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Bageshwar News: बमन भीड़ी गांव के हवलदार की सैन्य सम्मान के साथ हुई अंत्येष्टि

Sun, 12 Oct 2025 01:29 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर Updated Sun, 12 Oct 2025 01:29 AM IST
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Havaldar of Baman Bhidi village cremated with military honours
बागेश्वर के सरयू-गोमती संगम पर ​स्थिति श्मशान घाट में हवलदार को अंतिम सलामी देते सिग्लन कोर के
बागेश्वर। दफौट के बमन भीड़ी गांव निवासी हवलदार के पार्थिव शरीर का सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। सरयू-गोमती संगम स्थित श्मशान घाट पर ग्रामीणों ने उन्हें नम आंखों से अंतिम विदाई दी। जवान का विगत आठ अक्तूबर को जम्मू के आर्मी अस्पताल में इलाज के दौरान निधन हो गया था।
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हवलदार सुरेश सिंह (47) पुत्र त्रिलोक सिंह तीन राजपूत रेजीमेंट में थे और जम्मू के अखनूर सेंटर में तैनात थे। उनका परिवार लखनऊ में रहता है। विगत दो अक्तूबर को वह अवकाश बिताकर लखनऊ से ड्यूटी पर जा रहे थे। जम्मू के रेलवे स्टेशन पर वह उतरे तो अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई।
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उन्हें लोगों ने तत्काल स्थानीय अस्पताल में पहुंचाया जहां से उन्हें आर्मी अस्पताल में भेजा गया। इलाज के दौरान ही उनका निधन हो गया। शुक्रवार देर शाम नायब सूबेदार रविंद्र सिंह के नेतृत्व में सैनिक उनके पार्थिव शरीर को लेकर गांव पहुंचे। शनिवार सुबह सरयू-गोमती श्मशान घाट पर कौसानी से आए सिग्नल कोर के जवानों ने उन्हें अंतिम सलामी दी।
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बड़े भाई महेश सिंह और दर्शन सिंह ने उनकी चिता को मुखाग्नि दी। इस मौके पर सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास कार्यालय के कैलाश पंत, पूर्व सहायक सैनिक कल्याण अधिकारी कैप्टन रमेश तिवारी, मनोज कुमार, पूर्व सैनिक भूपेश दफौटी, रमेश भंडारी, मोहन सिंह, प्रताप सिंह, भूपाल सिंह आदि मौजूद रहे। दिवंगत हवलदार अपने पीछे पत्नी रीना पुत्री अमीशा और पुत्र निहाल को छोड़ गए हैं।



प्रशासन को करनी चाहिए व्यवस्था
पूर्व सैनिक संगठन ने जवान की अंत्येष्टि पर प्रशासन के नहीं पहुंचने से नाराजगी जताई है। संगठन के सचिव रमेश भंडारी का कहना था कि जवान के अंतिम संस्कार में नहीं तो प्रशासन का कोई जिम्मेदार अधिकारी पहुंचा और न ही कोई व्यवस्था की गई। कहा कि भविष्य में इस तरह से सैनिक के सम्मान में किसी तरह की कमी नहीं होनी चाहिए।
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