फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Bageshwar News ›   Government work disrupted due to agitations in Bageshwar

बागेश्वर में आंदोलनों से सरकारी कामकाज बाधित

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Wed, 28 Jul 2021 12:33 AM IST
विज्ञापन
Government work disrupted due to agitations in Bageshwar
जिला पंचायत के आंदोलन को समर्थन देने पहुंचे नागरिक मंच के सदस्य। संवाद न्यूज एजेंसी - फोटो : BAGESHWAR
बागेश्वर। जिले में आंदोलनों का दौर जारी है। नगरपालिका और नगर पंचायत के पर्यारवण मित्रों, सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास विभाग के संविदा कर्मचारियों और जिला पंचायत सदस्यों के बाद ऊर्जा निगम के कर्मचारियों ने भी आंदोलन की राह पकड़ ली है। बिजली कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। कर्मचारियों की हड़ताल के बाद हालात बिगड़ने लग गए हैं। सफाई कर्मचारियों के आंदोलन ने बाजारों को कूड़ाघर बना दिया है। जगह-जगह घरों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों का कूड़ा जमा हो गया है। कूड़े से उठ रही दुर्गंध राहगीरों, व्यापारियों और आसपास के लोगों के लिए परेशानी बन गई है। बीमारियों के पैदा होने का खतरा भी बढ़ गया है। सैनिक कल्याण विभाग में हड़ताल के कारण पूर्व सैनिकों के जरूरी कार्य प्रभावित हो गए हैं, वहीं ऊर्जा निगम कर्मचारियों के आंदोलन के बाद जिले में बिजली संकट गहराने की आशंका बढ़ गई है।
विज्ञापन

धरने पर डटे सफाई कर्मचारियों को बसपा ने दिया समर्थन
बागेश्वर। 11 सूत्रीय मांगों को लेकर सफाई कर्मचारियों का आंदोलन मंगलवार को भी जारी रहा। पर्यावरण मित्रों ने कार्य बहिष्कार कर नगरपालिका परिसर में धरना दिया और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। सफाई कर्मचारियों के आंदोलन को बहुजन समाज पार्टी का भी समर्थन मिला। धरना स्थल पर पहुंचे बसपा के जिलाध्यक्ष ओम प्रकाश टम्टा ने कहा कि सफाई जैसे अहम कार्य की जिम्मेदारी उठानी वाले कर्मचारियों की समस्याओं को अनदेखा किया जाना ठीक नहीं है। कहा कि कुछ दिनों के आंदोलन से ही नगर क्षेत्र में हालात बेहद खराब हो गए हैं। सरकार को तत्काल सफाई कर्मियों की मांग पूरी करनी चाहिए। इधर सफाई कर्मचारी संघ के शाखा अध्यक्ष चंदन कुमार और कपकोट के शाखा अध्यक्ष शुभम खैर ने कहा कि ठेका प्रथा समाप्त करने, पुरानी पेंशन बहाली, नियमितीकरण, धुलाई और टूल भत्ता बढ़ाने, स्वास्थ्य बीमा का लाभ देने आदि मांगों को लेकर कर्मचारी कार्य बहिष्कार पर हैं। जब तक सरकार सभी मांगों को पूरा नहीं करती, आंदोलन जारी रहेगा। समर्थन देने वालों में लच्छीराम, गोविंद राम, श्रीराम, दीपक खेतवाल, रमेश पांडेय कृषक, भुवन चौबे, कमल कवि कांडपाल भी शामिल थे।
विज्ञापन

सैनिक कल्याण कर्मचारियों की विभागीय संविदा और सातवें वेतन के लाभ की मांग
बागेश्वर। सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास विभाग के संविदा कर्मचारियों का धरना मंगलवार को भी जारी रहा। कर्मचारी विभागीय संविदा और सातवें वेतनमान का लाभ देने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। कर्मचारियों का कहना है कि वर्षों से विभाग में सेवा देने के बावजूद उनकी मांगों की अनदेखी हो रही है, जिसे किसी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कर्मचारियों ने कहा कि पूर्व में भी कार्य बहिष्कार करने के बावजूद सरकार की ओर से केवल आश्वासन दिया गया। मांगों को पूरा करने के लिए ठोस कार्यवाही नहीं हुई। इसके कारण कर्मचारियों को आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ रहा है। कर्मचारियों ने कहा कि जब तक उनकी मांगों का समाधान नहीं होगा आंदोलन जारी रहेगा। इस मौके पर सहायक सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास अधिकारी रमेश चंद्र तिवारी, दीप चंद्र बिष्ट, जगदीश सिंह, महेश चंद्र कांडपाल, नरेंद्र सिंह, कमला तिवारी आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

जिला पंचायत के आंदोलन को नागरिक मंच ने दिया समर्थन
बागेश्वर। जिपं पंचायत की अनियमितताओं की जांच और बजट की बंदरबांट के विरोध में जिपं उपाध्यक्ष और सदस्यों का आंदोलन जारी है। मंगलवार को नागरिक मंच के सदस्यों ने आंदोलन को समर्थन दिया और मामले का जल्द हल निकालने की मांग की।

जिपं उपाध्यक्ष नवीन परिहार के नेतृत्व में धरना दे रहे सदस्यों का कहना है कि जिपं को मिले बजट का समान वितरण नहीं किया जा रहा है। नियुक्तियों में धांधली की गई है। जिपं के वाहन चालकों से काम नहीं लिया जा रहा है। जिपं अध्यक्ष और एएमए के वाहन संविदा पर तैनात चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी चला रहे हैं। नियमों के विपरीत इनको चालकों को मिलने वाले भत्तों का भुगतान किया जा रहा है। कहा कि मामले की सीडीओ की अध्यक्षता में गठित कमेटी जांच कर रही है। जांच रिपोर्ट में किसी तरह की लीपापोती की गई तो उत्तराखंड हाईकोर्ट में वाद दायर कर दिया जाएगा। आंदोलन को समर्थन देने वालों में नागरिक मंच के अध्यक्ष पंकज पांडेय, प्रमोद मेहता, भुवन चौबे, राजेंद्र प्रकाश, कमल कवि कांडपाल शामिल थे। धरने में जिपं सदस्य हरीश ऐठानी, इंदिरा परिहार, गोपा धपोला, वंदना ऐठानी, सुरेंद्र खेतवाल, रूपा कोरंगा, रेखा देवी, पूजा देवी बैठे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed