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आशा फैसिलिटेटर्स ने की स्वास्थ्य विभाग से संबद्ध करने की मांग
ब्यूरो, अमर उजाला बागेश्वर।
Updated Thu, 02 Jun 2016 11:06 PM IST
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आश्ाा वर्कस
- फोटो : अमर उजाला
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आशा फैसिलेेटरों ने एनजीओ से हटाकर उन्हें सीधे स्वास्थ्य विभाग में संबद्ध करने की मांग की है। इस संबंध का एक ज्ञापन प्रदेश के मुख्यमंत्री को भेजा गया है। जिलाधिकारी के माध्यम से प्रदेश के मुख्यमंत्री को भेजे ज्ञापन में आशा फैसिलेटरों ने कहा है कि बागेश्वर जिले में वर्तमान में 16 आशा फैसिलेटर तैनात हैं। इनमें एक को 30-35 आशाओं का कार्य देखना होता है।
आशा फैसिलेटरों का कहना है कि नियुक्ति के बाद से उनके मानदेय में मात्र पांच सौ रुपये की बढ़ोतरी की गई है। वर्तमान में मात्र 5500 रुपये के मानदेय में कार्य करने को मजबूर हैं। कार्य संचालन का दायित्व एनजीओ के पास होने से रिपोर्ट तैयार करने सहित विभिन्न कार्यों के लिए एनजीओ आफिस के चक्कर भी लगाने पड़ते हैं।
एनजीओ और सीएचसी में रिपोर्टिंग करने के कारण समय से साथ-साथ धन की भी बरबादी होती है। उन्होंने एनजीओ से हटाकर सीधे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र या सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से संबद्ध करने, विभाग में समाहित कर सम्मानजनक मानदेय देने, आशाओं की तरह डाटा बेस तैयार करने की मांग की है।
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ज्ञापन सौंपने वालों में अध्यक्ष ललिता भाकुनी, सचिव विमला बोरा, कोषाध्यक्ष दीपा टाकुली, चंद्रकला जोशी, गीता तिवारी, धना देवी, पुष्पा मेहता, मोहनी कोरंगा, सीता दानू, चंपा गढ़िया, षष्ठी कांडपाल, नीता नगरकोटी, चंद्रावती पाठक, धनी मर्तोलिया, रेखा बिष्ट, प्रेमा जोशी शामिल थीं।
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आशा फैसिलेटरों का कहना है कि नियुक्ति के बाद से उनके मानदेय में मात्र पांच सौ रुपये की बढ़ोतरी की गई है। वर्तमान में मात्र 5500 रुपये के मानदेय में कार्य करने को मजबूर हैं। कार्य संचालन का दायित्व एनजीओ के पास होने से रिपोर्ट तैयार करने सहित विभिन्न कार्यों के लिए एनजीओ आफिस के चक्कर भी लगाने पड़ते हैं।
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एनजीओ और सीएचसी में रिपोर्टिंग करने के कारण समय से साथ-साथ धन की भी बरबादी होती है। उन्होंने एनजीओ से हटाकर सीधे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र या सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से संबद्ध करने, विभाग में समाहित कर सम्मानजनक मानदेय देने, आशाओं की तरह डाटा बेस तैयार करने की मांग की है।
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ज्ञापन सौंपने वालों में अध्यक्ष ललिता भाकुनी, सचिव विमला बोरा, कोषाध्यक्ष दीपा टाकुली, चंद्रकला जोशी, गीता तिवारी, धना देवी, पुष्पा मेहता, मोहनी कोरंगा, सीता दानू, चंपा गढ़िया, षष्ठी कांडपाल, नीता नगरकोटी, चंद्रावती पाठक, धनी मर्तोलिया, रेखा बिष्ट, प्रेमा जोशी शामिल थीं।