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रातभर आफत बनकर बरसी बारिश
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बागेश्वर में उफनाई सरयू और गोमती नदी।
- फोटो : BAGESHWAR
बागेश्वर/कपकोट/कांडा। जिलेभर में रविवार रात जमकर बारिश हुई। इस कारण बाढ़, भूस्खलन से कई जगह नुकसान हुआ है। सड़कों पर मलबा, बोल्डर गिरने से कई वाहन फंसे हैं और यातायात भी प्रभावित हुआ है। डीएम रंजना राजगुरु ने मंगलवार को 12वीं कक्षा तक के सभी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित किया है।
रविवार रात हुई बारिश से कपकोट, कांडा, शमा और बनलेख क्षेत्र की कई सड़कों पर मलबा आ गया। इस पर राजस्व निरीक्षक, राजस्व उपनिरीक्षक, फायर सर्विस को मौके पर भेजा गया। लोनिवि के एसई पीएस बृजवाल ने बताया कि सोमवार सुबह कुल 22 ग्रामीण सड़कें बंद हो गई थीं। इनमें से आठ सड़कों से मलबा हटाकर यातायात बहाल किया जा चुका है। अन्य 14 सड़कों से मलबा हटाने के लिए जेसीबी भेजी गई है।
आशियाने और गौशाला टूटी
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी शिखा सुयाल ने बताया कि अतिवृष्टि से बालाघाट के पास ग्राम पंद्रहपाली निवासी विनोद सिंह पुत्र हरीश चंद्र सिंह का मकान टूट गया। मलबे से दबकर घर का पूरा सामान खराब हो गया। ग्राम कत्यूरमड बागनाथ वार्ड निवासी राजा पुत्र रामकिशन, पुलिस कॉलोनी निवासी कांस्टेबल महेश राम और जगदीश राम के घर में रखा सामान, कपड़े, खाद्यान्न खराब हो गया। इन सबको 3800 रुपये की सहायता राशि दी गई। ग्राम पंत क्वैराली निवासी गोपाल राम पुत्र प्रेम राम, ग्राम तुनेड़ा निवासी कमला देवी पत्नी पूरन सिंह, ग्राम जेठाईं निवासी आनंद सिंह पुत्र जोहार सिंह के घर और ग्राम पल्सों निवासी ललिता देवी पत्नी चंदन राम की गोशाला टूटी है।
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सावधान, नदी किनारे न जाएं, सावधानी बरतें
बागेश्वर। डीएम रंजना राजगुरु और एसपी प्रीति प्रियदर्शिनी के निर्देश पर सिविल, राजस्व और जल पुलिस नदी किनारे तैनात रही। पुलिस ने नदी किनारे खड़े लोगों और खतरनाक स्थानों पर सेल्फी ले रहे लोगों को वहां से हटाया। प्रशिक्षु सीओ विवेक कुमार, प्रभारी निरीक्षक तिलक राम वर्मा ने बागनाथ मंदिर परिसर समेत नदी किनारे मुख्य घाटों पर नियुक्त जल पुलिस को आवश्यक निर्देश दिये। इस दौरान लाउडस्पीकर से मंदिर परिसर, सरयू, गोमती नदी के किनारे के लोगों को आगाह किया। उनसे नदी किनारे न जाने, मोबाइल फोन से सेल्फी नहीं लेने, पुलों से हटने, सावधानी बरतने की अपील की गई।
डीएम ने अधिकारियों की बैठक लेकर की आपदा की समीक्षा
बागेश्वर। आपदा के मद्देनजर डीएम रंजना राजगुरु ने जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी, कर्मचारी सतर्क रहें। अपने विभागीय परिसरों, संपत्तियों का भी मुआयना करते रहें। क्षति का पूरा विवरण सचित्र उपलब्ध कराएं। एडीएम राहुल कुमार गोयल ने डीएम को बताया कि बंद सड़कों को खोला जा रहा है। जिले में तीन मकान पूर्ण और एक आंशिक रूप से टूटा है।
