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Bageshwar News: पूर्व सीएम हरीश रावत ने पौंसारी गांव में आपदा प्रभावितों का सुना दर्द

Wed, 03 Sep 2025 11:36 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर Updated Wed, 03 Sep 2025 11:36 PM IST
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Former CM Harish Rawat heard the pain of the disaster affected people in Paunsari village
बागेश्वर के पौंसारी गांव में आपदा  प्रभावितों का दर्द सुनते पूर्व सीएम हरीश रावत। संवाद
बागेश्वर। पूर्व सीएम हरीश रावत आपदा प्रभावित गांव पौंसारी पहुंचे। ग्रामीणों ने उन्हें अपना दर्द सुनाया। इस दौरान लोगों ने एक स्वर में विस्थापन की मांग उठाई। पूर्व सीएम ने सरकार से प्रभावित किसानों, मछली पालकों का लोन माफ करने और और जरूरी मदद जल्द मुहैया कराने को कहा है।
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बुधवार की शाम करीब पांच बजे जैसे ही पूर्व सीएम रावत पौंसारी पहुंचे, लोगों ने उन्हें घेर लिया। इस दौरान ग्रामीण विस्थापन की ही मांग करते रहे। ग्रामीणों का कहना था कि सुविधाएं तो धीरे-धीरे बहाल हो रही हैं, लेकिन डर बना हुआ है। जिस तरह से गांव में आपदा आई, उससे लोग भयभीत हैं। पूर्व सीएम ने उन्हें सरकार से बात कर जल्द विस्थापन कराने का आश्वासन दिया। इस दौरान पूर्व सीएम रावत खाईइजर तोक में जान गंवाने वालों के परिजनों को क्रियाकर्म के लिए हल्द्वानी जाने को मजबूर होने पर भी दुखी दिखे। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन को यहीं उचित व्यवस्था करनी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के मछली पालक, किसान, दुग्ध उत्पादकों को जो नुकसान हुआ है, उसकी भरपाई करते हुए उन्हेंं दोबारा रोजगार शुरू करने के लिए जल्द मदद की जानी चाहिए। पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण ने बताया कि पूर्व सीएम रावत ने नेटवर्क एरिया में आने के बाद सीएम पुष्कर सिंह धामी को फोन भी लगाया था, लेकिन बात नहीं हो सकी। इस मौके पर पूर्व जिपं अध्यक्ष हरीश ऐठानी, राजेंद्र टंगड़िया, कमलेश गढि़या समेत तमाम लोग मौजूद रहे।
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राहत शिविर पौंसारी शिफ्ट करने पर नाराजगी
पूर्व सीएम रावत ने राउमावि बैसानी से राहत शिविर हटाने और उसे राप्रावि पौंसारी में शिफ्ट करने पर नाराजगी जताई। कहा कि आपदा प्रभावित लोगों को 10-12 दिन के लिए बैसानी में ही शरण देनी चाहिए थी। जो स्कूल पहले ही आपदा में मलबे से भर गया था, वहां कैंप बनाना सुरक्षित नहीं है। अभी बारिश का खतरा टला नहीं है।
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बुधवार को भी चला खोजबीन का काम
पौंसारी गांव में लापता दो लोगों की खोजबीन के लिए बुधवार को भी अभियान चलाया गया। अब तक दोनों का पता नहीं चल सका है।

फोटो 03 बीजीएस 16 पी
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