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पहले भिड़े, कोतवाली पहुंचे फिर कर ली सुलह

Thu, 30 Apr 2015 11:19 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, बागेश्वर
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, बागेश्वर Updated Thu, 30 Apr 2015 11:19 PM IST
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He went first, then taken to the police station arrived reconciliation

बृहस्पतिवार की शाम शिक्षक नेता और जिला शिक्षा अधिकारी मर्यादा भूलकर बीच रास्ते में जमकर भिड़ गए। मामला इतना तूल पकड़ गया कि दोनों पक्ष कोतवाली पहुंच गए और एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराने पर अड़ गए। आखिर एसडीएम ने कोतवाली पहुंचकर नैतिकता का पाठ पढ़ाया, तब उन्हें अपनी गलती का अहसास हुआ और एक-दूसरे से खेद जताते हुए कोतवाली से बाहर निकल आए।

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प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला मंत्री बलवंत कालाकोटी और ब्लाक अध्यक्ष हेम पांडे का जिला शिक्षा अधिकारी बेसिक हीरा लाल गौतम बीच विवाद हो गया। बृहस्पतिवार की शाम दोनोें जिला शिक्षा कार्यालय को जाने वाले पैदल रास्ते पर आपस में ही भिड़ गए। बलवंत कालाकोटी ने बताया कि वह शिक्षकों के सत्रांत लाभ के मामलोें को लेकर श्री गौतम से मिलने जा रहे थे। इस मामले की फाइल लंबे समय से लटकी है, जिससे कई शिक्षक सत्रांत लाभ की सुविधा से वंचित हो सकते हैं। शिक्षकों के देयक सहित कुछ अन्य मामलों पर भी चर्चा होनी थी। इस संबंध में बात करनी चाही तो वह भड़क गए और कोतवाली में जाने की बात कहने लगे। इधर डीईओ हीरा लाल गौतम का कहना है कि सत्रांत लाभ के मामले उनके स्तर से नहीं लटकाए गए हैं। श्री गौतम ने कहा कि वह जिलाधिकारी की बैठक से लौट रहे थे। शिक्षक नेताओं ने उन्हें रास्ते में ही रोक लिया। उन्हें आफिस आने को कहा तो लोेगों के सामने ही बदसलूकी करने लगे।
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इधर घटना के बाद प्राथमिक शिक्षक संघ के पदाधिकारी और सदस्य कोतवाली पहुंच गए और कोतवाल हरक सिंह फिरमाल से एफआईआर कराने को कहने लगे। कोतवाल ने मामले को शांत कराने के मकसद से डीईओ को भी वहां बुला लिया। दोनों ही पक्ष एक-दूसरे पर गाली-गलौज करने का आरोप लगाने लगे। बाद में एसडीएम फींचाराम चौहान वहां आए। उन्होंने दोनों पक्षों को पद और पेशे का वास्ता दिया। उन्हें गरिमा याद दिलाई। कहा इससे शिक्षा जगत की छवि खराब हो रही है। बाद में दोनों पक्षों ने एक-दूसरे से खेद जताया और मौखिक रूप से समझौते के बाद दोनों पक्ष वहां से चले गए।

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