प्रभावित परिवारों को मदद दी गई है। सिंचाई विभाग से कोतवाली के आवासीय परिसर में गोमती नदी से बाढ़ सुरक्षा करने को कहा गया है। गरुड़ का गोसदन गड़सेर आपदा से टूट गया है। इस कारण वहां के 28 पशुओं को पशु चिकित्सालय गरुड़ के परिसर में रखकर उनके चारा, देखभाल की व्यवस्था की गई है। डीएम ने स्वास्थ्य, शिक्षा, पूर्ति विभाग, पुलिस, जल संस्थान के अधिकारियों से भी पूरी सावधानी बरतने को कहा है। बैठक में सीडीओ एसएसएस पांगती, सीएमओ डॉ. संजय कुमार शाह, सीओ महेश जोशी, डीडीओ केएन तिवारी, एसई लोनिवि पीएस बृजवाल, वरिष्ठ कोषाधिकारी नीतू भंडारी, जिला पूर्ति अधिकारी अरुण कुमार वर्मा, सीईओ नरेश शर्मा, मुख्य कृषि अधिकारी बीपी मौर्या, अपर परियोजना निदेशक शिल्पी पंत, ईई पीएमजीएसवाई राजेंद्र प्रसाद आदि थे।
कहां कितनी बारिश
कपकोट- 90 मिमी
गरुड़ - 75 मिमी
बागेश्वर - 40 मिमी
जलस्तर
सरयू - 867.80 मीटर
गोमती - 866.30 मीटर
डेंजर लेवल - 870.70 मीटर
बैजनाथ बैराज - 1112.50 मीटर
बैजनाथ बैराज डिस्चार्ज - 8567.53 क्यूसेक
जिले की बंद सड़कें
कपकोट-दुनी-सनकुड़ा, कपकोट-शामा-तेजम, पोथिंग-शोभाकुंड, गरुड़ में डंगोली-सैलानी मोटर मार्ग, धरमघर-माजखेत, कपकोट-तोली, कृपकोट-कर्मी, खेरलेख-भानर, कापकोट-कर्मी-तोली, शामा-नाकुरी, रिखाड़ी-वाछम, समता-लीती-गोगिना और पंद्रहपाली-हड़बाड़।
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रविवार रात हुई बारिश से कपकोट, कांडा, शमा और बनलेख क्षेत्र की कई सड़कों पर मलबा आ गया। इस पर राजस्व निरीक्षक, राजस्व उपनिरीक्षक, फायर सर्विस को मौके पर भेजा गया। लोनिवि के एसई पीएस बृजवाल ने बताया कि सोमवार सुबह कुल 22 ग्रामीण सड़कें बंद हो गई थीं। इनमें से आठ सड़कों से मलबा हटाकर यातायात बहाल किया जा चुका है। अन्य 14 सड़कों से मलबा हटाने के लिए जेसीबी भेजी गई है।
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आशियाने और गौशाला टूटी
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी शिखा सुयाल ने बताया कि अतिवृष्टि से बालाघाट के पास ग्राम पंद्रहपाली निवासी विनोद सिंह पुत्र हरीश चंद्र सिंह का मकान टूट गया। मलबे से दबकर घर का पूरा सामान खराब हो गया। ग्राम कत्यूरमड बागनाथ वार्ड निवासी राजा पुत्र रामकिशन, पुलिस कॉलोनी निवासी कांस्टेबल महेश राम और जगदीश राम के घर में रखा सामान, कपड़े, खाद्यान्न खराब हो गया। इन सबको 3800 रुपये की सहायता राशि दी गई। ग्राम पंत क्वैराली निवासी गोपाल राम पुत्र प्रेम राम, ग्राम तुनेड़ा निवासी कमला देवी पत्नी पूरन सिंह, ग्राम जेठाईं निवासी आनंद सिंह पुत्र जोहार सिंह के घर और ग्राम पल्सों निवासी ललिता देवी पत्नी चंदन राम की गोशाला टूटी है।
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सावधान, नदी किनारे न जाएं, सावधानी बरतें
