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Bageshwar News: सौ फीसदी से अधिक की हुई प्रसव पूर्व जांच
Mon, 24 Mar 2025 11:13 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
Updated Mon, 24 Mar 2025 11:13 PM IST
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बागेश्वर। जिले में गर्भवतियों की प्रसव पूर्व जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग का जागरूकता अभियान रंग ला रहा है। बीते वर्ष मात्र 49.30 फीसदी गर्भवतियों की जांच कर सका था। इस वर्ष 11 माह में ही 100 फीसदी से अधिक महिलाओं को स्वास्थ्य परीक्षण का लाभ मिला है।
दूरस्थ क्षेत्रों से भी गर्भवतियां जांच के लिए अस्पताल, स्वास्थ्य केंद्र में पहुंच रही हैं। गर्भस्थ भ्रूण की सही प्रकार से वृद्धि पर निगरानी के लिए गर्भवती की चार एएनसी जांच की जाती है।
गर्भवस्था के दौरान महिला चिकित्सक 12 सप्ताह में पहली, 14-26 सप्ताह में दूसरी, 28-36 सप्ताह में तीसरी और 36 सप्ताह से प्रसव काल तक चौथी जांच करती हैं। जांच के दौरान हिमोग्लोबिन स्तर, एचआईवी, मधुमेह, रक्तचाप आदि परीक्षण किए जाते हैं। वर्ष 2023-24 में स्वास्थ्य विभाग को 4,799 गर्भवतियों की जांच करने का लक्ष्य दिया था। मात्र 2,366 गर्भवतियों की ही प्रसव पूर्व जांच हो सकी थी। इस वर्ष 3,649 गर्भवतियों की जांच का लक्ष्य निर्धारित किया गया है जिसके सापेक्ष फरवरी माह में ही 3,675 गर्भवतियों की जांच की जा चुकी है। जांच के बाद गर्भवतियों को 100 आयरन की गोलियां और टीटी इंजेक्शन की दो डोज लगाई जाती हैं।
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सीएमओ डाॅ. कुमार आदित्य तिवारी ने बताया कि गांव-गांव में स्वास्थ्य कर्मी गर्भवतियों की स्वास्थ्य जांच कर रहे हैं। मातृ-शिशु सुरक्षा, संस्थागत प्रसव के लिए समय-समय पर शिविर आयोजित कर ग्रामीणों को जागरूक किया जाता है।
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दूरस्थ क्षेत्रों से भी गर्भवतियां जांच के लिए अस्पताल, स्वास्थ्य केंद्र में पहुंच रही हैं। गर्भस्थ भ्रूण की सही प्रकार से वृद्धि पर निगरानी के लिए गर्भवती की चार एएनसी जांच की जाती है।
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गर्भवस्था के दौरान महिला चिकित्सक 12 सप्ताह में पहली, 14-26 सप्ताह में दूसरी, 28-36 सप्ताह में तीसरी और 36 सप्ताह से प्रसव काल तक चौथी जांच करती हैं। जांच के दौरान हिमोग्लोबिन स्तर, एचआईवी, मधुमेह, रक्तचाप आदि परीक्षण किए जाते हैं। वर्ष 2023-24 में स्वास्थ्य विभाग को 4,799 गर्भवतियों की जांच करने का लक्ष्य दिया था। मात्र 2,366 गर्भवतियों की ही प्रसव पूर्व जांच हो सकी थी। इस वर्ष 3,649 गर्भवतियों की जांच का लक्ष्य निर्धारित किया गया है जिसके सापेक्ष फरवरी माह में ही 3,675 गर्भवतियों की जांच की जा चुकी है। जांच के बाद गर्भवतियों को 100 आयरन की गोलियां और टीटी इंजेक्शन की दो डोज लगाई जाती हैं।
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सीएमओ डाॅ. कुमार आदित्य तिवारी ने बताया कि गांव-गांव में स्वास्थ्य कर्मी गर्भवतियों की स्वास्थ्य जांच कर रहे हैं। मातृ-शिशु सुरक्षा, संस्थागत प्रसव के लिए समय-समय पर शिविर आयोजित कर ग्रामीणों को जागरूक किया जाता है।