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बारिश से चार मकान ध्वस्त, क्षतिग्रस्त कलवर्ट में समाई कार
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कपकोट के पुड़कुनी में ध्वस्त मकान। संवाद न्यूज एजेंसी
- फोटो : BAGESHWAR
बागेश्वर/कपकोट। मंगलवार शाम से बुधवार दोपहर तक कपकोट क्षेत्र में हुई तेज बारिश से जबरदस्त तबाही मची है। बालीघाट-धरमघर मार्ग पर पर कलवर्ट ध्वस्त होने से एक कार उसमें समा गई। कपकोट में चार मकान ध्वस्त हो गए, जबकि कई घरों में मलबा घुस गया है। खेत मलबे से पटे हैं। उडियार समेत कई पेयजल योजनाएं ध्वस्त हो गई हैं। कपकोट में 307.5 मिमी, बागेश्वर में 7.5 मिमी और गरुड़ में 15 मिमी बारिश रिकार्ड की गई।
कपकोट क्षेत्र में मंगलवार शाम करीब पांच बजे से बारिश शुरू हुई। देर शाम कपकोट से कार से रीमा लौट रहे रीमा के प्रधान नरेंद्र कोहली, वड्यूड़ा के प्रधान कुंदन भारती और दो अन्य लोग जैसे ही बालीघाट-धरमघर सड़क के उडियार नामक स्थान पर पहुंचे तो यकायक कलवर्ट धंसने लगा। कलवर्ट धंसने की आहट मिलने पर यह चारों कार से निकल गए। देखते ही देखते कलवर्ट ध्वस्त हो गया और कार उसमें समा गई।
कपकोट के पुड़कुनी में बारिश के दौरान डुंगर सिंह बघरी पुत्र चतुर सिंह बघरी का मकान ध्वस्त हो गया है। किसी प्रकार का जानमाल का नुकसान नहीं हुआ। बगल के भरत सिंह के मकान में दरार आ गई है। इधर किड़ई निवासी किशन राम पुत्र दीवान राम, कपकोट निवासी हरीश राम पुत्र हिम राम, गडेरा निवासी राकेश सिंह पुत्र भूपाल सिंह का मकान ध्वस्त हो गया। बौड़ी (काफलीगैर) निवासी अमर राम पुत्र जोगा राम और ओखलीसिरोद निवासी रमेश राम पुत्र जोगा राम के मकान को आंशिक क्षति पहुंची है। पनौरा गांव में प्रकाश राम, इंद्र प्रसाद ,तारा प्रसाद, आनंद राम, मदन राम के घरों में मलबा घुसने से सामान खराब हो गया। ग्राम प्रधान पुष्पा कपकोटी ने प्रशासन से पीड़ितों की मदद करने की मांग की है। कपकोट के नरगड़ा में शेर सिंह पुत्र बचे सिंह के मकान के आगे भूस्खलन होने से मकान खतरे की जद में आ गया है। उतरौड़ा के गोवर्धन जोशी और कांति बल्लभ जोशी के खेत मलबे से पट गए हैं।
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सरयू का जलस्तर चेतावनी लेबल के पास पहुंचा
बागेश्वर/गरुड़। तेज बारिश के कारण सरयू नदी का जलस्तर चेतावनी लेबल से पास पहुंच गया है। गोमती नदी भी उफान पर है। सरयू का जलस्तर बढ़ने से पुलिस ने नदी किनारे के लोगों को तट पर न आने की अपील की गई है। जलस्तर बढ़ने से सरयू के घाट जलमग्न हो गए हैं। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी शिखा सुयाल ने बताया कि बुधवार को सरयू का जलस्तर 868 मीटर और गोमती का जलस्तर 862 मीटर था। दोनों नदियों का चेतावनी लेबल 869 मीटर और खतरनाक लेबल 870.70 मीटर है। बैजनाथ बैराज का जलस्तर 1112.40 मीटर था। बैजनाथ बैराज से 365.55 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज हुआ। गरुड़ में बारिश से गोमती और गरुड़ गंगा का जल स्तर काफी बढ़ गया है। सुरक्षा की दृष्टि से सिंचाई विभाग ने बैजनाथ बैराज के सभी गेट खोल दिए है। बारिश से गरुड़ बिनातोली, गागरीगोल, गरुड़ देवानाई, मटे तिलसारी आदि मोटर मार्गों में जगह-जगह मलबा आ गया है।
