{"_id":"69d2a2d640254ce1c50e350b","slug":"heavy-hailstorm-along-with-rain-destroys-crops-in-kanda-and-kapkot-bageshwar-news-c-231-1-bgs1001-123776-2026-04-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bageshwar News: बारिश के साथ भारी ओलावृष्टि, कांडा और कपकोट में फसलें तबाह","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bageshwar News: बारिश के साथ भारी ओलावृष्टि, कांडा और कपकोट में फसलें तबाह
Sun, 05 Apr 2026 11:28 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
Updated Sun, 05 Apr 2026 11:28 PM IST
विज्ञापन
बागेश्वर। जिले में रविवार को मौसम में बदलाव हुआ। अधिकांश स्थानों पर बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई। कपकोट, दुगनाकुरी और बागेश्वर तहसील के दफौट क्षेत्र सहित कांडा तहसील के गांवों में हुई ओलावृष्टि ने खेतों में खड़ी गेहूं, जौ और मसूर की फसलें बर्बाद कर दी।
रविवार को कपकोट के शामा, जड़बिला, लीती, गोगिना, कांडा के सेरी, भंतोला, स्यांकाेट, महरूड़ी, दुगनाकुरी के रीमा, पचार, सुंदिल, जुनायल, दोफाड़ क्षेत्र में ओलावृष्टि का सबसे बुरा असर बागवानी पर पड़ा है। इस समय आम और लीची के पेड़ों पर आ रहे बौर ओलों से झड़ गए हैं जिससे आगामी फसल की उम्मीदें धुंधली हो गई हैं। खेतों में पककर तैयार मसूर, जौ और गेहूं की फसल के साथ सरसों, लाही और आलू को भारी क्षति हुई है।
गरुड़ की लाहुर घाटी में भी गिरे ओलों ने मौसमी सब्जियों की पौध को नष्ट कर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि ओलावृष्टि से सारी फसल चौपट हो गई है। प्रभावित क्षेत्रों में ओलों की सफेद चादर बिछ गई। किसानों ने शासन-प्रशासन से ओलावृष्टि से हुए नुकसान का उचित आकलन कर मुआवजा देने की मांग की है।
विज्ञापन
विज्ञापन
रविवार को कपकोट के शामा, जड़बिला, लीती, गोगिना, कांडा के सेरी, भंतोला, स्यांकाेट, महरूड़ी, दुगनाकुरी के रीमा, पचार, सुंदिल, जुनायल, दोफाड़ क्षेत्र में ओलावृष्टि का सबसे बुरा असर बागवानी पर पड़ा है। इस समय आम और लीची के पेड़ों पर आ रहे बौर ओलों से झड़ गए हैं जिससे आगामी फसल की उम्मीदें धुंधली हो गई हैं। खेतों में पककर तैयार मसूर, जौ और गेहूं की फसल के साथ सरसों, लाही और आलू को भारी क्षति हुई है।
विज्ञापन
गरुड़ की लाहुर घाटी में भी गिरे ओलों ने मौसमी सब्जियों की पौध को नष्ट कर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि ओलावृष्टि से सारी फसल चौपट हो गई है। प्रभावित क्षेत्रों में ओलों की सफेद चादर बिछ गई। किसानों ने शासन-प्रशासन से ओलावृष्टि से हुए नुकसान का उचित आकलन कर मुआवजा देने की मांग की है।
विज्ञापन