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Bageshwar News: रात तक जलता रहा छतीना का जंगल
Tue, 07 Mar 2023 07:41 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
Updated Tue, 07 Mar 2023 07:41 AM IST
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बागेश्वर में छतीना के जंगल में लगी आग। संवाद
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बागेश्वर। छतीना कक्ष संख्या एक के जंगल में रविवार शाम आग लग गई जिसे वन विभाग के कर्मचारियों ने मशक्कत से आधी रात में काबू किया।
गरुड़, कपकोट, काफलीगैर, बागेश्वर के वनों में पिछले माह से आग लग रही है। इसी बीच रविवार शाम छतीना के जंगल में आग लग गई थी। स्थानीय लोगों ने घटना की सूचना वन विभाग को दी। रेंजर श्याम सिंह करायत के नेतृत्व में वन दरोगा हयात सिंह बिष्ट और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। कर्मचारियों के पहुंचने तक आग तेज होकर काफी क्षेत्र में फैल चुकी थी जिसे बुझाने के लिए कर्मचारियों को मशक्कत करनी पड़ी। रात करीब 11:30 बजे टीम ने आग पर काबू पाया। हालांकि तब तक जंगल का बड़ा हिस्सा आग की चपेट में आ गया था।
रेंजर करायत ने बताया कि होली के लिए कुछ लोग जंगलों में जाकर पार्टी कर रहे हैं। इनमें से कुछ लोग खाना पकाने, बीड़ी, सिगरेट जलाने के लिए आग का सहारा ले रहे हैं। इस कारण तेज हवा से फैल रही आग वनों को भी अपनी चपेट में ले रही है। इन अराजक तत्वों से वनों को बचाने के लिए पुलिस प्रशासन का सहयोग मांगा जा रहा है। विभाग की ओर से एसपी को पत्र भेजकर पुलिस की मदद मांगी जाएगी ताकि वनों को जलाने वालों को पकड़ा जा सके और उनके खिलाफ कार्रवाई हो सके।
बुलिबुबु के जंगल में लगी आग
गरुड़ (बागेश्वर)। बागेश्वर वन प्रभाग गढ़खेत रेंज में बलिबुबु के जंगल में सोमवार दोपहर आग लग गई। सूचना मिलते ही वन रेंजर हरीश खर्कवाल के साथ वन विभाग की टीम आग बुझाने के लिए मौके की ओर रवाना हो गई। रेंजर ने बताया कि वन कर्मियों ने आग नियंत्रित कर ली है। उन्होंने ग्रामीणों से जंगलों को बचाने, इनमें आग न लगाने और आरोपियों की गिरफ्तारी में सहयोग की अपील की है।
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ताड़ीखेत के सुदूरवर्ती पाखुड़ा वन पंचायत का जंगल धधका
रानीखेत (अल्मोड़ा)। गर्मियां शुरू होते ही क्षेत्र में दावानल की घटनाएं भी बढ़ने लगी हैं। रविवार को ताड़ीखेत विकासखंड के सुदूरवर्ती पाखुड़ा वन पंचायत का जंगल धूधू कर जल उठा। आग आबादी की तरफ बढ़ती देख स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई। फायर ब्रिगेड रानीखेत से मौके पर पहुंची। बाद में वन विभाग के कर्मचारी भी पहुंच गए। लगभग सात घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका।
पाखुड़ा के जंगल में रविवार को अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। पाखुड़ा निवासी एडवोकेट प्रीति गोस्वामी ने बताया कि उन्होंने वन विभाग को सूचना दी और वह अपने कर्मचारियों के साथ मिलकर आग बुझाने में जुट गईं लेकिन आग बढ़ती ही गई। आरोप है कि सूचना के बावजूद वन विभाग के कर्मचारी समय पर नहीं पहुंचे। प्रीति ने बताया कि उन्होंने अपने मित्र के माध्यम से कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत को अवगत कराया।
इसके बाद रात नौ बजे रेंज ऑफिसर के नेतृत्व में वन विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचे। रात करीब 11 बजे दमकल टीम के भी मौके पर पहुंचने के बाद आग पर काबू पाने की कोशिश की गई। प्रीति ने बताया कि आग बुझाने के लिए उन्होंने अपने स्टाॅक से पानी भी उपलब्ध कराया। सभी के प्रयासों से रात करीब 12 बजे आग पर काबू पाया जा सका। आग के कारण चारों तरफ धुंआ फैल रहा था, जिससे आंखों में जलन और सांस लेने में तक दिक्कतें हुई।
इधर रेंजर तापस मिश्रा ने बताया कि संबंधित इलाका उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं आता है। यह वन विभाग के सिविल सोयम का है। उन्होंने बताया कि वे रात साढ़े आठ बजे मौके पर पहुंच गए थे। इसके बाद उन्होंने फायर ब्रिगेड बुलाई। रात करीब साढ़े 11 बजे आग पर काबू पा लिया गया था। उन्होंने बताया कि आग उपराड़ी के जंगल से फैलते हुए पाखुड़ा तक पहुंची थी। आग बुझाने के लिए न तो वहां राजस्व उप निरीक्षक पहुंचे और ना ही किसी और ने सहयोग किया। प्रधान ने भी स्पष्ट मना कर दिया कि ग्रामीण नाप भूमि पर स्वयं आग लगा रहे हैं।