बागेश्वर जिले में 18 सड़कें बंद, लोग परेशान
बागेश्वर। मलबा आने और भूस्खलन से जिले में 20 सड़कों पर यातायात बाधित हो गया था। दोपहर बाद दो सड़कों में यातायात सुचारु हो गया था। 18 सड़कों में यातायात अब भी बाधित है। इनमें से अधिकांश सड़कें ग्रामीण क्षेत्रों की हैं। सड़कों के बंद होने से लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। आपदा प्रबंधन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार लोनिवि कपकोट के अधीन आने वाली कपकोट-शामा-तेजम सड़क किमी 52 में कई मीटर हिस्से में बह गई है। बालीघाट-तेजम-धरमघर सड़क में किमी 38 में कलवर्ट ध्वस्त हो गायब है। बागेश्वर-कपकोट सड़क किमी 16 में मलबा गिरने से बंद हो गई। बालीघाट-दोफाड़, दुनी सुकंडा, भयूं-गडेरा, धरमघर-सनगाड़, शामा-लीती सड़क में भी मलबा गिरने से यातायात बाधित हो गया। कपकोट पीएमजीएसवाई डिवीजन के अधीन सूपी, शामा-नाकुरी, कपकोट-कर्मी, शामा-गोगिना, धरमघर-मजखेत, तोली, काफलीकमेरा सड़क बाधित है। पीएमजीएसवाई बागेश्वर के अधीन आने वाली धपोली-जेठाई, ब्रिडकुल के अधीन बागेश्वर-तिलसारी, वाप्कोस की चेटाबगड़ सड़क में यातायात ठप है। बताया गया है कि रिखाड़ी-बाछम, कपकोट-लीली, डंगोली-सैलानी, कमेड़ीदेवी-भैस्यूड़ी सड़क में भी यातायात बाधित हो गया।
भूस्खलन से सात मकानों के लिए खतरा
बागेश्वर/गरुड़। निर्माणाधीन खड़गेड़ा-ओखलधार सड़क में भूस्खलन से कई स्थानों पर सड़क बह गई है। वहीं भूस्खलन से ठालाइजर, द्योलाड़ी में सात मकानों के लिए खतरा पैदा हो गया है। भय में ग्रामीणों ने जागकर रात बिताई। बताया गया है कि भूस्खलन से गोपाल राम, भूपाल राम, नारायण राम, हरीश चंद्र, तिल राम, नारायण राम, मोहन राम के मकान खतरे की जद में आ गए हैं। प्रभावितों ने अधिकारियों को फोन से जानकारी देकर सुरक्षा की गुहार लगाई है। इधर पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त हो गई है। बारिश से पिंगलो गांव निवासी सुंदर नाथ गोस्वामी पुत्र पन नाथ गोस्वामी के घर के सामने की सुरक्षा दीवार ढह गयी। इससे मकान को खतरा बना है। संवाद
विधायक ने लिया बालीघाट-धरमघर सड़क का जायजा
कपकोट। कपकोट के विधायक बलवंत सिंह भौर्याल ने दुग नाकुरी तहसील के बालीघाट-धरमघर क्षतिग्रस्त सड़क का जायजा लिया। उडियार गांव की पानी की योजना ध्वस्त होने से गांव में पेयजल संकट पैदा हो गया है। उन्होंने मौके से ही संबंधित अधिकारियों को फोन कर सड़क में यातायात सुचारु करने के साथ ही पेयजल योजना की मरम्मत करने को कहा। वहां जिपं. सदस्य पूरन सिंह गढ़िया, प्रधान बिक्रम खाती, बहादुर खाती आदि थे। संवाद
सड़कों को दुरुस्त रखने के लिए करने होंगे ठोस इंतजाम:फर्स्वाण
बागेश्वर। कांग्रेस के प्रदेश महामंत्री कपकोट के पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण ने बालीघाट-धरमघर सड़क के साथ ही तमाम बंद सड़कों में यातायात बहाल करने के लिए तेजी से काम करने की मांग की है। उन्होंने बारिश से हुए नुकसान का जायजा लेकर प्रभावितों को राहत देने की मांग की है। कहा कि बरसात शुरू होने से पहले सड़कों को दुरुस्त रखने के लिए निकास नालियों को नहीं खोला गया है, जिससे सड़कों को नुकसान पहुंच रहा है। उन्होंने कहा कि सड़कों में यातायात बहाल करने के लिए प्रशासन को अतिरिक्त संसाधन लगाने होंगे। पानी की निकासी की व्यवस्था दुरुस्त रखनी होगी। अन्यथा लोग पूरे बरसात के सीजन में इस तरह की दिक्कतों का सामना करते रहेंगे। संवाद
