{"_id":"8fdd9a30411967c5e32f9f3c25b2be68","slug":"hinduism-will-protect-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अपना धर्म छोड़कर दूसरों का धर्म अपनाना चिंताजनक : गौरांग ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अपना धर्म छोड़कर दूसरों का धर्म अपनाना चिंताजनक : गौरांग
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, बागेश्वर।
Updated Tue, 02 Feb 2016 12:15 AM IST
विज्ञापन
अखिल भारतीय साहित्य उत्तराखंड प्रांत परिषद के संरक्षक गौरांग रघु महाराज ने कहा कि राज्य के पहाड़ी जिलों में कुछ लोग अपना धर्म का छोड़कर दूसरों के धर्म को अपना रहे हैं जो गंभीर चिंता की बात है। विधर्मी धर्मांतरण को लेकर बड़ी साजिश कर रहा है।
विज्ञापन
धर्मांतरण को रोक ने के लिए संगठन गांव-गांव में काम कर रहा है। युवाओं में बढ़ती नशे की लत बेहद चिंता की बात है। इसे रोकने के लिए दूसरे संगठनों से मिलकर काम किया जाएगा। धर्मांतरण, माघ महीने के महत्व के बारे में बताया जा रहा है।
विज्ञापन
बसंत पंचमी के दिन सरयू के तट पर काव्य गोष्ठी का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पुराणों के अनुसार सरयू-गोमती के संगम पर बसे इस नगर का महत्व प्रयागराज काशी के समान माना गया है। इसे साफ, स्वच्छ रखना हर व्यक्ति का दायित्व है। वहां मनीष पांडे, कुंदन लटवाल आदि थे।
विज्ञापन