बागेश्वर। डीएम रंजना राजगुरु और एसपी प्रीति प्रियदर्शिनी के निर्देश पर सिविल, राजस्व और जल पुलिस नदी किनारे तैनात रही। पुलिस ने नदी किनारे खड़े लोगों और खतरनाक स्थानों पर सेल्फी ले रहे लोगों को वहां से हटाया। प्रशिक्षु सीओ विवेक कुमार, प्रभारी निरीक्षक तिलक राम वर्मा ने बागनाथ मंदिर परिसर समेत नदी किनारे मुख्य घाटों पर नियुक्त जल पुलिस को आवश्यक निर्देश दिये। इस दौरान लाउडस्पीकर से मंदिर परिसर, सरयू, गोमती नदी के किनारे के लोगों को आगाह किया। उनसे नदी किनारे न जाने, मोबाइल फोन से सेल्फी नहीं लेने, पुलों से हटने, सावधानी बरतने की अपील की गई।
डीएम ने अधिकारियों की बैठक लेकर की आपदा की समीक्षा
बागेश्वर। आपदा के मद्देनजर डीएम रंजना राजगुरु ने जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी, कर्मचारी सतर्क रहें। अपने विभागीय परिसरों, संपत्तियों का भी मुआयना करते रहें। क्षति का पूरा विवरण सचित्र उपलब्ध कराएं। एडीएम राहुल कुमार गोयल ने डीएम को बताया कि बंद सड़कों को खोला जा रहा है। जिले में तीन मकान पूर्ण और एक आंशिक रूप से टूटा है।
प्रभावित परिवारों को मदद दी गई है। सिंचाई विभाग से कोतवाली के आवासीय परिसर में गोमती नदी से बाढ़ सुरक्षा करने को कहा गया है। गरुड़ का गोसदन गड़सेर आपदा से टूट गया है। इस कारण वहां के 28 पशुओं को पशु चिकित्सालय गरुड़ के परिसर में रखकर उनके चारा, देखभाल की व्यवस्था की गई है। डीएम ने स्वास्थ्य, शिक्षा, पूर्ति विभाग, पुलिस, जल संस्थान के अधिकारियों से भी पूरी सावधानी बरतने को कहा है। बैठक में सीडीओ एसएसएस पांगती, सीएमओ डॉ. संजय कुमार शाह, सीओ महेश जोशी, डीडीओ केएन तिवारी, एसई लोनिवि पीएस बृजवाल, वरिष्ठ कोषाधिकारी नीतू भंडारी, जिला पूर्ति अधिकारी अरुण कुमार वर्मा, सीईओ नरेश शर्मा, मुख्य कृषि अधिकारी बीपी मौर्या, अपर परियोजना निदेशक शिल्पी पंत, ईई पीएमजीएसवाई राजेंद्र प्रसाद आदि थे।
कहां कितनी बारिश
कपकोट- 90 मिमी
गरुड़ - 75 मिमी
बागेश्वर - 40 मिमी
जलस्तर
सरयू - 867.80 मीटर
गोमती - 866.30 मीटर
डेंजर लेवल - 870.70 मीटर
बैजनाथ बैराज - 1112.50 मीटर
बैजनाथ बैराज डिस्चार्ज - 8567.53 क्यूसेक
जिले की बंद सड़कें
कपकोट-दुनी-सनकुड़ा, कपकोट-शामा-तेजम, पोथिंग-शोभाकुंड, गरुड़ में डंगोली-सैलानी मोटर मार्ग, धरमघर-माजखेत, कपकोट-तोली, कृपकोट-कर्मी, खेरलेख-भानर, कापकोट-कर्मी-तोली, शामा-नाकुरी, रिखाड़ी-वाछम, समता-लीती-गोगिना और पंद्रहपाली-हड़बाड़।

बागेश्वर में गोमती नदी की बाढ़ से बचाने के लिए घर खाली कराए गए।- फोटो : BAGESHWAR

बागेश्वर की नदियों में बाढ़ आने पर लोगों को सावधान करती जल पुलिस।- फोटो : BAGESHWAR

कपकोट के ग्राम रातिरकेटी से गोगिना जाने वाली रोड पर गिरे बोल्डर।- फोटो : BAGESHWAR

बागेश्वर में सरयू नदी के जलमग्न घाट।- फोटो : BAGESHWAR

बागेश्वर के पंद्रहपाली गांव में अतिवृष्टि से टूटा मकान।- फोटो : BAGESHWAR