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कपकोट क्षेत्र में मंगलवार शाम करीब पांच बजे से बारिश शुरू हुई। देर शाम कपकोट से कार से रीमा लौट रहे रीमा के प्रधान नरेंद्र कोहली, वड्यूड़ा के प्रधान कुंदन भारती और दो अन्य लोग जैसे ही बालीघाट-धरमघर सड़क के उडियार नामक स्थान पर पहुंचे तो यकायक कलवर्ट धंसने लगा। कलवर्ट धंसने की आहट मिलने पर यह चारों कार से निकल गए। देखते ही देखते कलवर्ट ध्वस्त हो गया और कार उसमें समा गई।
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कपकोट के पुड़कुनी में बारिश के दौरान डुंगर सिंह बघरी पुत्र चतुर सिंह बघरी का मकान ध्वस्त हो गया है। किसी प्रकार का जानमाल का नुकसान नहीं हुआ। बगल के भरत सिंह के मकान में दरार आ गई है। इधर किड़ई निवासी किशन राम पुत्र दीवान राम, कपकोट निवासी हरीश राम पुत्र हिम राम, गडेरा निवासी राकेश सिंह पुत्र भूपाल सिंह का मकान ध्वस्त हो गया। बौड़ी (काफलीगैर) निवासी अमर राम पुत्र जोगा राम और ओखलीसिरोद निवासी रमेश राम पुत्र जोगा राम के मकान को आंशिक क्षति पहुंची है। पनौरा गांव में प्रकाश राम, इंद्र प्रसाद ,तारा प्रसाद, आनंद राम, मदन राम के घरों में मलबा घुसने से सामान खराब हो गया। ग्राम प्रधान पुष्पा कपकोटी ने प्रशासन से पीड़ितों की मदद करने की मांग की है। कपकोट के नरगड़ा में शेर सिंह पुत्र बचे सिंह के मकान के आगे भूस्खलन होने से मकान खतरे की जद में आ गया है। उतरौड़ा के गोवर्धन जोशी और कांति बल्लभ जोशी के खेत मलबे से पट गए हैं।
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सरयू का जलस्तर चेतावनी लेबल के पास पहुंचा
बागेश्वर/गरुड़। तेज बारिश के कारण सरयू नदी का जलस्तर चेतावनी लेबल से पास पहुंच गया है। गोमती नदी भी उफान पर है। सरयू का जलस्तर बढ़ने से पुलिस ने नदी किनारे के लोगों को तट पर न आने की अपील की गई है। जलस्तर बढ़ने से सरयू के घाट जलमग्न हो गए हैं। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी शिखा सुयाल ने बताया कि बुधवार को सरयू का जलस्तर 868 मीटर और गोमती का जलस्तर 862 मीटर था। दोनों नदियों का चेतावनी लेबल 869 मीटर और खतरनाक लेबल 870.70 मीटर है। बैजनाथ बैराज का जलस्तर 1112.40 मीटर था। बैजनाथ बैराज से 365.55 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज हुआ। गरुड़ में बारिश से गोमती और गरुड़ गंगा का जल स्तर काफी बढ़ गया है। सुरक्षा की दृष्टि से सिंचाई विभाग ने बैजनाथ बैराज के सभी गेट खोल दिए है। बारिश से गरुड़ बिनातोली, गागरीगोल, गरुड़ देवानाई, मटे तिलसारी आदि मोटर मार्गों में जगह-जगह मलबा आ गया है।
बागेश्वर जिले में 18 सड़कें बंद, लोग परेशान
