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बेकाबू हो रही जंगलों की आग, भारी नुकसान
अमर उजाला ब्यूरो बागेश्वर
Updated Mon, 25 Apr 2016 11:20 PM IST
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आग बुझाती छात्राएं
- फोटो : अमर उजाला
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जिले के जंगल दहक रहे हैं, एक जगह आग बुझती नहीं कि दूसरी कई जगहों पर लग जा रही है। पिछले 24 घंटों के भीतर जिले के कई क्षेत्रों के जंगलों में लगी आग से भारी नुकसान हो चुका है। जिले के डुंगरी चौरा गांव में जंगल की आग से घास के लुट्टों को बचाने के प्रयास में एक वृद्धा गंभीर रूप से झुलस गई। जिला अस्पताल में प्राथमिक इलाज के बाद उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया गया है। रवाईखाल क्षेत्र में जंगल की आग से एक मकान जलकर राख हो गया। कांडा के विजयपुर में आग से चाय बागान को भारी क्षति पहुंची है।
रविवार शाम करीब सात बजे सामा क्षेत्र के डुंगरी चौरा गांव के जंगल में लगी आग गांव की तरफ बढ़ गई। घर के पास बनाए घास के लुट्टों को बचाने के लिए खिमुली देवी (70) पत्नी खीम गिरी जब आग बुझाने लगी तो उनकी साड़ी आग की चपेट में आ गई। चीख-पुकार सुनकर परिवार के सदस्यों के मौके पर पहुंचने तक महिला बुरी तरह से झुलस चुकी थी। परिवार के सदस्य महिला को रात करीब 10:30 बजे जिला अस्पताल लेकर आए। डॉक्टरों ने प्राथमिक इलाज के बाद उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया। डॉक्टरों के अनुसार महिला के शरीर का निचला हिस्सा 50 प्रतिशत तक झुलस गया है।
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दूसरी घटना में रवाईखाल क्षेत्र के बलेख गांव में एक मकान जलकर राख हो गया। जानकारी के अनुसार किशन राम और नारायण राम पुराने मकान का प्रयोग बुवाई के समय जानवरों को बांधने के उपयोग में लाते थे। रविवार रात आग लगने से मकान पूरी तरह से जल गया। ग्रामीणों ने प्रशासन से मुआवजा देने की मांग की है।
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तीसरी घटना में जंगल की आग से कांडा के विजयपुर में स्थित चाय बागान को भारी नुकसान पहुंचा है। विजयपुर के चाय बागान के आसपास चीड़ के वन हैं। इसके अलावा चाय बागान के बीच में भी चीड़ के पेड़ हैं। रविवार शाम को जंगलों में लगी आग चाय बागान तक पहुंच गई। इससे सैकड़ों की संख्या में चाय के पौधे जलकर नष्ट हो गए। चाय बागान के गार्ड और विजयपुर के सरपंच पुष्पेश पंत ने बमुश्किल आग पर काबू पाया। पिछले कई दिनों से जिले के जंगल धूं-धूंकर जल रहे हैं। चीड़ के जंगलों में सबसे अधिक आग लग रही है। डीएफओ एमबी सिंह ने बताया कि जंगलों को आग से बचाने के लिए सभी रेंजों में कर्मचारी तैनात किए गए हैं। शरारती तत्व रात के समय जंगलों में आग लगा रहे हैं। जंगलों की आग से सुरक्षा के लिए लोगों से बार-बार अपील की जा रही है।
छात्राओं ने बुझाई जंगल की आग
बागेश्वर। देवतोली के जंगल भी धूं-धूंकर जल रहे हैं। सोमवार को जंगल की आग पीएस डसीला स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्मारक राइंका देवतोली की ओर बढ़ गई। छुट्टी के बाद घर की ओर लौट रही छात्राओं ने आग पर काबू पाया। आग बुझाने वाली छात्राओं में सपना, राखी, कौशल्या, सपना और रीना आदि शामिल थीं। छात्राओं के इस प्रयास की शिक्षकों ने सराहना की है।