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गरुड़, कपकोट, काफलीगैर, बागेश्वर के वनों में पिछले माह से आग लग रही है। इसी बीच रविवार शाम छतीना के जंगल में आग लग गई थी। स्थानीय लोगों ने घटना की सूचना वन विभाग को दी। रेंजर श्याम सिंह करायत के नेतृत्व में वन दरोगा हयात सिंह बिष्ट और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। कर्मचारियों के पहुंचने तक आग तेज होकर काफी क्षेत्र में फैल चुकी थी जिसे बुझाने के लिए कर्मचारियों को मशक्कत करनी पड़ी। रात करीब 11:30 बजे टीम ने आग पर काबू पाया। हालांकि तब तक जंगल का बड़ा हिस्सा आग की चपेट में आ गया था।
रेंजर करायत ने बताया कि होली के लिए कुछ लोग जंगलों में जाकर पार्टी कर रहे हैं। इनमें से कुछ लोग खाना पकाने, बीड़ी, सिगरेट जलाने के लिए आग का सहारा ले रहे हैं। इस कारण तेज हवा से फैल रही आग वनों को भी अपनी चपेट में ले रही है। इन अराजक तत्वों से वनों को बचाने के लिए पुलिस प्रशासन का सहयोग मांगा जा रहा है। विभाग की ओर से एसपी को पत्र भेजकर पुलिस की मदद मांगी जाएगी ताकि वनों को जलाने वालों को पकड़ा जा सके और उनके खिलाफ कार्रवाई हो सके।
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बुलिबुबु के जंगल में लगी आग
गरुड़ (बागेश्वर)। बागेश्वर वन प्रभाग गढ़खेत रेंज में बलिबुबु के जंगल में सोमवार दोपहर आग लग गई। सूचना मिलते ही वन रेंजर हरीश खर्कवाल के साथ वन विभाग की टीम आग बुझाने के लिए मौके की ओर रवाना हो गई। रेंजर ने बताया कि वन कर्मियों ने आग नियंत्रित कर ली है। उन्होंने ग्रामीणों से जंगलों को बचाने, इनमें आग न लगाने और आरोपियों की गिरफ्तारी में सहयोग की अपील की है।
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ताड़ीखेत के सुदूरवर्ती पाखुड़ा वन पंचायत का जंगल धधका
रानीखेत (अल्मोड़ा)। गर्मियां शुरू होते ही क्षेत्र में दावानल की घटनाएं भी बढ़ने लगी हैं। रविवार को ताड़ीखेत विकासखंड के सुदूरवर्ती पाखुड़ा वन पंचायत का जंगल धूधू कर जल उठा। आग आबादी की तरफ बढ़ती देख स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई। फायर ब्रिगेड रानीखेत से मौके पर पहुंची। बाद में वन विभाग के कर्मचारी भी पहुंच गए। लगभग सात घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका।
पाखुड़ा के जंगल में रविवार को अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। पाखुड़ा निवासी एडवोकेट प्रीति गोस्वामी ने बताया कि उन्होंने वन विभाग को सूचना दी और वह अपने कर्मचारियों के साथ मिलकर आग बुझाने में जुट गईं लेकिन आग बढ़ती ही गई। आरोप है कि सूचना के बावजूद वन विभाग के कर्मचारी समय पर नहीं पहुंचे। प्रीति ने बताया कि उन्होंने अपने मित्र के माध्यम से कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत को अवगत कराया।
इसके बाद रात नौ बजे रेंज ऑफिसर के नेतृत्व में वन विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचे। रात करीब 11 बजे दमकल टीम के भी मौके पर पहुंचने के बाद आग पर काबू पाने की कोशिश की गई। प्रीति ने बताया कि आग बुझाने के लिए उन्होंने अपने स्टाॅक से पानी भी उपलब्ध कराया। सभी के प्रयासों से रात करीब 12 बजे आग पर काबू पाया जा सका। आग के कारण चारों तरफ धुंआ फैल रहा था, जिससे आंखों में जलन और सांस लेने में तक दिक्कतें हुई।
इधर रेंजर तापस मिश्रा ने बताया कि संबंधित इलाका उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं आता है। यह वन विभाग के सिविल सोयम का है। उन्होंने बताया कि वे रात साढ़े आठ बजे मौके पर पहुंच गए थे। इसके बाद उन्होंने फायर ब्रिगेड बुलाई। रात करीब साढ़े 11 बजे आग पर काबू पा लिया गया था। उन्होंने बताया कि आग उपराड़ी के जंगल से फैलते हुए पाखुड़ा तक पहुंची थी। आग बुझाने के लिए न तो वहां राजस्व उप निरीक्षक पहुंचे और ना ही किसी और ने सहयोग किया। प्रधान ने भी स्पष्ट मना कर दिया कि ग्रामीण नाप भूमि पर स्वयं आग लगा रहे हैं।