{"_id":"585c0bcf4f1c1b2e4ee3a1d3","slug":"gorillas-protesting-against-the-centre-and-delhi-police","type":"story","status":"publish","title_hn":"गुरिल्लों ने केंद्र और दिल्ली पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गुरिल्लों ने केंद्र और दिल्ली पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की
अमर उजाला ब्यूरो, बागेश्वर
Updated Thu, 22 Dec 2016 10:52 PM IST
विज्ञापन
धरना देते गुरिल्ले
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लंबित मांगों को लेकर हथियार प्रशिक्षित गुुरिल्लों का तहसील प्रांगण में चल रहा बेमियादी धरना बृहस्पतिवार 2592 वें दिन भी जारी रहा। संगठन के जिलाध्यक्ष शेर सिंह दुबड़िया की अध्यक्षता और राम प्रसाद आर्या के संचालन में हुई सभा में वक्ताओं ने दिल्ली के जंतर मंतर में आंदोलन कर गुरिल्लों पर हुए लाठीचार्ज और गिरफ्तारी की कड़े शब्दों में निंदा की, विरोध में जमकर नारेबाजी की।
जिलाध्यक्ष ने कहा कि पुलिस की मार से दिल्ली में संतोष नाम के एक गुरिल्ले की जान चली गई है, जबकि कई घायल हुए हैं। सभी को पर्याप्त मात्रा में मुआवजा दिया जाए। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को गुरिल्लों की कोई फिक्र नहीं है। प्रदेश सरकार उनकी कोई सहायता नहीं कर रही है। वक्ताओं ने कहा कि केंद्र गुरिल्लों के संगठन को तोड़ने का षड़यंत्र रच रहा है।
जिसे कतई सहन नहीं किया जाएगा। चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें शीघ्र पूरी नहीं हुई तो आंदोलन की धार और भी तेज कर दी जाएगी। सभा के अंत में मारे गए संतोष की स्मृति में दो मिनट का मौन रखा गया। सभा और धरना देने वालों में रूद्र सिंह धामी, नवीन लोहनी, रमेश जनौटी, जीवन डसीला, रणजीत परिहार, शोबन कनवाल, सुरेंद्र पालनी, उमा शाह, दुर्गा दानू, नारायण राम, द्रोपदी, जानकी और उमेद सिंह नेगी आदि शामिल थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
जिलाध्यक्ष ने कहा कि पुलिस की मार से दिल्ली में संतोष नाम के एक गुरिल्ले की जान चली गई है, जबकि कई घायल हुए हैं। सभी को पर्याप्त मात्रा में मुआवजा दिया जाए। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को गुरिल्लों की कोई फिक्र नहीं है। प्रदेश सरकार उनकी कोई सहायता नहीं कर रही है। वक्ताओं ने कहा कि केंद्र गुरिल्लों के संगठन को तोड़ने का षड़यंत्र रच रहा है।
विज्ञापन
जिसे कतई सहन नहीं किया जाएगा। चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें शीघ्र पूरी नहीं हुई तो आंदोलन की धार और भी तेज कर दी जाएगी। सभा के अंत में मारे गए संतोष की स्मृति में दो मिनट का मौन रखा गया। सभा और धरना देने वालों में रूद्र सिंह धामी, नवीन लोहनी, रमेश जनौटी, जीवन डसीला, रणजीत परिहार, शोबन कनवाल, सुरेंद्र पालनी, उमा शाह, दुर्गा दानू, नारायण राम, द्रोपदी, जानकी और उमेद सिंह नेगी आदि शामिल थे।
विज्ञापन