुक्तियों और समायोजन के निर्देश मिलते ही रिक्त पदों को भरने की कार्रवाई की जाएगी।
......विनय कुमार, सीईओ, बागेश्वर
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विभाग के अनुसार कपकोट ब्लॉक में स्वीकृत 183 स्थायी प्रवक्ताओं के सापेक्ष वर्तमान में केवल 27 स्थायी शिक्षक ही कार्यरत हैं, जबकि 93 पदों पर अतिथि शिक्षक तैनात हैं और 63 पद पूरी तरह रिक्त पड़े हैं। कई विद्यालयों में महज दो या तीन शिक्षक ही पूरे विद्यालय की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। ब्लॉक के एकमात्र जीआईसी बालिका ऐठाण की स्थिति सबसे दयनीय है, जहां प्रवक्ताओं के सभी पद रिक्त चल रहे हैं। ग्रामीणों और अभिभावकों को उम्मीद थी कि शिक्षकों के हालिया स्थानांतरण प्रक्रिया के बाद कपकोट के दुर्गम विद्यालयों में स्थायी प्रवक्ताओं की तैनाती होगी और व्यवस्थाएं दुरुस्त होंगी। लेकिन स्थानांतरण सत्र बीतने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है।
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इन 11 विद्यालयों में नहीं है एक भी स्थायी प्रवक्ता
जीआईसी पोथिंग, जीआईसी खाती, जीआईसी सोराग, जीआईसी चौड़ास्थल, जीआईसी लीती, जीआईसी भंतोला, जीआईसी गुलेर, जीआईसी बघर, जीआईसी कर्मी, जीआईसी स्याकोट और जीआईसी सूपी में एक भी स्थायी प्रवक्ता की नियुक्ति नहीं है। वर्षों से भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, गणित और अंग्रेजी जैसे प्रमुख विषयों के पद खाली रहने से छात्र-छात्राओं की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है। स्थानीय अभिभावकों का कहना है कि शिक्षकों की भारी कमी का सीधा असर बोर्ड परीक्षाओं के नतीजों पर पड़ रहा है। बेहतर शिक्षा की आस में बच्चों का दाखिला निजी स्कूलों में कराने अथवा शहरों की ओर पलायन करने को मजबूर हैं।
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दुर्गम क्षेत्रों के विद्यालयों में प्रवक्ताओं के रिक्त पदों और शिक्षकों की कमी की अद्यतन स्थिति से उच्च अधिकारियों को अवगत कराया गया है। व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए अतिथि शिक्षकों की सेवाएं ली जा रही हैं। शासन स्तर से नई नियुक्तियों और समायोजन के निर्देश मिलते ही रिक्त पदों को भरने की कार्रवाई की जाएगी।
......विनय कुमार, सीईओ, बागेश्वर