बागेश्वर। मलबा आने और भूस्खलन से जिले में 20 सड़कों पर यातायात बाधित हो गया था। दोपहर बाद दो सड़कों में यातायात सुचारु हो गया था। 18 सड़कों में यातायात अब भी बाधित है। इनमें से अधिकांश सड़कें ग्रामीण क्षेत्रों की हैं। सड़कों के बंद होने से लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। आपदा प्रबंधन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार लोनिवि कपकोट के अधीन आने वाली कपकोट-शामा-तेजम सड़क किमी 52 में कई मीटर हिस्से में बह गई है। बालीघाट-तेजम-धरमघर सड़क में किमी 38 में कलवर्ट ध्वस्त हो गायब है। बागेश्वर-कपकोट सड़क किमी 16 में मलबा गिरने से बंद हो गई। बालीघाट-दोफाड़, दुनी सुकंडा, भयूं-गडेरा, धरमघर-सनगाड़, शामा-लीती सड़क में भी मलबा गिरने से यातायात बाधित हो गया। कपकोट पीएमजीएसवाई डिवीजन के अधीन सूपी, शामा-नाकुरी, कपकोट-कर्मी, शामा-गोगिना, धरमघर-मजखेत, तोली, काफलीकमेरा सड़क बाधित है। पीएमजीएसवाई बागेश्वर के अधीन आने वाली धपोली-जेठाई, ब्रिडकुल के अधीन बागेश्वर-तिलसारी, वाप्कोस की चेटाबगड़ सड़क में यातायात ठप है। बताया गया है कि रिखाड़ी-बाछम, कपकोट-लीली, डंगोली-सैलानी, कमेड़ीदेवी-भैस्यूड़ी सड़क में भी यातायात बाधित हो गया।
भूस्खलन से सात मकानों के लिए खतरा
बागेश्वर/गरुड़। निर्माणाधीन खड़गेड़ा-ओखलधार सड़क में भूस्खलन से कई स्थानों पर सड़क बह गई है। वहीं भूस्खलन से ठालाइजर, द्योलाड़ी में सात मकानों के लिए खतरा पैदा हो गया है। भय में ग्रामीणों ने जागकर रात बिताई। बताया गया है कि भूस्खलन से गोपाल राम, भूपाल राम, नारायण राम, हरीश चंद्र, तिल राम, नारायण राम, मोहन राम के मकान खतरे की जद में आ गए हैं। प्रभावितों ने अधिकारियों को फोन से जानकारी देकर सुरक्षा की गुहार लगाई है। इधर पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त हो गई है। बारिश से पिंगलो गांव निवासी सुंदर नाथ गोस्वामी पुत्र पन नाथ गोस्वामी के घर के सामने की सुरक्षा दीवार ढह गयी। इससे मकान को खतरा बना है। संवाद
विधायक ने लिया बालीघाट-धरमघर सड़क का जायजा
कपकोट। कपकोट के विधायक बलवंत सिंह भौर्याल ने दुग नाकुरी तहसील के बालीघाट-धरमघर क्षतिग्रस्त सड़क का जायजा लिया। उडियार गांव की पानी की योजना ध्वस्त होने से गांव में पेयजल संकट पैदा हो गया है। उन्होंने मौके से ही संबंधित अधिकारियों को फोन कर सड़क में यातायात सुचारु करने के साथ ही पेयजल योजना की मरम्मत करने को कहा। वहां जिपं. सदस्य पूरन सिंह गढ़िया, प्रधान बिक्रम खाती, बहादुर खाती आदि थे। संवाद
सड़कों को दुरुस्त रखने के लिए करने होंगे ठोस इंतजाम:फर्स्वाण
बागेश्वर। कांग्रेस के प्रदेश महामंत्री कपकोट के पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण ने बालीघाट-धरमघर सड़क के साथ ही तमाम बंद सड़कों में यातायात बहाल करने के लिए तेजी से काम करने की मांग की है। उन्होंने बारिश से हुए नुकसान का जायजा लेकर प्रभावितों को राहत देने की मांग की है। कहा कि बरसात शुरू होने से पहले सड़कों को दुरुस्त रखने के लिए निकास नालियों को नहीं खोला गया है, जिससे सड़कों को नुकसान पहुंच रहा है। उन्होंने कहा कि सड़कों में यातायात बहाल करने के लिए प्रशासन को अतिरिक्त संसाधन लगाने होंगे। पानी की निकासी की व्यवस्था दुरुस्त रखनी होगी। अन्यथा लोग पूरे बरसात के सीजन में इस तरह की दिक्कतों का सामना करते रहेंगे। संवाद